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मामा की पिटाई से भांजे की मौत, हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो मथ्ाुरा
Updated Wed, 30 Mar 2016 11:57 PM IST
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पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ शव सड़क पर रखकर लगाया जाम
- फोटो : अमर उजाला
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जिस भाई ने राखी पर रक्षा का वचन दिया था उसी पर कलेजे के टुकड़े को पीट-पीट कर मार डालने का आरोप लगा है। होली के दिन मामा की पिटाई से घायल भांजे राहुल की उपचार के दौरान मौत हो गई। पूरे प्रकरण में पुलिस का रवैया इंसानियत को झकझोरने वाला रहा। पुलिस ने मामले में पीड़ित परिवार की महिलाओं से ही अभद्रता कर दी। इसके बाद राहुल के शव को सड़क पर रखकर लोगों ने जाम लगा दिया।
मूल रूप से गांव पवेसरा निवासी प्रहलाद सिंह लक्ष्मीनगर यमुनापार की रामनगर कालोनी में टंकी के निकट पालिका की जमीन पर झुग्गी बनाकर रहते हैं। प्रहलाद सिंह का बड़ा बेटा राहुल (24) पेट्रोल पंप के निकट चाट पकौड़ी की ढकेल लगाता था। पड़ोस में ही प्रहलाद सिंह का साला श्याम सिंह चौहान रहता है। वह एसी-फ्रिज की सर्विस का कार्य करता है। बताया गया है कि जीजा-साले में 24 मार्च धुलेंडी की रात को दो बजे जमीन पर कब्जे के चक्कर में मारपीट हो गई। होली पर श्याम सिंह के परिवार के सुभाष, दीपक, मनोज, रामदुलारी आए थे। आरोप है कि सभी ने प्रहलाद, राहुल, राहुल की मां ऊषा देवी, बहन गुड़िया और पूजा को पीटकर घायल कर दिया। इसमें राहुल गंभीर रूप से घायल हो गया था।
सूचना पर पहुंची लक्ष्मीनगर पुलिस ने प्रहलाद और श्याम सिंह को पकड़ लिया और दोनों ओर से एनसीआर दर्ज कर दोनों का केवल शांति भंग में चालान कर दिया। इधर गंभीर घायल राहुल को अस्पताल में भर्ती कराया। शांति भंग में चालान होने पर जमानत कराकर आए श्याम सिंह चौहान ने 25 मार्च को एक बार फिर से बहन के घर पर हमला किया और वहां मिली दोनों भांजियों की पिटाई कर डाली। किशोरियों ने पड़ोस में जाकर जान बचाई। शिकायत लेकर जब दोनों बहनें लक्ष्मीनगर चौकी गईं तो वहां महिला सिपाही और एचसीपी किताब सिंह ने उनसे अभद्रता कर दी और चौकी से भगा दिया। दूसरी ओर राहुल की हालत चिंताजनक होने पर पिता उसे उपचार के लिए चंडीगढ़ ले गए।
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28 मार्च को राहुल की मौत हो गई। चंडीगढ़ से शव मथुरा लाने के बाद 29 की देर रात को पीड़ित इस मामले में श्याम सिंह और उसके परिवारीजनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने गए तो पुलिस ने मामला गाय से एक्सीडेंट का बताते हुए टहला दिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इससे कुपित हुए परिवारीजनों ने बुधवार सुबह 10 बजे राहुल का शव लक्ष्मीनगर में स्टेट बैंक के सामने सड़क पर रख दिया। हत्या की रिपोर्ट और मुआवजे की मांग के लिए जाम लगा दिया। दो घंटे तक लगे जाम के दौरान कई बार उनकी यमुनापार, महावन, राया पुलिस से तीखी झड़प हुई। बाद में एसपी देहात अरुण कुमार मौके पर पहुंचे और पीड़ित से तहरीर लेकर आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। तब जाकर जाम खुला।
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मूल रूप से गांव पवेसरा निवासी प्रहलाद सिंह लक्ष्मीनगर यमुनापार की रामनगर कालोनी में टंकी के निकट पालिका की जमीन पर झुग्गी बनाकर रहते हैं। प्रहलाद सिंह का बड़ा बेटा राहुल (24) पेट्रोल पंप के निकट चाट पकौड़ी की ढकेल लगाता था। पड़ोस में ही प्रहलाद सिंह का साला श्याम सिंह चौहान रहता है। वह एसी-फ्रिज की सर्विस का कार्य करता है। बताया गया है कि जीजा-साले में 24 मार्च धुलेंडी की रात को दो बजे जमीन पर कब्जे के चक्कर में मारपीट हो गई। होली पर श्याम सिंह के परिवार के सुभाष, दीपक, मनोज, रामदुलारी आए थे। आरोप है कि सभी ने प्रहलाद, राहुल, राहुल की मां ऊषा देवी, बहन गुड़िया और पूजा को पीटकर घायल कर दिया। इसमें राहुल गंभीर रूप से घायल हो गया था।
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सूचना पर पहुंची लक्ष्मीनगर पुलिस ने प्रहलाद और श्याम सिंह को पकड़ लिया और दोनों ओर से एनसीआर दर्ज कर दोनों का केवल शांति भंग में चालान कर दिया। इधर गंभीर घायल राहुल को अस्पताल में भर्ती कराया। शांति भंग में चालान होने पर जमानत कराकर आए श्याम सिंह चौहान ने 25 मार्च को एक बार फिर से बहन के घर पर हमला किया और वहां मिली दोनों भांजियों की पिटाई कर डाली। किशोरियों ने पड़ोस में जाकर जान बचाई। शिकायत लेकर जब दोनों बहनें लक्ष्मीनगर चौकी गईं तो वहां महिला सिपाही और एचसीपी किताब सिंह ने उनसे अभद्रता कर दी और चौकी से भगा दिया। दूसरी ओर राहुल की हालत चिंताजनक होने पर पिता उसे उपचार के लिए चंडीगढ़ ले गए।
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28 मार्च को राहुल की मौत हो गई। चंडीगढ़ से शव मथुरा लाने के बाद 29 की देर रात को पीड़ित इस मामले में श्याम सिंह और उसके परिवारीजनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने गए तो पुलिस ने मामला गाय से एक्सीडेंट का बताते हुए टहला दिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इससे कुपित हुए परिवारीजनों ने बुधवार सुबह 10 बजे राहुल का शव लक्ष्मीनगर में स्टेट बैंक के सामने सड़क पर रख दिया। हत्या की रिपोर्ट और मुआवजे की मांग के लिए जाम लगा दिया। दो घंटे तक लगे जाम के दौरान कई बार उनकी यमुनापार, महावन, राया पुलिस से तीखी झड़प हुई। बाद में एसपी देहात अरुण कुमार मौके पर पहुंचे और पीड़ित से तहरीर लेकर आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। तब जाकर जाम खुला।