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रेलवे में नौकरी को सुपारी देकर मरवा डाला भाई
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 10 Jan 2017 11:46 PM IST
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रेलवे गैंगमैन के हत्यारोपी
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रेलवे के गैंगमैन विष्णु का कत्ल छोटे भाई ने ही कराया था। भाई की नौकरी लेने के लिए पच्चीस हजार में उसकी जान का सौदा कर दिया। पुलिस ने आरोपी भाई और हत्यारे को गिरफ्तार करके वारदात का खुलासा कर दिया है।
ये सनसनीखेज कत्ल 6/7 दिसंबर की रात को जंक्शन के करीब इंजीनियरिंग विभाग के पास स्टोर में हुआ था। यहां चौकीदारी करते वक्त महेंद्र प्रताप नगर निवासी विष्णु प्रसाद (30) पुत्र गजाधर प्रसाद की हत्या की गई थी। उनको लोहे की राड से पीटकर मारा गया था।
मृतक के छोटे भाई कृष्णा प्रसाद ने जीआरपी में विष्णु प्रसाद के चंडीगढ़ निवासी ससुराल वालों के खिलाफ मुकदमा लिखाया था। लेकिन शुरुआत से इस नामजदगी पर पुलिस विश्वास नहीं कर रही थी। पुलिस ने परिवार वालों से पूछताछ करना शुरू किया।
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पुलिस की तफ्तीश को उस वक्त बल मिला जब पता चला कि विष्णु प्रसाद ने छोटे भाई कृष्णा को नौकरी में अपना नामिनी बना रखा था। कृष्णा की पत्नी पूनम से जब पूछताछ हुई तो उसने सारा राज खोल दिया।
पूनम ने पुलिस को बताया कि जिस दिन जेठ विष्णु प्रसाद की हत्या हुई थी उस दिन कृष्णा नशे में था और बड़बड़ा रहा था कि भाई का खेल खत्म कर दिया है। पूनम से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने विष्णु को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो वह इधर-उधर की बातें करता रहा मगर जब कड़ाई हुई तो टूट गया और पूरी घटना का खुलासा कर दिया।
सीओ रेलवे आरके गौतम ने बताया कि कृष्णा के मन में नौकरी का लालच आ गया था। उसे लगने लगा कि अगर भाई मर जाएगा तो उसे नौकरी मिल जाएगी। उसने स्टेशन पर घूमने वाले नशेड़ी गोपालदास निवासी टाटा नगर जमशेदपुर, झारखंड को अपने साथ मिला लिया। विष्णु की हत्या करने के लिए 25,000 रुपये तय कर लिए। गोपालदास के साथ एक अन्य नशेड़ी भी था। इन दोनों ने लोहे की राड से पीटकर उसकी हत्या कर दी थी।
एसओजी प्रभारी हरिओम सिंह ने कृष्णा को उसके घर से और गोपालदास को सर्कुलेटिंग एरिया में कार पार्किंग से पकड़ा। गोपालदास के पास से मृतक विष्णु का मोबाइल, सुपारी की रकम में से 10,080 रुपये बरामद किए गए हैं। एक अन्य युवक की तलाश की जा रही है।
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ये सनसनीखेज कत्ल 6/7 दिसंबर की रात को जंक्शन के करीब इंजीनियरिंग विभाग के पास स्टोर में हुआ था। यहां चौकीदारी करते वक्त महेंद्र प्रताप नगर निवासी विष्णु प्रसाद (30) पुत्र गजाधर प्रसाद की हत्या की गई थी। उनको लोहे की राड से पीटकर मारा गया था।
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मृतक के छोटे भाई कृष्णा प्रसाद ने जीआरपी में विष्णु प्रसाद के चंडीगढ़ निवासी ससुराल वालों के खिलाफ मुकदमा लिखाया था। लेकिन शुरुआत से इस नामजदगी पर पुलिस विश्वास नहीं कर रही थी। पुलिस ने परिवार वालों से पूछताछ करना शुरू किया।
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पुलिस की तफ्तीश को उस वक्त बल मिला जब पता चला कि विष्णु प्रसाद ने छोटे भाई कृष्णा को नौकरी में अपना नामिनी बना रखा था। कृष्णा की पत्नी पूनम से जब पूछताछ हुई तो उसने सारा राज खोल दिया।
पूनम ने पुलिस को बताया कि जिस दिन जेठ विष्णु प्रसाद की हत्या हुई थी उस दिन कृष्णा नशे में था और बड़बड़ा रहा था कि भाई का खेल खत्म कर दिया है। पूनम से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने विष्णु को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो वह इधर-उधर की बातें करता रहा मगर जब कड़ाई हुई तो टूट गया और पूरी घटना का खुलासा कर दिया।
सीओ रेलवे आरके गौतम ने बताया कि कृष्णा के मन में नौकरी का लालच आ गया था। उसे लगने लगा कि अगर भाई मर जाएगा तो उसे नौकरी मिल जाएगी। उसने स्टेशन पर घूमने वाले नशेड़ी गोपालदास निवासी टाटा नगर जमशेदपुर, झारखंड को अपने साथ मिला लिया। विष्णु की हत्या करने के लिए 25,000 रुपये तय कर लिए। गोपालदास के साथ एक अन्य नशेड़ी भी था। इन दोनों ने लोहे की राड से पीटकर उसकी हत्या कर दी थी।
एसओजी प्रभारी हरिओम सिंह ने कृष्णा को उसके घर से और गोपालदास को सर्कुलेटिंग एरिया में कार पार्किंग से पकड़ा। गोपालदास के पास से मृतक विष्णु का मोबाइल, सुपारी की रकम में से 10,080 रुपये बरामद किए गए हैं। एक अन्य युवक की तलाश की जा रही है।