फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Child died by drowning in Yamuna water

Mathura News: यमुना के पानी में डूब कर बच्चे की मौत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Jul 2023 01:11 AM IST
विज्ञापन
Child died by drowning in Yamuna water
टाउनशिप। थाना रिफाइनरी क्षेत्र के मदनपुरा करनावल में मंगलवार दोपहर घर के सामने खेलते समय यमुना के गहरे पानी में डूब कर बच्चे की मौत हो गई। घटना की सूचना पर रिफाइनरी पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
विज्ञापन



मदनपुरा करनावल निवासी लक्ष्मी का दस वर्षीय पुत्र योगेश घर के सामने खेल रहा था। इसी दौरान यमुना के गहरे पानी में चला गया। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और गोताखोरों की मदद से बच्चे का बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
विज्ञापन



बाढ़ की चपेट में आईं फसलें, किसानों को भारी नुकसान

मांट। यमुना में बाढ़ से किसानों की फसलें चौपट हो गईं हैं। इससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है। पानी में डूबने से धान, पशुओं का चारा एवं सब्ज़ियों का नुकसान पहुंचा है। किसान प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे है।
विज्ञापन
विज्ञापन



मांट क्षेत्र में बड़े पैमाने पर यमुना किनारे सब्जियां उगाई जाती हैं। बाढ़ से धान की फसल सहित कई फसलें जलमग्न हो गई। पानीगांव निवासी किसान जगबीर सिंह ने बताया बाढ़ की वजह से धान की फसल चौपट हो गई है। किसान देवी सिंह ने बताया कि एक एकड़ में सब्जियों की खेती की थी, जो बाढ़ की वजह से सब खत्म हो गई। किसान सोनू सिंह ने खराब हुई फसलों का मुआवजा दिए जाने की मांग की है।






आश्रम में कम हुआ पानी



महावन। यमुना में मंगलवार को जलस्तर आंशिक कम होने से रमणरेती आश्रम में एक फीट के करीब पानी कम हो गया। चिंताहरण जाने वाले रास्ते पर अभी पानी भरा हुआ है। पानी के घटने से आसपास के लोगों के चेहरों पर मुस्कान दिखाई दी। उधर, गोकुल व महावन क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों की संख्या काफी कम हो गई है। इससे कारोबार काफी प्रभावित हुआ है। मोहित शर्मा ने बताया के बाढ़ आने से पूर्व हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते थे और 4 से 5 हजार की बिक्री रोजाना होती थी, लेकिन आज एक हजार की दुकानदारी भी नहीं हो रही। चंद्रप्रकाश निवासी महावन ब्रह्मांड घाट पर कंठी माला व पोशाक की दुकान करते हैं। उन्होंने बताया यमुना में बाढ़ के कारण श्रद्धालु नहीं आ पा रहे हैं और धंधा बिल्कुल ठप पड़ा हुआ है। सुबह से शाम बमुश्किल 500 रुपये की बिक्री हो पाती है। आकाश निवासी महावन चौरासी खम्भा महावन में पोशाक व मूर्ति-तस्वीर की दुकान करते हैं। उन्होंने बताया के श्रद्धालुओं की कमी के कारण घर खर्चा चलाना मुश्किल हो रहा है। पहले 5 से 6 हजार की बिक्री होती थी आज सुबह से शाम तक 600 रुपये की बिक्री ही हुई है।




रावल गांव में राधा रानी मंदिर जाने वाला रास्ता बंद


महावन। राधारानी की प्राकट्य स्थली रावल में मंदिर जाने वाले रास्ते पर 2 से 3 फुट तक पानी भरा है। इससे यह रास्ता बंद है। मंदिर के चारों तरफ भी पानी भरा हुआ है। महंत राहुल कल्ला ने बताया यमुना में बाढ़ के कारण यहां पर्यटक नहीं आ पा रहे हैं। यमुना का जलस्तर नीचे होते ही भक्तों की भीड़ देखने को मिलेगी। उधर, गोकुल नगर पंचायत चैयरमेन संजय दीक्षित ने विद्युत निगम के जेई व अन्य कर्मचारियों के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने कहा, जिन इलाकों में बिजली सप्लाई चालू हो सकती है, वहां पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।



बाढ़ प्रभावित गांवों का सम्पर्क टूटा, विधायक ने किया निरीक्षण
बलदेव। बलदेव के बाढ़ प्रभावित गांवों में विधायक पूरन प्रकाश ने एसडीएम, सीओ, मेडीकल टीम व विद्युत निगम के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। बाढ़ प्रभावित गांव नगला अकोस, नगला हगा, नहचला का संपर्क बलदेव से टूट गया है। चारों ओर पानी होने से मुख्य मार्ग करीब एक किलोमीटर क्षतिग्रस्त हो गया है। किसानों के सामने गांव से बाहर निकलने की दिक्कत है। तीन गांवों के हजारों लोग गांव में फंसे हैं। विधायक ने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सीएमओ से फोन पर वार्ता कर चिकित्सा व्यवस्था सुधारने की बात कही।



यमुना किनारे खेतों में भरा पानी

फरह। फरहा ब्लॉक के यमुना किनारे के खेतों में पानी भर गया है। गांव नगला छत्ती, गडाया ,सलेमपुर, खेरट के खेतों में पानी भरने किसानों अपने खेत तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। बाजारा की फसल नष्ट हो गई है, वहीं श्मशान स्थल व मंदिर में पानी भरने से जमुनापार से आने वाले ग्रामीणों का आवागमन बंद हो गया है।











बाढ़ प्रभावितों को भेजी खाद्य सामग्री



बलदेव। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के मंडल अध्यक्ष राजकुमार तोमर ने अपनी टीम के साथ गांवों में मौके पर जाकर बाढ़ पीड़ित किसानों से बातचीत की। उन्होंने मदद का भरोसा दिया और कहा कि कोई भी भूखा नहीं रहेगा। संगठन की ओर से 15 क्विंटल सब्जी और जरूरत की आवश्यक वस्तुएं दी गई। डॉ संदीप छौंकर ने टीम के साथ घर-घर जाकर लोगों की जांच की। इस दौरान राजाराम भगत, मुकेश रावत, उदयवीर सरपंच, सोबरन सिंह, बिल्लू मुखिया आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed