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भांजी को उतारने गोवर्धन रोड चले गए सो फंस गए
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 29 Dec 2015 11:43 PM IST
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परमाल सिंह परिहार ने बताया कि उसकी भांजी रेनू की ससुराल मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र के गोवर्धन रोड के एक गांव में है। मथुरा होकर गुजरने के चलते वह भी मथुरा तक के लिए गाड़ी में बैठ गई।
आगरा से एक्सप्रेसवे के रास्ते दिल्ली जाने के दौरान उसके पति धर्मेन्द्र एक्सप्रेस वे स्थित राया कट पर नहीं पहुंचे तो शाम 7:30 बजे वह रेनू को छोड़ने उसकी ससुराल चले गए।
परमाल ने बताया कि जब वे वहां से लौटकर यमुना एक्सप्रेसवे पर आ रहे थे, तभी गोवर्धन चौराहे के निकट पुलिस ने दबोच लिया।
एक बार मथुरा में भी पहुंचा चुके हैं रकम
हवाला कारोबारी करोड़ों की रकम लेकर खुद नहीं जाते। इसमें वे हमेशा कैरियर का प्रयोग करते हैं। पकड़े गए जयशिव इंगले ने बताया रकम किसे और कहां देनी है, यह जानकारी उन्हें दिल्ली पहुंचने पर फोन पर दी जाती है।
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वह पहले भी दिल्ली के करोलबाग, चांदनी चौक और मथुरा के चौक बाजार इलाके में हवाला की रकम देकर जा चुका है। रकम जिस व्यक्ति को दी जाती है वह उसका नाम तक नहीं जानते। बताए गए स्थान पर जाकर गाड़ी रोकते हैं और मालिक को फोन पर बता देते हैं।
गाड़ी के 20 से 30 मीटर दूर खड़े होकर इंतजार करने पर 20 से 25 मिनट में अनजान व्यक्ति आकर गाड़ी के पास खड़ा हो जाता है। वह व्यक्ति अपने फोन से मालिक से बात करा देता है और मालिक के हां कहते ही वे गाड़ी की चाबी उसे सौंप देते हैं। आधे से एक घंटे बाद वह व्यक्ति वापस गाड़ी लौटा जाता है और वे ग्वालियर लौट जाते हैं।
पिछली सीट के बीच में बना था केबिन
पैसा ले जाने के लिए कार की पिछली सीट के बीच के हिस्से को काटकर उसमें दो फुट गहरा व डेढ़ फुट चौड़ा केबिन बनाया गया था, उसके ऊपर एक शटर फिट कराया गया। सीट को समतल करने के लिए फॉम लगाकर उसके ऊपर से दो सीट कवर लगाए गए थे।
इसमें नीचे वाले सीट कवर में पैसे रखने वाली जगह पर चेन लगाकर कवर किया हुआ था। उसके ऊपर चढ़े दूसरे कवर में जगह काटकर सिलाई की हुई थी। इससे गाड़ी में बैठने व चेकिंग में तनिक भी यह आभास नहीं होता कि इस गाड़ी में अलग से केबिन बना है।
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आगरा से एक्सप्रेसवे के रास्ते दिल्ली जाने के दौरान उसके पति धर्मेन्द्र एक्सप्रेस वे स्थित राया कट पर नहीं पहुंचे तो शाम 7:30 बजे वह रेनू को छोड़ने उसकी ससुराल चले गए।
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परमाल ने बताया कि जब वे वहां से लौटकर यमुना एक्सप्रेसवे पर आ रहे थे, तभी गोवर्धन चौराहे के निकट पुलिस ने दबोच लिया।
एक बार मथुरा में भी पहुंचा चुके हैं रकम
हवाला कारोबारी करोड़ों की रकम लेकर खुद नहीं जाते। इसमें वे हमेशा कैरियर का प्रयोग करते हैं। पकड़े गए जयशिव इंगले ने बताया रकम किसे और कहां देनी है, यह जानकारी उन्हें दिल्ली पहुंचने पर फोन पर दी जाती है।
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वह पहले भी दिल्ली के करोलबाग, चांदनी चौक और मथुरा के चौक बाजार इलाके में हवाला की रकम देकर जा चुका है। रकम जिस व्यक्ति को दी जाती है वह उसका नाम तक नहीं जानते। बताए गए स्थान पर जाकर गाड़ी रोकते हैं और मालिक को फोन पर बता देते हैं।
गाड़ी के 20 से 30 मीटर दूर खड़े होकर इंतजार करने पर 20 से 25 मिनट में अनजान व्यक्ति आकर गाड़ी के पास खड़ा हो जाता है। वह व्यक्ति अपने फोन से मालिक से बात करा देता है और मालिक के हां कहते ही वे गाड़ी की चाबी उसे सौंप देते हैं। आधे से एक घंटे बाद वह व्यक्ति वापस गाड़ी लौटा जाता है और वे ग्वालियर लौट जाते हैं।
पिछली सीट के बीच में बना था केबिन
पैसा ले जाने के लिए कार की पिछली सीट के बीच के हिस्से को काटकर उसमें दो फुट गहरा व डेढ़ फुट चौड़ा केबिन बनाया गया था, उसके ऊपर एक शटर फिट कराया गया। सीट को समतल करने के लिए फॉम लगाकर उसके ऊपर से दो सीट कवर लगाए गए थे।
इसमें नीचे वाले सीट कवर में पैसे रखने वाली जगह पर चेन लगाकर कवर किया हुआ था। उसके ऊपर चढ़े दूसरे कवर में जगह काटकर सिलाई की हुई थी। इससे गाड़ी में बैठने व चेकिंग में तनिक भी यह आभास नहीं होता कि इस गाड़ी में अलग से केबिन बना है।