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जन्मभूमि पर मालिकाना हक के लिए आए प्रार्थनापत्र
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मथुरा। श्रीकृष्ण विराजमान की ओर से जन्मभूमि पर मालिकाना हक के लिए दाखिल वाद का पक्षकार बनने के लिए बृहस्पतिवार को पांच और प्रार्थनापत्र जिला जज की अदालत में आए। पिछली तारीख पर अनुपस्थित रहे चौथे प्रतिवादी के अधिवक्ता ने भी वकालतनामा दाखिल कर दिया। उधर, इस मामले की वादी रंजना अग्निहोत्री ने तीन संगठनों को पक्षकार बनाए जाने का विरोध किया है। जिला जज के अवकाश पर रहने के कारण एडीजे प्रथम अनिल कुुमार पांडेय ने सुनवाई की और अगली तारीख 7 जनवरी तय कर दी।
श्रीकृष्ण विराजमान द्वारा अपनी सखी अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री व अन्य भक्तगणों के माध्यम से अदालत से 1967 के सिविल दावे के माध्यम से किए गए उस डिक्री को खारिज करने के लिए कहा गया है, जिसमें 13.37 एकड़ जमीन पर निर्णय लिया गया है। इस मामले में वादीगण ने यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड चेयरमैन, कमेटी ऑफ मैनेजमेंट ट्रस्ट शाही ईदगाह मस्जिद सचिव, श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट मैनेजिंग ट्रस्टी तथा श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान सचिव को प्रतिवादी बनाया था। जिला जज की अदालत ने इन सभी को सम्मन जारी किए थे। 17 नवंबर को सुनवाई में श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट मैनेजिंग ट्रस्टी अनुराग डालमिया की तरफ से न्यायालय में कोई पेश नहीं हुआ था।
बृहस्पतिवार को इस मामले की श्रीकृष्ण जन्मभूमि मैनेजिंग ट्रस्टी अनुराग डालमिया की ओर से अधिवक्ता राधा किशन खंडेलवाल ने वकालतनामा दाखिल किया है। उधर, व्यापारी नेता अजय गोयल निवासी मथुरा, विजेंद्र पोइया निवासी मथुरा, पूर्व चेयरमैन वीरेंद्र अग्रवाल निवासी मथुरा, डॉ. केशवाचार्य निवासी वृंदावन, योगेश उपाध्याय ने पक्षकार बनाने को प्रार्थनापत्र दिया है। इस मामले में माथुर चतुर्वेदी परिषद, तीर्थ पुरोहित महासभा और हिंदू महासभा को पक्षकार बनाया गया था, जिस पर वादी रंजना अग्निहोत्री ने आपत्ति दाखिल की है। डीजीसी शिवराम तरकर ने बताया कि जिला जज साधना रानी ठाकुर के अवकाश पर रहने के कारण एडीजे प्रथम अनिल कुमार पांडेय ने सुनवाई की अगली तारीख सात जनवरी तय की है।
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श्रीकृष्ण विराजमान द्वारा अपनी सखी अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री व अन्य भक्तगणों के माध्यम से अदालत से 1967 के सिविल दावे के माध्यम से किए गए उस डिक्री को खारिज करने के लिए कहा गया है, जिसमें 13.37 एकड़ जमीन पर निर्णय लिया गया है। इस मामले में वादीगण ने यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड चेयरमैन, कमेटी ऑफ मैनेजमेंट ट्रस्ट शाही ईदगाह मस्जिद सचिव, श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट मैनेजिंग ट्रस्टी तथा श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान सचिव को प्रतिवादी बनाया था। जिला जज की अदालत ने इन सभी को सम्मन जारी किए थे। 17 नवंबर को सुनवाई में श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट मैनेजिंग ट्रस्टी अनुराग डालमिया की तरफ से न्यायालय में कोई पेश नहीं हुआ था।
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बृहस्पतिवार को इस मामले की श्रीकृष्ण जन्मभूमि मैनेजिंग ट्रस्टी अनुराग डालमिया की ओर से अधिवक्ता राधा किशन खंडेलवाल ने वकालतनामा दाखिल किया है। उधर, व्यापारी नेता अजय गोयल निवासी मथुरा, विजेंद्र पोइया निवासी मथुरा, पूर्व चेयरमैन वीरेंद्र अग्रवाल निवासी मथुरा, डॉ. केशवाचार्य निवासी वृंदावन, योगेश उपाध्याय ने पक्षकार बनाने को प्रार्थनापत्र दिया है। इस मामले में माथुर चतुर्वेदी परिषद, तीर्थ पुरोहित महासभा और हिंदू महासभा को पक्षकार बनाया गया था, जिस पर वादी रंजना अग्निहोत्री ने आपत्ति दाखिल की है। डीजीसी शिवराम तरकर ने बताया कि जिला जज साधना रानी ठाकुर के अवकाश पर रहने के कारण एडीजे प्रथम अनिल कुमार पांडेय ने सुनवाई की अगली तारीख सात जनवरी तय की है।
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