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जवाहरबाग हिंसा की जांच में पुलिस अफसर लखनऊ तलब
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 07 Nov 2016 12:07 AM IST
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जवाहर बाग
- फोटो : अमर उजाला
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जवाहरबाग हिंसा की जांच करने वाली पुलिस टीम और अधिकारियों को लखनऊ तलब किया गया है। पुलिस कप्तान के साथ क्राइम ब्रांच की पूरी टीम और विवेचक लखनऊ पहुंच गए हैं। डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह इस केस से संबंधित एक-एक दस्तावेज को पढ़ेंगे।
जवाहरबाग में 2 जून को हुई हिंसा की जांच कर रहे न्यायिक आयोग का कार्यकाल 31 मार्च, 2017 तक बढ़ने के बाद अब पुलिस की जांच रिपोर्ट के पन्ने दोबारा से पलटे जाएंगे। प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी ने हिंसा की जांच करने वाली पुलिस टीम को लखनऊ बुला लिया है। 7 नवंबर को डीजीपी के समक्ष इन अफसरों को पेश होना है।
एसएसपी मोहित गुप्ता ने बताया कि जांच से संबंधित सभी दस्तावेज मंगवाए गए हैं। अफसरों को क्यों बुलाया गया है इसकी जानकारी किसी को नहीं है। हालांकि अधिकारी भले ही इसे एक रुटीन की प्रक्रिया बता रहे हैं लेकिन पुलिस के दफ्तरों में जिस तरह से हड़कंप मचा रहा वह कुछ और ही इशारा कर रहा था। पुलिस अधिकारी सारा दिन मीटिंग करके जवाहरबाग हिंसा को लेकर जानकारी करते रहे। एक-एक बिंदु से अपडेट हुए।
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अब तक की प्रोग्रेस चेक होगी: आईजी
आईजी सुजीत पांडेय से जब पूछा गया तो उनका कहना था कि दरअसल जवाहरबाग हिंसा को लेकर जो अब तक की जांच हुई है उसकी प्रोग्रेस आला अधिकारी जानना चाह रहे होंगे। विवेचक बुलाए गए हैं। कुछ अधिकारी भी कॉल किए गए हैं। लखनऊ बुलाए जाने की बात उनकी जानकारी में है।
शहीद मुकुल द्विवेदी के भाई कर रहे कार्रवाई की मांग
जवाहरबाग हिंसा में शहीद हुए एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी के भाई प्रफुल्ल उन अफसरों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं जो जवाहरबाग में एसपी सिटी को कब्जाधारियों के बीच छोड़कर भाग गए थे। इस संबंध में वह लगातार आला अफसरों से पत्राचार कर रहे हैं। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को भी पत्र भेजकर सीबीआई जांच की मांग की गई है। चीफ जस्टिस को जो पत्र भेजा गया है उसमें कहा गया है कि मुकुल द्विवेदी को जवाहरबाग में भेजकर बड़े अधिकारी अपनी कोठियों में आराम करते रहे।
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जवाहरबाग में 2 जून को हुई हिंसा की जांच कर रहे न्यायिक आयोग का कार्यकाल 31 मार्च, 2017 तक बढ़ने के बाद अब पुलिस की जांच रिपोर्ट के पन्ने दोबारा से पलटे जाएंगे। प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी ने हिंसा की जांच करने वाली पुलिस टीम को लखनऊ बुला लिया है। 7 नवंबर को डीजीपी के समक्ष इन अफसरों को पेश होना है।
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एसएसपी मोहित गुप्ता ने बताया कि जांच से संबंधित सभी दस्तावेज मंगवाए गए हैं। अफसरों को क्यों बुलाया गया है इसकी जानकारी किसी को नहीं है। हालांकि अधिकारी भले ही इसे एक रुटीन की प्रक्रिया बता रहे हैं लेकिन पुलिस के दफ्तरों में जिस तरह से हड़कंप मचा रहा वह कुछ और ही इशारा कर रहा था। पुलिस अधिकारी सारा दिन मीटिंग करके जवाहरबाग हिंसा को लेकर जानकारी करते रहे। एक-एक बिंदु से अपडेट हुए।
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अब तक की प्रोग्रेस चेक होगी: आईजी
आईजी सुजीत पांडेय से जब पूछा गया तो उनका कहना था कि दरअसल जवाहरबाग हिंसा को लेकर जो अब तक की जांच हुई है उसकी प्रोग्रेस आला अधिकारी जानना चाह रहे होंगे। विवेचक बुलाए गए हैं। कुछ अधिकारी भी कॉल किए गए हैं। लखनऊ बुलाए जाने की बात उनकी जानकारी में है।
शहीद मुकुल द्विवेदी के भाई कर रहे कार्रवाई की मांग
जवाहरबाग हिंसा में शहीद हुए एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी के भाई प्रफुल्ल उन अफसरों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं जो जवाहरबाग में एसपी सिटी को कब्जाधारियों के बीच छोड़कर भाग गए थे। इस संबंध में वह लगातार आला अफसरों से पत्राचार कर रहे हैं। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को भी पत्र भेजकर सीबीआई जांच की मांग की गई है। चीफ जस्टिस को जो पत्र भेजा गया है उसमें कहा गया है कि मुकुल द्विवेदी को जवाहरबाग में भेजकर बड़े अधिकारी अपनी कोठियों में आराम करते रहे।