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पॉलीटेक्निक पेपर लीक में एडीफाई का प्रिंसिपल, शिक्षक गिरफ्तार
अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 15 May 2016 12:15 AM IST
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पेपर लीक कराने वाले एडीफाई संस्थान मथुरा के प्रिंसिपल और सहायक केंद्र प्रभारी गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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पॉलीटेक्निक फर्स्ट ईयर के एप्लाइड फिजिक्स और गणित के पेपर लीक मामले में पुलिस ने फरह स्थित एडीफाई इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल और शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। छह अन्य भी हिरासत में हैं। मामले में लापरवाही के आरोपी पर्यवेक्षक को भी निलंबित कर दिया गया।
प्राविधिक शिक्षा परिषद की परीक्षा समिति की शनिवार को हुई बैठक के बाद प्रथम वर्ष एप्लाइड मैथ्स की परीक्षा भी स्थगित कर दी गई है। एडीफाई इंस्टीट्यूट आगरा के नामी कोचिंग सेंटर संचालक का है। आरोपी प्रिंसिपल और शिक्षक भी आगरा के रहने वाले हैं। प्राविधिक शिक्षा राज्य मंत्री फरीद महमूद किदवई ने दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
लखनऊ में शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्राविधिक शिक्षा परिषद के प्रमुख सचिव मुकुल सिंघल ने पेपर लीक होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात साढ़े नौ बजे मथुरा के शहजादपुर पौडी फराह स्थित एडीफाई पॉलीटेक्निक संस्थान के प्रिंसिपल सुशील कुमार गुप्ता ने प्राविधिक शिक्षा परिषद केसचिव एसके सिंह को फोन पर सूचना दी कि उनके यहां का सहायक परीक्षा केंद्र प्रभारी हृदेश सोलंकी एप्लाइड मैथ्स और एप्लाइड फिजिक्स का एक-एक पेपर लेकर फरार है।
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इस पर मथुरा के पीएमवी पॉलीटेक्निक के प्रिंसिपल एके पांडेय को जांच के लिए मौके पर भेजा गया। अपनी रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि दोनों विषयों के प्रश्नपत्र के बंडल की सील खुली हुई थी और एक-एक पेपर भी गायब था। इसके बाद फराह थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस ने आगरा के नटराजपुरम निवासी प्रिंसिपल सुशील गुप्ता और सहायक परीक्षा केंद्र प्रभारी हृदेश सोलंकी निवासी सेक्टर 6 डी आवास विकास कालोनी सिकंदरा आगरा को हिरासत में ले लिया है। परीक्षा केंद्र के स्थायी पर्यवेक्षक आरपी शुक्ला को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया। उनके स्थान पर राजकीय पॉलीटेक्निक टूंडला के प्रिंसिपल वीके मेहरोत्रा को नया स्थायी पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। परीक्षा की नई तिथियां बाद में घोषित की जाएंगी।
गौरतलब है कि पॉलीटेक्निक फर्स्ट ईयर एप्लाइड फिजिक्स का प्रश्नपत्र भी गुरुवार रात को ही लीक हो गया था। व्हाट्सएप पर पेपर वायरल होने के बाद प्राविधिक शिक्षा परिषद ने यह परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया और परीक्षा केंद्रों से प्रश्नपत्रों के सीलबंद लिफाफे लखनऊ वापस मंगाए थे।
मथुरा के डीएम राजेश कुमार और एसएसपी डा. राकेश सिंह ने बताया कि एडीफाई इंस्टीट्यूट का मालिक आगरा में विजय नगर का रहने वाला है और आगरा के संजय प्लेस स्थित प्रतिष्ठित कोचिंग सेंटर का संचालक भी है। अधिकारियों का मानना है कोचिंग के छात्रों को पेपर उपलब्ध कराने के लिए यह पेपर कालेज से लीक कराए गए हैं। इधर पुलिस ने एडीफाई इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल और शिक्षक के अलावा मामले में छह अन्य लोगों को भी पकड़ा है। इनमें कुछ छात्र भी हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी से पूछताछ की जाएगी।
सुशील ने लगाए सोलंकी पर आरोप
