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बांकेबिहारी सेवा संस्थान के खिलाफ जांच में भी हुई गड़बड़ी
ब्यूरो अमर उजाला म्ाथ्ाुरा
Updated Sun, 04 Jan 2015 12:02 AM IST
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राजस्थान, मथुरा और आगरा के करीब 12 मरीजों की आंख की रोशनी छीनने के आरोपी बांकेबिहारी सेवा संस्थान पर इससे पहले भी मरीजों के साथ धोखा करने का इल्जाम लग चुका है। तब भी इसके कैंप में गलत ढंग से आपरेशन की शिकायत हुई थी। हद तो यह है कि इसकी जांच तक में लीपापोती की गई थी। फिलहाल संस्थान का कार्यालय बंद है और इसके कर्ताधर्ता भूमिगत हो गए हैं।
पता चला है कि, कुछ समय पहले कैंप में गलत ढंग से आपरेशन की शिकायत पर जांच के लिए सीएमओ ने नेत्र परीक्षण सहायक पीडी गौतम को नियुक्त किया था। सही ढंग से जांच न होने पर सीएमओ ने गौतम को सस्पेंड कर दिया। मथुरा के सेहत महकमे के मुताबिक पीडी गौतम नाम का कोई डाक्टर उनके यहां पंजीकृत नहीं है। एक जैसे नाम से यह भी संदेह खड़ा हो गया है कि आपरेशन कहीं इसी गौतम ने तो नहीं किया। कोशिशों के बाद भी निलंबित चल रहे नेत्र सहायक से संपर्क नहीं हो सका।
पीड़ितों को फंसाने की चला दांव
फौरन सिंह के भतीजे सुरेश यादव ने बताया कि कैंप में मिले नंबर पर आंखों की तकलीफ की शिकायत के बाद दो-तीन अलग नंबराें से उनके पास फोन आए। काल करने वाले ने मुंह बंद रखने की धमकी दी। यही नहीं, उसने सपा जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव को फोन कर उन्हें सुरेश का फोन नंबर देते हुए बताया कि यह व्यक्ति खुद को रामसहाय बता उससे चार लाख रुपये की मांग कर रहा है। सपा नेता की खोजबीन में हकीकत सामने आई। उन्होंने कथित डाक्टर की कमिश्नर और मुख्यमंत्री से भी शिकायत की है।
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एक्सपायर्ड दवाएं दी
फौरन सिंह के बेटे मुल्तान सिंह ने बताया कि आंखों में दर्द और रोशनी न आने पर उन्होंने पिता को एसएन मेडिकल कालेज में दिखाया। वहां बताया गया कि उनकी आंख में अब रोशनी नहीं लौट सकती। कैंप में मिली दवाएं दिखाई तो चिकित्सकों ने उन्हें एक्सपायर्ड बताया।
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पता चला है कि, कुछ समय पहले कैंप में गलत ढंग से आपरेशन की शिकायत पर जांच के लिए सीएमओ ने नेत्र परीक्षण सहायक पीडी गौतम को नियुक्त किया था। सही ढंग से जांच न होने पर सीएमओ ने गौतम को सस्पेंड कर दिया। मथुरा के सेहत महकमे के मुताबिक पीडी गौतम नाम का कोई डाक्टर उनके यहां पंजीकृत नहीं है। एक जैसे नाम से यह भी संदेह खड़ा हो गया है कि आपरेशन कहीं इसी गौतम ने तो नहीं किया। कोशिशों के बाद भी निलंबित चल रहे नेत्र सहायक से संपर्क नहीं हो सका।
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पीड़ितों को फंसाने की चला दांव
फौरन सिंह के भतीजे सुरेश यादव ने बताया कि कैंप में मिले नंबर पर आंखों की तकलीफ की शिकायत के बाद दो-तीन अलग नंबराें से उनके पास फोन आए। काल करने वाले ने मुंह बंद रखने की धमकी दी। यही नहीं, उसने सपा जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव को फोन कर उन्हें सुरेश का फोन नंबर देते हुए बताया कि यह व्यक्ति खुद को रामसहाय बता उससे चार लाख रुपये की मांग कर रहा है। सपा नेता की खोजबीन में हकीकत सामने आई। उन्होंने कथित डाक्टर की कमिश्नर और मुख्यमंत्री से भी शिकायत की है।
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एक्सपायर्ड दवाएं दी
फौरन सिंह के बेटे मुल्तान सिंह ने बताया कि आंखों में दर्द और रोशनी न आने पर उन्होंने पिता को एसएन मेडिकल कालेज में दिखाया। वहां बताया गया कि उनकी आंख में अब रोशनी नहीं लौट सकती। कैंप में मिली दवाएं दिखाई तो चिकित्सकों ने उन्हें एक्सपायर्ड बताया।