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बैरक नंबर-9 में रातभर करवट बदलता रहा माफिया
अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 27 Mar 2017 10:53 PM IST
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100 करोड़ की तेल चोरी के मुख्य आरोपी मनोज गोयल
- फोटो : अमर उजाला
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100 करोड़ की तेल चोरी में जेल गया मनोज गोयल रातभर बेचैन रहा। बैरक संख्या 9 में करवटें बदलने में ही उसकी रात बीती। सुबह को जेल अफसरों से कहा भी कि मच्छरों ने सोने नहीं दिया।
मथुरा रिफाइनरी से जालंधरको जाने वाली पाइप लाइन में सेंधमारी करके करीब 100 करोड़ रुपये का तेल चोरी कर लिया गया था। 18 फरवरी को इस बड़ी तेल चोरी का खुलासा हुआ था। मामले में तेल व्यवसायी आगरा के नेहरू नगर निवासी मनोज गोयल को मुख्य अभियुक्त बनाया गया। पुलिस ने उसे मथुरा में हाईवे पर भरतपुर तिराहे से गिरफ्तार करके रविवार को जेल भेज दिया था।
मनोज गोयल की रात जेल की बैरक संख्या 9 में कटी। बीस दिनों तक मनोज को इसी बैरक में रहना होगा। जेल अफसरों का कहना है कि मनोज बेचैन था। सुबह को सात बजे जब जेल का निरीक्षण शुरू हुआ तो मनोज टहल रहा था। जब उससे पूछा गया तो कहने लगा कि मच्छरों ने बिलकुल सोने नहीं दिया है। वह रातभर जागता रहा। उसने रात को खाना भी कम ही खाया। सुबह को जो खाने में दिया गया वह भी थोड़ा ही लिया। पहले दिन मनोज से कोई मुलाकात करने के लिए नहीं पहुंचा।
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पुलिस जांच के नाम पर भी बस खानापूरी
तेल माफिया और रिफाइनरी स्टाफ के बीच के संबंधों की जांच के नाम पर भी बस खानापूरी की जा रही है। शुरुआत में पुलिस कप्तान मोहित गुप्ता ने कहा था कि रिफाइनरी के स्टाफ की मिलीभगत न हो ये संभव नहीं है। वो इस पूरे मामले की जांच करा रहे हैं। लेकिन जांच के नाम पर अधिकारी केवल खानापूरी कर रहे हैं। अभी तक रिफाइनरी के किसी कर्मचारी या अधिकारी के बयान नहीं लिए गए हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय भी गंभीर नहीं
सौ करोड़ की तेल चोरी जैसे मामले में भी पेट्रोलियम मंत्रालय गंभीर नहीं है। आईओसी की विजिलेंस ने कुछ दिन रिफाइनरी में जरूर रिकार्ड चेक किए लेकिन उसके बाद सब खामोश हो गए। जांच में क्या हुआ ये भी कोई बताने के लिए तैयार नहीं है।
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मथुरा रिफाइनरी से जालंधरको जाने वाली पाइप लाइन में सेंधमारी करके करीब 100 करोड़ रुपये का तेल चोरी कर लिया गया था। 18 फरवरी को इस बड़ी तेल चोरी का खुलासा हुआ था। मामले में तेल व्यवसायी आगरा के नेहरू नगर निवासी मनोज गोयल को मुख्य अभियुक्त बनाया गया। पुलिस ने उसे मथुरा में हाईवे पर भरतपुर तिराहे से गिरफ्तार करके रविवार को जेल भेज दिया था।
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मनोज गोयल की रात जेल की बैरक संख्या 9 में कटी। बीस दिनों तक मनोज को इसी बैरक में रहना होगा। जेल अफसरों का कहना है कि मनोज बेचैन था। सुबह को सात बजे जब जेल का निरीक्षण शुरू हुआ तो मनोज टहल रहा था। जब उससे पूछा गया तो कहने लगा कि मच्छरों ने बिलकुल सोने नहीं दिया है। वह रातभर जागता रहा। उसने रात को खाना भी कम ही खाया। सुबह को जो खाने में दिया गया वह भी थोड़ा ही लिया। पहले दिन मनोज से कोई मुलाकात करने के लिए नहीं पहुंचा।
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पुलिस जांच के नाम पर भी बस खानापूरी
तेल माफिया और रिफाइनरी स्टाफ के बीच के संबंधों की जांच के नाम पर भी बस खानापूरी की जा रही है। शुरुआत में पुलिस कप्तान मोहित गुप्ता ने कहा था कि रिफाइनरी के स्टाफ की मिलीभगत न हो ये संभव नहीं है। वो इस पूरे मामले की जांच करा रहे हैं। लेकिन जांच के नाम पर अधिकारी केवल खानापूरी कर रहे हैं। अभी तक रिफाइनरी के किसी कर्मचारी या अधिकारी के बयान नहीं लिए गए हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय भी गंभीर नहीं
सौ करोड़ की तेल चोरी जैसे मामले में भी पेट्रोलियम मंत्रालय गंभीर नहीं है। आईओसी की विजिलेंस ने कुछ दिन रिफाइनरी में जरूर रिकार्ड चेक किए लेकिन उसके बाद सब खामोश हो गए। जांच में क्या हुआ ये भी कोई बताने के लिए तैयार नहीं है।