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मथुरा: भाजपा मेयर के खिलाफ गुस्सा...अपनी ही पार्टी के पार्षदों ने खोला मोर्चा, बोले- विकास में बने हैं बाधक

Tue, 21 Jan 2025 02:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 21 Jan 2025 02:50 PM IST
सार

मथुरा से भाजपा मेयर के खिलाफ उनकी  ही पार्टी के पार्षदों में ऐसी नाराजगी फैली है कि धरने तक की चेतवानी दे डाली। उन्होंने खुलकर कहा कि मेयर शहर के विकास में बाधक बने हुए हैं। 
 

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Councillors opened a front against the mayor, said-he is an obstacle in the development of the city
पार्षदों की बैठक को सम्बोधित करते चौधरी तिलकवीर सिंह

विस्तार

मथुरा नगर निगम कार्यालय में सोमवार को पार्षदों ने अपनी ही पार्टी के महापौर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बैठक में विकास कार्यों की फाइलों को अंतिम मंजूरी नहीं देने पर महापौर का विरोध किया। साथ ही बोर्ड बैठक की मांग की। पार्षदों का कहना है कि विकास कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए नगर निगम की पांच सदस्यीय कमेटी में शामिल महापौर ने फाइलों को अधर में लटका दिया है। इससे शहर का विकास प्रभावित हो रहा है। पार्षदों ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंप फाइलों को मंजूरी दिलाने की मांग की है। ऐसा नहीं करने पर महापौर के खिलाफ धरना देने की चेतावनी दी है।
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पार्षद नेता चौधरी राजवीर सिंह ने बताया है कि 15वें वित्त से प्रत्येक वार्ड के विकास के लिए 60-60 लाख रुपये की ग्रांट मिली है। सभी 70 वार्डों के विकास के लिए 42 करोड़ रुपये शासन से आवंटित हुए हैं। इसमें नाला, खड़ंजा, सड़क पर खर्च करने के लिए शासन ने निर्धारित किया है। साथ ही ऐसे कामों पर भी धनराशि खर्च होगी जो सीधे जनता जुड़े हैं। उन्होंने बताया है कि विकास कार्यों के बजट पर शासन से स्वीकृति मिलन के बाद कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए नगर निगम की पांच सदस्यीय कमेटी फाइलों को अंतिम रूप देती है।
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इसमें जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह, नगर आयुक्त शशांक चौधरी, महापौर विनोद अग्रवाल और दो निर्माण विभाग के अधिकारी शामिल हैं। पार्षदों का आरोप है कि कमेटी के 4 सदस्यों ने फाइलों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, लेकिन महापौर ने फाइलों को अधर में लटका दिया है। इससे वार्डों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसी को लेकर 65 पार्षद कार्यालय पर एकजुट हुए और नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंप फाइलों को अंतिम मंजूरी दिलाने व बोर्ड बैठक की मांग की है।
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क्या बोले पार्षद
पार्षद नेता चौधरी राजवीर सिंह ने बताया कि दो साल में सभी वार्डों में 20-20 लाख रुपये से विकास कार्य हुए हैं। लंबे समय से अटके पड़े विकास कार्यों से जनता की बीच पार्षदों की छवि खराब हो रही है। पार्षद वार्ड-60 नीरज वशिष्ठ का कहना है कि महापौर और पार्षदों की खींचतान में शहर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सोमवार को सभी पार्षदों ने नगर आयुक्त से अपनी-अपनी-मांगे रखी हैं। समस्या का निदान नहीं हुआ तो धरने पर बैठेंगे। पार्षद वार्ड-47 तिलकवीर ने कहा कि पिछले चार माह से बोर्ड बैठक नहीं हो पा रही है। इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए सभी पार्षदों ने बोर्ड बैठक बुलाने के साथ-साथ विकास कार्यों को गति देने की मांग की है।


छह माह के अंतराल में होती है बोर्ड बैठक 
महापौर विनोद अग्रवाल ने  बताया कि नगर निगम में छह माह के अंतराल में बोर्ड बैठक होती है। आगामी बैठक में अभी दो माह बाकी है। साथ ही 15वें वित्त की ग्रांट के लिए मैं पार्षदों के साथ बैठक करने के लिए तैयार हूं। वह बेबाकी से अपनी समस्याओं को बता सकते हैं।
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