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नोएडा से आगरा तक ढूंढने पर भी नहीं मिलेगी पुलिस
मुथुरा
Updated Fri, 26 May 2017 12:06 AM IST
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- फोटो : google
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भगवान न करे कि यमुना एक्सप्रेस-वे पर सफर के दौरान किसी को पुलिस की जरूरत पड़े। क्योंकि नोएडा से आगरा तक पुलिस कहीं दिखती ही नहीं है। खंदौली, जेबर और मांट पर बनी पुलिस चौकियां खाली पड़ी रहती हैं। स्थिति यह है कि पेट्रोलिंग वाहन भी गायब हो चुके हैं। 165 किलोमीटर का यमुना एक्सप्रेसवे चार जनपदों की निगरानी में है। आगरा, मथुरा, अलीगढ़
और नोएडा। अगर इन जनपदों की पुलिस ड्यूटी चार्ट देखेंगे तो पता चलेगा कि एक्सप्रेसवे के किनारे वाले थाने से हर रोज एक दरोगा और चार सिपाही गश्त पर जा रहे हैं। थाने की जीडी में भी रवानगी एक्सप्रेसवे की हो होगी। लेकिन यह वहां मिलेंगे नहीं। अगर, कोई पहुंचेगा भी तो टोल पर थोड़ी बहुत देर बैठकर वापस लौट आएंगे। यमुना एक्सप्रेसवे पर पड़ने वाले तीनों
टोल पर पुलिस चौकियां बनी हुईं हैं। लेकिन किसी भी चौकी पर पुलिस वाले नहीं मिलते। रात के वक्त अगर किसी की गाड़ी खराब हो गई तो मदद की उम्मीद बेमानी ही साबित होगी। कुछ प्वाइंट पर हेल्पलाइन नंबर तो लिखे हुए हैं लेकिन उन्हें डायल करेंगे तो कभी मिलेंगे नहीं। सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं लेकिन आधे खराब पड़े हैं। सालों से किसी की चेकिंग ही नहीं की गई है।
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शिकार की तलाश में घूमता बाइक वाला गैंग
यमुना एक्सप्रेसवे पर इन दिनों बाइक वाले गैंग की दहशत है। इस गैंग के बदमाश रात के वक्त एक्सप्रेसवे पर शिकार की तलाश में घूमते हैं। अगर कहीं कोई गाड़ी खराब हो जाए या रुक जाए तो उसे लक्ष्य बनाते हैं। गाड़ियों में कील या शीशा डालकर पंक्चर कर देते हैं। गाड़ी रुकते ही उसे घेर लेते हैं और लूटपाट शुरू कर देते हैं। 15 मार्च को मथुरा में ही एक कारोबारी
परिवार को लूट लिया गया था। यह परिवार एक होटल से खाना खाकर लौट रहा था। कुछ गिरने की आवाज सुनकर गाड़ी रोकी तो बदमाशों ने घेर लिया। महिलाओं के जेवरात तक लूटकर ले गए थे। जेबर के पास भी 15 अप्रैल को बाइक वाले गैंग ने सड़क पर खराब खड़ी कार से लूटपाट कर ली थी। 20 मई को मांट क्षेत्र में भी बाइक सवार बदमाशों ने एक कार का पीछा किया था। चालक ने किसी तरह खुद को बचाया था।
एक्सप्रेसवे पर 8 गैंग दे रहे वारदातों को अंजाम
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक यमुना एक्सप्रेसवे पर यूं तो 20 से भी ज्यादा गैंग हैं लेकिन मौजूदा समय में 8 गैंग एक्टिव हैं। इनमें एक्सल गैंग, लिफाफा गैंग, बाइक वाला गैंग, लिफ्ट लेकर लूटपाट करने वाला गैंग, जहरखुरान, आटो लिफ्टर, पागल गैंग और बावरिया गिरोह। इस गिरोह के सदस्य जगह जगह वारदातें कर रहे हैं लेकिन पुलिस की पकड़ से दूर बने हुए हैं।
