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मथुराः 23 वर्ष पूर्व हुए तिहरे हत्याकांड में छह को आजीवन कारावास
Thu, 22 Oct 2020 02:54 PM IST
आगरा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2020 02:54 PM IST
सार
एडीजीसी मदन मोहन पांडे ने बताया कि इस मामले में बने सिंह, गोपाल और रामचरण की मौत हो चुकी है और एक आरोपी नाबालिग आरोपी होने के कारण जुवेनाइल कोर्ट में चला गया था, जहां से उसे दोषमुक्त कर दिया गया। राधाचरण अभी भी जमानत के बाद से फरार है। आजीवन कारावास पाने वाले सभी लोग जमानत पर थे। मंगलवार को अदालत ने सभी को जेल भेजा है। सभी अभियुक्तों की उम्र 60 वर्ष से ऊपर बताई जा रही है।
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विस्तार
मथुरा। छाता के गांव गुहारी में 23 वर्ष पूर्व हुए तिहरे हत्याकांड में मंगलवार को एडीजे अष्टम संजय कुमार यादव प्रथम की अदालत ने छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस केस में नामजद 11 लोगों में से तीन की मौत हो चुकी है। एक अभी फरार है। एक नाबालिग जुवेनाइल कोर्ट से दोषमुक्त हो चुका है।
पांच मई, 1997 को गांव गुहारी में खचेरा, बालकराम और सुखीचंद की हत्या कर दी गई थी। मृतकों के रिश्तेदार भागचंद ने 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। 11 लोगों में से 6 लोग बाली, जवाहर, ब्रजकिशोर, सुरेश, रतिराम और नवल सिंह को न्यायालय ने मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सभी पर अर्थ दंड भी लगाया है।
एडीजीसी मदन मोहन पांडे ने बताया कि इस मामले में बने सिंह, गोपाल और रामचरण की मौत हो चुकी है और एक आरोपी नाबालिग आरोपी होने के कारण जुवेनाइल कोर्ट में चला गया था, जहां से उसे दोषमुक्त कर दिया गया। राधाचरण अभी भी जमानत के बाद से फरार है। आजीवन कारावास पाने वाले सभी लोग जमानत पर थे। मंगलवार को अदालत ने सभी को जेल भेजा है। सभी अभियुक्तों की उम्र 60 वर्ष से ऊपर बताई जा रही है।
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क्रॉस रिपोर्ट के मामले में भी छह को हुई सजा
तिहरे हत्याकांड में विपक्षी जिले सिंह ने 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिनमें विजय सिंह, प्रेमचंद, महिपाल, खुशी राम, सुमेर सिंह और तेज सिंह को 7 -7 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। यह जानकारी एडीजीसी मदन मोहन पांडे ने दी है।
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पांच मई, 1997 को गांव गुहारी में खचेरा, बालकराम और सुखीचंद की हत्या कर दी गई थी। मृतकों के रिश्तेदार भागचंद ने 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। 11 लोगों में से 6 लोग बाली, जवाहर, ब्रजकिशोर, सुरेश, रतिराम और नवल सिंह को न्यायालय ने मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सभी पर अर्थ दंड भी लगाया है।
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एडीजीसी मदन मोहन पांडे ने बताया कि इस मामले में बने सिंह, गोपाल और रामचरण की मौत हो चुकी है और एक आरोपी नाबालिग आरोपी होने के कारण जुवेनाइल कोर्ट में चला गया था, जहां से उसे दोषमुक्त कर दिया गया। राधाचरण अभी भी जमानत के बाद से फरार है। आजीवन कारावास पाने वाले सभी लोग जमानत पर थे। मंगलवार को अदालत ने सभी को जेल भेजा है। सभी अभियुक्तों की उम्र 60 वर्ष से ऊपर बताई जा रही है।
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क्रॉस रिपोर्ट के मामले में भी छह को हुई सजा
तिहरे हत्याकांड में विपक्षी जिले सिंह ने 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिनमें विजय सिंह, प्रेमचंद, महिपाल, खुशी राम, सुमेर सिंह और तेज सिंह को 7 -7 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। यह जानकारी एडीजीसी मदन मोहन पांडे ने दी है।