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स्कूली बच्चों संग धरना देने पर चार के खिलाफ एफआईआर
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Fri, 24 Feb 2017 12:11 AM IST
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पुिललिस से नाोकझाोक करती बािलका
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शिशु सदन में झुलसी पांच साल की मासूम के लिए गुरुवार को महर्षि दयानंद सरस्वती विद्या मंदिर राल के बच्चे सड़क पर उतर आए। बच्चों ने महर्षि दयानंद जिला अस्पताल के सामने करीब आधा घंटे बैठकर सड़क को जाम कर दिया।
यहां बच्चे झुलसी हुई बच्ची के उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारे लगा रहे थे। मामले में स्कूल प्रबंधक सहित चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। बच्चों के धरने में पहुंचने में पर बीएसए को भी नोटिस दिया गया है।
बता दें कि सिविल लाइन क्षेत्र स्थित राजकीय शिशु सदन में 17 फरवरी को पांच साल की सविता गर्म पानी से झुलस गई थी। उसके इलाज में लापरवाही पर शिशु सदन की अधीक्षक और दो नर्स को सस्पेंड किया जा चुका है।
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फिलहाल बच्ची का इलाज जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में चल रहा है। गुरुवार को दोपहर 12 बजे महर्षि दयानंद सरस्वती विद्या मंदिर राल के बच्चे और शिक्षिक जिला अस्पताल पहुंचे। यहां बर्न वार्ड में भर्ती सविता (05) से मिलने जाने लगे तो चिकित्सकों ने वार्ड में इन्फेक्शन फैलने की बात कहते हुए सभी को एक साथ जाने से रोक दिया।
इसी बात पर स्कूल प्रबंधक अशोक और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. अनूप अंबेश के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। बाद में स्कूली बच्चों और शिक्षिकाओं ने अस्पताल के सामने मथुरा-आगरा रोड जाम कर दिया। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई।
सूचना पर पहुंचे नगर मजिस्ट्रेट रामअरज यादव और पुलिस के अधिकारियों ने बच्चों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। इस पर पुलिस ने स्कूल प्रबंधक अशोक आर्य को हिरासत में ले लिया। इस पर स्कूली बच्चे एसएसपी आवास के निकट सड़क पर बैठ गए। बाद में उन्हें हटाया गया।
प्रशासन का कहना है कि स्कूली बच्चों को लेकर स्कूल प्रबंधक अशोक शर्मा व अन्य गुरुवार को जिला अस्पताल आए थे। उन्होंने जबरन बर्न वार्ड में घुसने का प्रयास किया और फिर अस्पताल के अफसरों से अभद्रता की।
इसके बाद प्रबंधक अशोक शर्मा, एकाउंटेंट धनंजय तिवारी, दाऊदयाल, ठाकुर गिरेंद्र सिंह आदि छोटे-छोटे बच्चों को लेकर सड़क पर धरना देने बैठ गए। इस दौरान स्कूली बच्चे पुलिस को देख रोने लगे।
मामले में नगर मजिस्ट्रेट रामअरज यादव ने स्कूल प्रबंधक सहित चार लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, चिकित्सा अफसरों से अभद्रता सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं बच्चों के धरने में पहुंचने को लेकर बीएसए से जवाब मांगा है।
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो जब जिला अस्पताल के सामने जाम लग रहा था तो इस आंदोलन में शामिल छोटी-छोटी बच्चियां रो रहीं थी। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और अपनी शिक्षिकाओं व शिक्षकों की पुलिस से नोंकझोंक देख छोटे-छोटे बच्चे घबरा गए। मीडियाकर्मियों को देखकर भाव भंगिमा बदल गई। आवाजों के स्वर ऊंचे हो गए। इस नेतागिरी में छोटे-छोटे बच्चे और घबरा गए।
यहां बच्चे झुलसी हुई बच्ची के उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारे लगा रहे थे। मामले में स्कूल प्रबंधक सहित चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। बच्चों के धरने में पहुंचने में पर बीएसए को भी नोटिस दिया गया है।
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बता दें कि सिविल लाइन क्षेत्र स्थित राजकीय शिशु सदन में 17 फरवरी को पांच साल की सविता गर्म पानी से झुलस गई थी। उसके इलाज में लापरवाही पर शिशु सदन की अधीक्षक और दो नर्स को सस्पेंड किया जा चुका है।
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फिलहाल बच्ची का इलाज जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में चल रहा है। गुरुवार को दोपहर 12 बजे महर्षि दयानंद सरस्वती विद्या मंदिर राल के बच्चे और शिक्षिक जिला अस्पताल पहुंचे। यहां बर्न वार्ड में भर्ती सविता (05) से मिलने जाने लगे तो चिकित्सकों ने वार्ड में इन्फेक्शन फैलने की बात कहते हुए सभी को एक साथ जाने से रोक दिया।
इसी बात पर स्कूल प्रबंधक अशोक और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. अनूप अंबेश के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। बाद में स्कूली बच्चों और शिक्षिकाओं ने अस्पताल के सामने मथुरा-आगरा रोड जाम कर दिया। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई।
सूचना पर पहुंचे नगर मजिस्ट्रेट रामअरज यादव और पुलिस के अधिकारियों ने बच्चों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। इस पर पुलिस ने स्कूल प्रबंधक अशोक आर्य को हिरासत में ले लिया। इस पर स्कूली बच्चे एसएसपी आवास के निकट सड़क पर बैठ गए। बाद में उन्हें हटाया गया।
प्रशासन का कहना है कि स्कूली बच्चों को लेकर स्कूल प्रबंधक अशोक शर्मा व अन्य गुरुवार को जिला अस्पताल आए थे। उन्होंने जबरन बर्न वार्ड में घुसने का प्रयास किया और फिर अस्पताल के अफसरों से अभद्रता की।
इसके बाद प्रबंधक अशोक शर्मा, एकाउंटेंट धनंजय तिवारी, दाऊदयाल, ठाकुर गिरेंद्र सिंह आदि छोटे-छोटे बच्चों को लेकर सड़क पर धरना देने बैठ गए। इस दौरान स्कूली बच्चे पुलिस को देख रोने लगे।
मामले में नगर मजिस्ट्रेट रामअरज यादव ने स्कूल प्रबंधक सहित चार लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, चिकित्सा अफसरों से अभद्रता सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं बच्चों के धरने में पहुंचने को लेकर बीएसए से जवाब मांगा है।
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो जब जिला अस्पताल के सामने जाम लग रहा था तो इस आंदोलन में शामिल छोटी-छोटी बच्चियां रो रहीं थी। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और अपनी शिक्षिकाओं व शिक्षकों की पुलिस से नोंकझोंक देख छोटे-छोटे बच्चे घबरा गए। मीडियाकर्मियों को देखकर भाव भंगिमा बदल गई। आवाजों के स्वर ऊंचे हो गए। इस नेतागिरी में छोटे-छोटे बच्चे और घबरा गए।