13 थाने हैं एक्सप्रेसवे पर
यमुना एक्सप्रेसवे पर 13 थाने हैं। जिनमें दनकौर, रघुपुरा, जेवर, टप्पल, नौहझील, सुरीर, मांट, राया, महावन, बलदेव, यमुनापार, खंदौली और एहतमातपुर।
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और नोएडा। अगर इन जनपदों की पुलिस ड्यूटी चार्ट देखेंगे तो पता चलेगा कि एक्सप्रेसवे के किनारे वाले थाने से हर रोज एक दरोगा और चार सिपाही गश्त पर जा रहे हैं। थाने की जीडी में भी रवानगी एक्सप्रेसवे की हो होगी। लेकिन यह वहां मिलेंगे नहीं। अगर, कोई पहुंचेगा भी तो टोल पर थोड़ी बहुत देर बैठकर वापस लौट आएंगे। यमुना एक्सप्रेसवे पर पड़ने वाले तीनों
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टोल पर पुलिस चौकियां बनी हुईं हैं। लेकिन किसी भी चौकी पर पुलिस वाले नहीं मिलते। रात के वक्त अगर किसी की गाड़ी खराब हो गई तो मदद की उम्मीद बेमानी ही साबित होगी। कुछ प्वाइंट पर हेल्पलाइन नंबर तो लिखे हुए हैं लेकिन उन्हें डायल करेंगे तो कभी मिलेंगे नहीं। सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं लेकिन आधे खराब पड़े हैं। सालों से किसी की चेकिंग ही नहीं की गई है।
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शिकार की तलाश में घूमता बाइक वाला गैंग
यमुना एक्सप्रेसवे पर इन दिनों बाइक वाले गैंग की दहशत है। इस गैंग के बदमाश रात के वक्त एक्सप्रेसवे पर शिकार की तलाश में घूमते हैं। अगर कहीं कोई गाड़ी खराब हो जाए या रुक जाए तो उसे लक्ष्य बनाते हैं। गाड़ियों में कील या शीशा डालकर पंक्चर कर देते हैं। गाड़ी रुकते ही उसे घेर लेते हैं और लूटपाट शुरू कर देते हैं। 15 मार्च को मथुरा में ही एक कारोबारी
परिवार को लूट लिया गया था। यह परिवार एक होटल से खाना खाकर लौट रहा था। कुछ गिरने की आवाज सुनकर गाड़ी रोकी तो बदमाशों ने घेर लिया। महिलाओं के जेवरात तक लूटकर ले गए थे। जेबर के पास भी 15 अप्रैल को बाइक वाले गैंग ने सड़क पर खराब खड़ी कार से लूटपाट कर ली थी। 20 मई को मांट क्षेत्र में भी बाइक सवार बदमाशों ने एक कार का पीछा किया था। चालक ने किसी तरह खुद को बचाया था।
एक्सप्रेसवे पर 8 गैंग दे रहे वारदातों को अंजाम
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक यमुना एक्सप्रेसवे पर यूं तो 20 से भी ज्यादा गैंग हैं लेकिन मौजूदा समय में 8 गैंग एक्टिव हैं। इनमें एक्सल गैंग, लिफाफा गैंग, बाइक वाला गैंग, लिफ्ट लेकर लूटपाट करने वाला गैंग, जहरखुरान, आटो लिफ्टर, पागल गैंग और बावरिया गिरोह। इस गिरोह के सदस्य जगह जगह वारदातें कर रहे हैं लेकिन पुलिस की पकड़ से दूर बने हुए हैं।
13 थाने हैं एक्सप्रेसवे पर
यमुना एक्सप्रेसवे पर 13 थाने हैं। जिनमें दनकौर, रघुपुरा, जेवर, टप्पल, नौहझील, सुरीर, मांट, राया, महावन, बलदेव, यमुनापार, खंदौली और एहतमातपुर।