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पुलिस के खिलाफ रिपोर्ट कराएंगे रामू के परिवारीजन
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 12 Dec 2016 12:24 AM IST
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- फोटो : demo
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पुलिस की गोली से मारे गए युवक रामू के परिवारीजनों ने न्याय के लिए लखनऊ तक जाने की बात कही है। परिवार वालों का कहना है कि गोली चलाने वाले पुलिस वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। वह लोग इसके लिए आईजी, डीआईजी और पुलिस कप्तान से भी मिलेंगे।
फतेहपुर सीकरी निवासी युवक रामू की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रामू के भाई महेंद्र ने बताया कि उनका भाई सज्जन था। पुलिस जबरन उसे बदमाश साबित करने पर तुली हुई है। उनके भाई ने किसी के साथ लूट नहीं की। वह ऐसा काम कर ही नहीं सकता। महेंद्र ने बताया कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हो जाएगा वह लोग हिम्मत नहीं हारेंगे।
पहले आईजी, डीआईजी और पुलिस कप्तान से मिला जाएगा और उसके बाद जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री तक जाएंगे। न्याय के लिए हर दरवाजा खटखटाएंगे। परिवार वालों ने बताया कि वह मंगलवार को मथुरा आकर अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। जनप्रतिनिधियों से भी मदद मांगी जाएगी। उनके इस दुख में पूरी पब्लिक उनके साथ है।
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पुलिस अधिकारियों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही नहीं मिली
प्रभारी एसएसपी अरुण कुमार सिंह का कहना है कि उन्हें अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। लेकिन क्या एक्शन होगा इस पर सभी पुलिस अफसर खामोश हैं। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साबित हो गया है कि रामू को गोली पुलिस की ही लगी थी। उसके बाद भी अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की है।
पुलिस ने बड़ा अपराध किया है: पूर्व डीजीपी ब्रजलाल
पूर्व डीजीपी ब्रजलाल का कहना है कि पुलिस की हमेशा कोशिश रहती है कि अपराधी को जिंदा पकड़ा जाए। अब थैला छीनने की कोशिश करना कोई इतना बड़ा अपराध भी नहीं थी कि पुलिस गोली चला दे। चलिए गोली चलाने की स्थिति बन भी रही थी तो पैर में गोली मारी जाती। हाथ में मारते। सिर में गोली मारकर तो पुलिस वालों ने अपराध किया है। इस पूरे मामले की गंभीरता के साथ जांच होनी चाहिए। पुलिस की ट्रेनिंग में भी यह सिखाया जाता है कि अपराधी को मारने की बजाए पकड़ें।
ये है मामला
8 दिसंबर की रात कृष्णा नगर चौकी के अंतर्गत राधिका विहार कालोनी में लूट के प्रयास की घटना के दौरान एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई थी। युवक के सिर में गोली लगी थी। ये गोली उसी बोर की थी जो पुलिस इस्तेमाल करती है। पुलिस ने मृतक रामू (23) पुत्र प्रेम सिंह निवासी फतेहपुर सीकरी, आगरा को बदमाश बताया हालांकि उसके परिवारीजनों ने पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाया।
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फतेहपुर सीकरी निवासी युवक रामू की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रामू के भाई महेंद्र ने बताया कि उनका भाई सज्जन था। पुलिस जबरन उसे बदमाश साबित करने पर तुली हुई है। उनके भाई ने किसी के साथ लूट नहीं की। वह ऐसा काम कर ही नहीं सकता। महेंद्र ने बताया कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हो जाएगा वह लोग हिम्मत नहीं हारेंगे।
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पहले आईजी, डीआईजी और पुलिस कप्तान से मिला जाएगा और उसके बाद जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री तक जाएंगे। न्याय के लिए हर दरवाजा खटखटाएंगे। परिवार वालों ने बताया कि वह मंगलवार को मथुरा आकर अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। जनप्रतिनिधियों से भी मदद मांगी जाएगी। उनके इस दुख में पूरी पब्लिक उनके साथ है।
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पुलिस अधिकारियों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही नहीं मिली
प्रभारी एसएसपी अरुण कुमार सिंह का कहना है कि उन्हें अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। लेकिन क्या एक्शन होगा इस पर सभी पुलिस अफसर खामोश हैं। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साबित हो गया है कि रामू को गोली पुलिस की ही लगी थी। उसके बाद भी अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की है।
पुलिस ने बड़ा अपराध किया है: पूर्व डीजीपी ब्रजलाल
पूर्व डीजीपी ब्रजलाल का कहना है कि पुलिस की हमेशा कोशिश रहती है कि अपराधी को जिंदा पकड़ा जाए। अब थैला छीनने की कोशिश करना कोई इतना बड़ा अपराध भी नहीं थी कि पुलिस गोली चला दे। चलिए गोली चलाने की स्थिति बन भी रही थी तो पैर में गोली मारी जाती। हाथ में मारते। सिर में गोली मारकर तो पुलिस वालों ने अपराध किया है। इस पूरे मामले की गंभीरता के साथ जांच होनी चाहिए। पुलिस की ट्रेनिंग में भी यह सिखाया जाता है कि अपराधी को मारने की बजाए पकड़ें।
ये है मामला
8 दिसंबर की रात कृष्णा नगर चौकी के अंतर्गत राधिका विहार कालोनी में लूट के प्रयास की घटना के दौरान एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई थी। युवक के सिर में गोली लगी थी। ये गोली उसी बोर की थी जो पुलिस इस्तेमाल करती है। पुलिस ने मृतक रामू (23) पुत्र प्रेम सिंह निवासी फतेहपुर सीकरी, आगरा को बदमाश बताया हालांकि उसके परिवारीजनों ने पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाया।