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हिरासत में पिटाई से मौत का आरोप, हंगामा
अमर उजाला वृंदावन
Updated Thu, 07 Apr 2016 11:17 PM IST
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हिरासत में पिटाई से मौत का आरोप, हंगामा
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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हिरासत में पिटाई से मौत के आरोपों पर गुस्साई भीड़ ने नगर पालिका चौराहे पर जाम लगा दिया, हंगामा किया। शव को सड़क पर रखकर लोग दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। करीब घंटे भर के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने लाठियां फटकारीं और भीड़ को तितर-बितर कर दिया। लोग फिर एकत्रित होने लगे। इसी बीच मृतक के बेटे ने अपने पड़ोसियों के खिलाफ तहरीर दे दी। इसके बाद हंगामा शांत हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया।
पानीघाट क्षेत्र के ज्ञानी की बगीची के पास रहने वाले राजपाल यादव (55) की गुरुवार सुबह करीब सात बजे सौ शैया अस्पताल में मौत हो गई थी। परिवारीजन और आसपास के लोग राजपाल के शव को टेंपो में रखकर नगर पालिका चौराहे पर ले आए। यहां मौत के लिए पुलिस हिरासत में पिटाई का आरोप लगाते हुए शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।
मृतक के बेटे अर्जुन का कहना था कि उनके पिता ने पड़ोस में रहने वाले दयाशंकर, सोनू, नरेश और गीता के गोवंश की तस्करी करने के संबंध में शिकायत की थी।
एक अप्रैल को पुलिस पहुंची और उनके पिता को ही बंदूकों की बट और डंडों से मारती हुई गाड़ी में डालकर कोतवाली ले गई। अर्जुन ने आरोप लगाया कि दो दिन तक कोतवाली में पिता को टार्चर किया गया। तीन अप्रैल को उनको छोड़ा। पुलिस की पिटाई से उनके शरीर में अंदरूनी चोटें थीं। हालत बिगड़ने पर उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से सौ शैया अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
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मौके पर बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोगों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। लगभग एक घंटे जाम लगा रहा। प्रदर्शन करते लोगों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। एक घंटे बाद पुलिस ने भीड़ को लाठियां भांजकर तितर-बितर कर दिया।
लोग फिर जमा होने लगे। वह गुस्से में थे और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के लिए अड़े थे। दोपहर के बाद बताया गया कि मृतक के बेटे अर्जुन ने मामले में पड़ोसियों दयाशंकर, सोनू, नरेश और गीता के खिलाफ तहरीर दी है। लोगों ने आरोप लगाया कि अर्जुन को कुछ लोग कोतवाली ले गए थे जहां उस पर दबाव बनाकर ये तहरीर दिलवाई गई। लेकिन इसके बाद हंगामा थम गया और मौके से भीड़ छंट गई।
राजपाल की मौत के कारणों की जांच की जा रही है। इस मामले में अगर पुलिसकर्मी दोषी होंगे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। मुआवजे के बारे में अधिकारियों से वार्ता की जा रही है।
-आरके गौतम, सीओ सदर
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पानीघाट क्षेत्र के ज्ञानी की बगीची के पास रहने वाले राजपाल यादव (55) की गुरुवार सुबह करीब सात बजे सौ शैया अस्पताल में मौत हो गई थी। परिवारीजन और आसपास के लोग राजपाल के शव को टेंपो में रखकर नगर पालिका चौराहे पर ले आए। यहां मौत के लिए पुलिस हिरासत में पिटाई का आरोप लगाते हुए शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।
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मृतक के बेटे अर्जुन का कहना था कि उनके पिता ने पड़ोस में रहने वाले दयाशंकर, सोनू, नरेश और गीता के गोवंश की तस्करी करने के संबंध में शिकायत की थी।
एक अप्रैल को पुलिस पहुंची और उनके पिता को ही बंदूकों की बट और डंडों से मारती हुई गाड़ी में डालकर कोतवाली ले गई। अर्जुन ने आरोप लगाया कि दो दिन तक कोतवाली में पिता को टार्चर किया गया। तीन अप्रैल को उनको छोड़ा। पुलिस की पिटाई से उनके शरीर में अंदरूनी चोटें थीं। हालत बिगड़ने पर उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से सौ शैया अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
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मौके पर बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोगों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। लगभग एक घंटे जाम लगा रहा। प्रदर्शन करते लोगों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। एक घंटे बाद पुलिस ने भीड़ को लाठियां भांजकर तितर-बितर कर दिया।
लोग फिर जमा होने लगे। वह गुस्से में थे और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के लिए अड़े थे। दोपहर के बाद बताया गया कि मृतक के बेटे अर्जुन ने मामले में पड़ोसियों दयाशंकर, सोनू, नरेश और गीता के खिलाफ तहरीर दी है। लोगों ने आरोप लगाया कि अर्जुन को कुछ लोग कोतवाली ले गए थे जहां उस पर दबाव बनाकर ये तहरीर दिलवाई गई। लेकिन इसके बाद हंगामा थम गया और मौके से भीड़ छंट गई।
राजपाल की मौत के कारणों की जांच की जा रही है। इस मामले में अगर पुलिसकर्मी दोषी होंगे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। मुआवजे के बारे में अधिकारियों से वार्ता की जा रही है।
-आरके गौतम, सीओ सदर