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद एडीफाई इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल सुशील गुप्ता ने पेपर लीक के आरोप हृदयेश सोलंकी पर मढ़ना शुरू कर दिया है। पुलिस पूछताछ में सुशील ने बताया कि वह एडीफाई इंस्टीट्यूट में मार्च 2014 से प्रिंसिपल है। वहीं हृदयेश सोलंकी अक्तूबर 2015 से बतौर शिक्षक तैनात है। सुशील का कहना है कि पालीटेक्निक परीक्षा के प्रश्नपत्र उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा परिषद से 14-15 अप्रैल 2016 को कालेज में आ गए थे। इसके बाद संबंधित अलमारी की चाबी गुम हो गई। सुशील का कहना है कि जब उसे प्रश्नपत्र लीक होने की जानकारी हुई तो कमरे गया। हृदयेश सोलंकी पहले से अलमारी के पास मौजूद था। सुशील का कहना है कि हृदयेश आगरा में पॉलीटेकिभनक के छात्रों को कोचिंग भी देता है। मामले में एसओ फरह ने बताया कि हृदयेश सोलंकी से मिले मोबाइल में छात्रों के भी नंबर मिले हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है। कुछ छात्रों ने परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र मिलना स्वीकार भी किया है।
आगे की परीक्षा के लिए बदला पूरा स्टाफ
एडीफाई पॉलीटेक्निक संस्थान से दो विषयों के पेपर लीक होने के बाद आगे की परीक्षाओं के लिए पूरा स्टाफ बदल दिया गया है। शनिवार को बदले हुए स्टाफ ने ही परीक्षा कराई।
एसटीएफ कर सकती है जांच
सिंघल ने बताया कि उन्होंने गृह विभाग से बात कर पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के लिए कहा है। माना जा रहा है यह मामला एसटीएफ को सौंपा जा सकता है। बीते साल पीसीएस परीक्षा में पेपर लीक होने की जांच भी एसटीएफ को सौंपी गई थी।
परीक्षा संचालन की बदलेगी व्यवस्था
मौजूदा व्यवस्था में परीक्षा शुरू होेने से कई दिन पहले परीक्षा केंद्र बने राजकीय और निजी संस्थानों को प्रश्नपत्रों के बंडल दे दिए जाते हैं। ऐसे में प्रश्नपत्रों की निगरानी न होने के कारण निजी संस्थान से ही पेपर लीक कर दिए गए। प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव एसके सिंह के अनुसार अगले साल से सभी परीक्षा केंद्रों को पेपर देने के बजाय राजकीय पॉलीटेक्निक को नोडल केंद्र बनाकर परीक्षा संचालित की जाएगी। इस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
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प्राविधिक शिक्षा परिषद की परीक्षा समिति की शनिवार को हुई बैठक के बाद प्रथम वर्ष एप्लाइड मैथ्स की परीक्षा भी स्थगित कर दी गई है। एडीफाई इंस्टीट्यूट आगरा के नामी कोचिंग सेंटर संचालक का है। आरोपी प्रिंसिपल और शिक्षक भी आगरा के रहने वाले हैं। प्राविधिक शिक्षा राज्य मंत्री फरीद महमूद किदवई ने दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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लखनऊ में शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्राविधिक शिक्षा परिषद के प्रमुख सचिव मुकुल सिंघल ने पेपर लीक होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात साढ़े नौ बजे मथुरा के शहजादपुर पौडी फराह स्थित एडीफाई पॉलीटेक्निक संस्थान के प्रिंसिपल सुशील कुमार गुप्ता ने प्राविधिक शिक्षा परिषद केसचिव एसके सिंह को फोन पर सूचना दी कि उनके यहां का सहायक परीक्षा केंद्र प्रभारी हृदेश सोलंकी एप्लाइड मैथ्स और एप्लाइड फिजिक्स का एक-एक पेपर लेकर फरार है।
