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Mathura News: सफाई कर स्वच्छ जल-स्वच्छ मन का दिया संदेश
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मथुरा/कोसीकलां। ना शिक्षा का गुमान, ना जाति - वर्ण का अभिमान। छोटा, बड़ा हर कोई पद प्रतिष्ठा का भेद भुलाकर ब्रज के पौराणिक यमुना के घाटों की सफाई करने में उत्साहित होकर जुटा रहा। लगातार चार घंटे स्वच्छ जल-स्वच्छ मन के भाव के साथ यमुना के घाट चमकाते रहे। मौका था संत निरंकारी मिशन द्वारा अमृत परियोजना के तहत रविवार को यमुना के प्रसिद्ध घाटों पर चलाए गए स्वच्छता अभियान का।
निरंकारी प्रतिनिधि किशोर स्वर्ण ने बताया कि आओ संवारें यमुना किनारे स्वच्छता अभियान का मुख्य आयोजन सत्गुरू माता सुदीक्षा महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित के मार्गदर्शन में दिल्ली यमुना किनारे हुआ। वहीं मथुरा में सुबह 8 बजे से लगातार चार घंटे तक तीन सौ से ज्यादा निरंकारी भक्तों ने समर्पण, भक्ति और सेवा का भाव लिए उत्साहित होकर यमुना के मुख्य स्थल विश्राम घाट से राजा घाट, प्रयाग घाट, दाऊजी घाट, श्रंगार घाट, श्याम घाट, रामघाट, तीनदुक घाट, बल्लभ घाट, चैंचाघाट, वसुदेव घाट, बंगाली घाट, कम्पू घाट के आसपास यमुना किनारे जमी काई, कीचड़, प्लास्टिक कचरा आदि निकालकर यमुना को साफ कर स्वच्छ जल स्वच्छ मन का संदेश दिया। जोनल इंचार्ज एचके अरोड़ा ने बताया कि निरंकारी भक्तों ने यमुना के घाटों से दस ट्रॉली से ज्यादा कचरा मथुरा वृंदावन नगर निगम की गाड़ियों के माध्यम से निस्तारण हेतु भिजवाया गया। अशोक दयालु, योगेश कुमार आदि मौजूद रहे।
वहीं कोसीकलां में निरंकारी मिशन के स्वयं सेवकों ने गोमती सरोवर की साफ-सफाई की। नगर पालिका चेयरमैन धर्मवीर अग्रवाल ने स्वयं सेवको की साफ-सफाई देख प्रशंसा की। सुशील मदान, मूलचंद कर्दम के नेतृत्व में अभियान चलाया गया। सहायक मीडिया प्रभारी मूलचन्द कर्दम ने बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जल निकायों का संरक्षण, उनकी स्वच्छता एवं स्थानीय जनता के बीच जागरूकता अभियान के माध्यम से उन्हें प्रोत्साहित करना है। रामबाबू की देखरेख में सेवादल के सैकड़ों भाई-बहनों ने साफ-सफाई में भाग लिया।
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आंशिक आचमन किया या फिर जल छिड़का
मथुरा। यमुना की बर्तमान दशा से भक्तों में भारी रोष है। मथुरा के यमुना भक्त कई बार शासन प्रशासन से यमुना की दुर्दशा सुधारने को मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक यमुना प्रदूषण मुक्ति नहीं हो सकी है।माघ पूर्णिमा पर्व पर माघ स्नान समाप्ति दिवस पर श्रद्धालु भक्तों द्वारा स्नान पूजन अर्चन किया। अनेक भक्त प्रदूषित जल के चलते स्नान के बजाय केवल आंशिक आचमन लेते व शरीर पर छींटे लगाते दिखे। मुकेश लवनिया ने कहा कि जनप्रतिनिधिगण व स्थानीय अधिकारीगण यमुना जी के साथ जो छल कर रहे है, इसका परिणाम अच्छा नहीं होगा।
करोड़ों की योजना कागजों में सिमट कर रह गईं हैं। नीरज चतुर्वेदी केंद्र और राज्य सरकार यमुना की समस्या पर गंभीर नहीं हैं, यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। यमुना प्रदूषण मुक्ति के बिना ब्रज के विकास की बात करना बेमानी है। दीपक शास्त्री ने कहा कि बड़ी पीड़ा होती है यमुना की वर्तमान स्थिति को देखकर। मनीष गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि यमुना प्रदूषण के लिए गंभीर न होने वाले सरकारी तंत्र को यह समझना होगा कि अब यमुना भक्त शांत बैठने वाले नहीं हैं। एक बड़े आंदोलन के लिए लोगों का समर्थन जुटाया जा रहा है।