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इस पर मथुरा के पीएमवी पॉलीटेक्निक के प्रिंसिपल एके पांडेय को जांच के लिए मौके पर भेजा गया। अपनी रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि दोनों विषयों के प्रश्नपत्र के बंडल की सील खुली हुई थी और एक-एक पेपर भी गायब था। इसके बाद फराह थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस ने आगरा के नटराजपुरम निवासी प्रिंसिपल सुशील गुप्ता और सहायक परीक्षा केंद्र प्रभारी हृदेश सोलंकी निवासी सेक्टर 6 डी आवास विकास कालोनी सिकंदरा आगरा को हिरासत में ले लिया है। परीक्षा केंद्र के स्थायी पर्यवेक्षक आरपी शुक्ला को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया। उनके स्थान पर राजकीय पॉलीटेक्निक टूंडला के प्रिंसिपल वीके मेहरोत्रा को नया स्थायी पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। परीक्षा की नई तिथियां बाद में घोषित की जाएंगी।
गौरतलब है कि पॉलीटेक्निक फर्स्ट ईयर एप्लाइड फिजिक्स का प्रश्नपत्र भी गुरुवार रात को ही लीक हो गया था। व्हाट्सएप पर पेपर वायरल होने के बाद प्राविधिक शिक्षा परिषद ने यह परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया और परीक्षा केंद्रों से प्रश्नपत्रों के सीलबंद लिफाफे लखनऊ वापस मंगाए थे।
मथुरा के डीएम राजेश कुमार और एसएसपी डा. राकेश सिंह ने बताया कि एडीफाई इंस्टीट्यूट का मालिक आगरा में विजय नगर का रहने वाला है और आगरा के संजय प्लेस स्थित प्रतिष्ठित कोचिंग सेंटर का संचालक भी है। अधिकारियों का मानना है कोचिंग के छात्रों को पेपर उपलब्ध कराने के लिए यह पेपर कालेज से लीक कराए गए हैं। इधर पुलिस ने एडीफाई इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल और शिक्षक के अलावा मामले में छह अन्य लोगों को भी पकड़ा है। इनमें कुछ छात्र भी हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी से पूछताछ की जाएगी।
सुशील ने लगाए सोलंकी पर आरोप
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद एडीफाई इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल सुशील गुप्ता ने पेपर लीक के आरोप हृदयेश सोलंकी पर मढ़ना शुरू कर दिया है। पुलिस पूछताछ में सुशील ने बताया कि वह एडीफाई इंस्टीट्यूट में मार्च 2014 से प्रिंसिपल है। वहीं हृदयेश सोलंकी अक्तूबर 2015 से बतौर शिक्षक तैनात है। सुशील का कहना है कि पालीटेक्निक परीक्षा के प्रश्नपत्र उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा परिषद से 14-15 अप्रैल 2016 को कालेज में आ गए थे। इसके बाद संबंधित अलमारी की चाबी गुम हो गई। सुशील का कहना है कि जब उसे प्रश्नपत्र लीक होने की जानकारी हुई तो कमरे गया। हृदयेश सोलंकी पहले से अलमारी के पास मौजूद था। सुशील का कहना है कि हृदयेश आगरा में पॉलीटेकिभनक के छात्रों को कोचिंग भी देता है। मामले में एसओ फरह ने बताया कि हृदयेश सोलंकी से मिले मोबाइल में छात्रों के भी नंबर मिले हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है। कुछ छात्रों ने परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र मिलना स्वीकार भी किया है।
आगे की परीक्षा के लिए बदला पूरा स्टाफ
एडीफाई पॉलीटेक्निक संस्थान से दो विषयों के पेपर लीक होने के बाद आगे की परीक्षाओं के लिए पूरा स्टाफ बदल दिया गया है। शनिवार को बदले हुए स्टाफ ने ही परीक्षा कराई।
एसटीएफ कर सकती है जांच
सिंघल ने बताया कि उन्होंने गृह विभाग से बात कर पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के लिए कहा है। माना जा रहा है यह मामला एसटीएफ को सौंपा जा सकता है। बीते साल पीसीएस परीक्षा में पेपर लीक होने की जांच भी एसटीएफ को सौंपी गई थी।
परीक्षा संचालन की बदलेगी व्यवस्था
मौजूदा व्यवस्था में परीक्षा शुरू होेने से कई दिन पहले परीक्षा केंद्र बने राजकीय और निजी संस्थानों को प्रश्नपत्रों के बंडल दे दिए जाते हैं। ऐसे में प्रश्नपत्रों की निगरानी न होने के कारण निजी संस्थान से ही पेपर लीक कर दिए गए। प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव एसके सिंह के अनुसार अगले साल से सभी परीक्षा केंद्रों को पेपर देने के बजाय राजकीय पॉलीटेक्निक को नोडल केंद्र बनाकर परीक्षा संचालित की जाएगी। इस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।