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निरंकारी प्रतिनिधि किशोर स्वर्ण ने बताया कि आओ संवारें यमुना किनारे स्वच्छता अभियान का मुख्य आयोजन सत्गुरू माता सुदीक्षा महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित के मार्गदर्शन में दिल्ली यमुना किनारे हुआ। वहीं मथुरा में सुबह 8 बजे से लगातार चार घंटे तक तीन सौ से ज्यादा निरंकारी भक्तों ने समर्पण, भक्ति और सेवा का भाव लिए उत्साहित होकर यमुना के मुख्य स्थल विश्राम घाट से राजा घाट, प्रयाग घाट, दाऊजी घाट, श्रंगार घाट, श्याम घाट, रामघाट, तीनदुक घाट, बल्लभ घाट, चैंचाघाट, वसुदेव घाट, बंगाली घाट, कम्पू घाट के आसपास यमुना किनारे जमी काई, कीचड़, प्लास्टिक कचरा आदि निकालकर यमुना को साफ कर स्वच्छ जल स्वच्छ मन का संदेश दिया। जोनल इंचार्ज एचके अरोड़ा ने बताया कि निरंकारी भक्तों ने यमुना के घाटों से दस ट्रॉली से ज्यादा कचरा मथुरा वृंदावन नगर निगम की गाड़ियों के माध्यम से निस्तारण हेतु भिजवाया गया। अशोक दयालु, योगेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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वहीं कोसीकलां में निरंकारी मिशन के स्वयं सेवकों ने गोमती सरोवर की साफ-सफाई की। नगर पालिका चेयरमैन धर्मवीर अग्रवाल ने स्वयं सेवको की साफ-सफाई देख प्रशंसा की। सुशील मदान, मूलचंद कर्दम के नेतृत्व में अभियान चलाया गया। सहायक मीडिया प्रभारी मूलचन्द कर्दम ने बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जल निकायों का संरक्षण, उनकी स्वच्छता एवं स्थानीय जनता के बीच जागरूकता अभियान के माध्यम से उन्हें प्रोत्साहित करना है। रामबाबू की देखरेख में सेवादल के सैकड़ों भाई-बहनों ने साफ-सफाई में भाग लिया।
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आंशिक आचमन किया या फिर जल छिड़का
मथुरा। यमुना की बर्तमान दशा से भक्तों में भारी रोष है। मथुरा के यमुना भक्त कई बार शासन प्रशासन से यमुना की दुर्दशा सुधारने को मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक यमुना प्रदूषण मुक्ति नहीं हो सकी है।माघ पूर्णिमा पर्व पर माघ स्नान समाप्ति दिवस पर श्रद्धालु भक्तों द्वारा स्नान पूजन अर्चन किया। अनेक भक्त प्रदूषित जल के चलते स्नान के बजाय केवल आंशिक आचमन लेते व शरीर पर छींटे लगाते दिखे। मुकेश लवनिया ने कहा कि जनप्रतिनिधिगण व स्थानीय अधिकारीगण यमुना जी के साथ जो छल कर रहे है, इसका परिणाम अच्छा नहीं होगा।
करोड़ों की योजना कागजों में सिमट कर रह गईं हैं। नीरज चतुर्वेदी केंद्र और राज्य सरकार यमुना की समस्या पर गंभीर नहीं हैं, यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। यमुना प्रदूषण मुक्ति के बिना ब्रज के विकास की बात करना बेमानी है। दीपक शास्त्री ने कहा कि बड़ी पीड़ा होती है यमुना की वर्तमान स्थिति को देखकर। मनीष गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि यमुना प्रदूषण के लिए गंभीर न होने वाले सरकारी तंत्र को यह समझना होगा कि अब यमुना भक्त शांत बैठने वाले नहीं हैं। एक बड़े आंदोलन के लिए लोगों का समर्थन जुटाया जा रहा है।