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Mathura News: सीएए लागू, मथुरा में गैर मुस्लिम प्रवासियों को मिलेगा लाभ
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मथुरा। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) सोमवार से देशभर में लागू हो गया। इसके लागू होते ही मुस्लिम इलाकों में पुलिस ने गश्ती-निगरानी बढ़ा दी। इस कानून के लागू होने का लाभ जनपद में रह रहे चार प्रवासियों को मिलेगा। खुफिया तंत्र की सूची में कुल 14 लोग दर्ज हैं, जो कि मथुरा में लंबे समय के लिए वीजा पर रहते हैं। इनमें से चार गैर मुस्लिम हैं, जो कि इस कानून के दायरे में आने के बाद अब भारतीय नागरिकता पाने के पात्र हो गए हैं।
हालांकि खुफिया तंत्र की ओर से इनके नाम-पतों को को अभी उजागर नहीं किया गया है। कानून के लागू होने के बाद शहर में कई इलाकों में भाजपा नेताओं ने मिष्ठान वितरण किया। पुलिस ने मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में पैदल मार्च किया। लोगों से शांति व सद्भाव बनाए रखने की अपील की। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि जनता से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दे।
सीएए के खिलाफ प्रदर्शन की गवाह हैं मथुरा की सड़कें
नागरिकता संशोधन कानून के लिए 2019-20 में जब लोकसभा से बिल पास किया गया था, तब देशभर सहित मथुरा में भी प्रदर्शन हुए थे। सैकड़ों प्रदर्शनकारियों पर पुलिस-प्रशासन ने निरोधात्मक कार्रवाई की थी। इन लोगों को मुचलकों में पाबंद किया गया था। मुस्लिम आबादी क्षेत्र डीग गेट, भरतपुर गेट, दरेसी रोड, वृंदावन रोड और भूतेश्वर इलाके में दिसंबर 2019 से लेकर फरवरी 2020 तक कई बार प्रदर्शन हुए। बाजारों को बंद रखा गया। इंटरनेट तक को बंद करना पड़ा था, जिससे की लोग सोशल मीडिया पर फैलाई जा रहीं अफवाहों से दूर रहें।
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डाॅ. कफील को रातोंरात अलीगढ़ जेल से मथुरा जेल किया था शिफ्ट
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध करने व असम को भारत से अलग करने का बयान अलीगढ़ मुस्लिम विवि में देने के बाद चर्चाओं में आए उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले डॉक्टर कफील खान को अलीगढ़ पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया था, लेकिन उनको सुरक्षा व कानून व्यवस्था के लिहाज से फरवरी 2020 में रातोरात मथुरा जेल में शिफ्ट किया गया। फरवरी से सितंबर तक वह मथुरा जेल में ही बंद रहे। सितंबर में जब कफील खान को हाईकोर्ट के आदेश पर जेल से रिहा किया गया था, तब कांग्रेस के नेता उन्हें यूपी की सीमा से बाहर निकालते हुए राजस्थान तक छोड़ने गए थे।
मथुरा जेल से हुआ था कफील का पत्र वायरल
मथुरा कारागार में बंद रहे डॉ. कफील खान का एक पत्र जेल से वायरल हुआ था। इसमें उन्होंने मथुरा कारागार की नारकीय स्थिति के बारे में बताया था। डॉ. कफील का दावा था कि जेल में 150 से अधिक कैदी एक ही शौचालय साझा कर रहे हैं। वहीं उन्होंने जेल के खाने आदि की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े किए थे।
सीएए से ज्यादा जरूरी, स्वास्थ्य, शिक्षा व युवाओं को रोजगार पर ध्यान देना, महंगाई व भ्रष्टाचार, महिला अपराधों पर लगाम लगाना। मगर, भाजपा इस दिशा में काम नहीं कर रही है। लोकसभा चुनाव में इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा।
- चौ. भगवान सिंह वर्मा, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
सीएए लागू होने की मथुरा सहित देश की जनता को बधाई। इसको लेकर कुछ लोग भ्रमित प्रचार करते थे और करते हैं। जनता उनकी बातों में न आए।
- निर्भय पांडेय, जिलाध्यक्ष भाजपा
सीएए को चुनावी माहौल में भुनाने के लिए लागू किया गया है। अपनी असफलताओं को छिपाने को भाजपा ने हिंदू-मुस्लिम कार्ड खेला है। इस कानून का कोई लाभ नहीं।
- ठा. अजीत सिंह, जिलाध्यक्ष सपा
सीएए गैर मुस्लिमों की नागरिकता का रास्ता प्रशस्त करेगा। रालोद, भाजपा गठबंधन अब देश की तरक्की के लिए मिलकर अन्य काम करेगा।
- राजपाल भारंगर, जिलाध्यक्ष रालोद
गैर मुस्लिम प्रवासियों को कानून लागू होने की बहुत बधाई। जब सदन में बिल पास हुआ तो बहुत लोगों ने विरोध किया। मगर, ये सब विपक्ष के इशारों पर था। समुदाय विशेष इस कानून को बारीकी से पढ़ें।
- सविता सिंह सौरोत, समाजसेवी
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सीएए लागू होने की खुशी में बांटी मिठाई
केंद्र सरकार द्वारा देश भर में नागरिक संशोधन कानून (सीएए) लागू करने की खुशी में श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास समिति के पदाधिकारियों ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि के सामने मिठाई वितरित की। अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि यह खुशी की बात है कि केंद्र सरकार ने सीएए लागू कर दिया है। इससे बाहरी देशों से भारत में आने वाले गैर मुस्लिमों को भारत की नागरिकता मिल सकेगी।
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हालांकि खुफिया तंत्र की ओर से इनके नाम-पतों को को अभी उजागर नहीं किया गया है। कानून के लागू होने के बाद शहर में कई इलाकों में भाजपा नेताओं ने मिष्ठान वितरण किया। पुलिस ने मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में पैदल मार्च किया। लोगों से शांति व सद्भाव बनाए रखने की अपील की। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि जनता से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दे।
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सीएए के खिलाफ प्रदर्शन की गवाह हैं मथुरा की सड़कें
नागरिकता संशोधन कानून के लिए 2019-20 में जब लोकसभा से बिल पास किया गया था, तब देशभर सहित मथुरा में भी प्रदर्शन हुए थे। सैकड़ों प्रदर्शनकारियों पर पुलिस-प्रशासन ने निरोधात्मक कार्रवाई की थी। इन लोगों को मुचलकों में पाबंद किया गया था। मुस्लिम आबादी क्षेत्र डीग गेट, भरतपुर गेट, दरेसी रोड, वृंदावन रोड और भूतेश्वर इलाके में दिसंबर 2019 से लेकर फरवरी 2020 तक कई बार प्रदर्शन हुए। बाजारों को बंद रखा गया। इंटरनेट तक को बंद करना पड़ा था, जिससे की लोग सोशल मीडिया पर फैलाई जा रहीं अफवाहों से दूर रहें।
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डाॅ. कफील को रातोंरात अलीगढ़ जेल से मथुरा जेल किया था शिफ्ट
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध करने व असम को भारत से अलग करने का बयान अलीगढ़ मुस्लिम विवि में देने के बाद चर्चाओं में आए उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले डॉक्टर कफील खान को अलीगढ़ पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया था, लेकिन उनको सुरक्षा व कानून व्यवस्था के लिहाज से फरवरी 2020 में रातोरात मथुरा जेल में शिफ्ट किया गया। फरवरी से सितंबर तक वह मथुरा जेल में ही बंद रहे। सितंबर में जब कफील खान को हाईकोर्ट के आदेश पर जेल से रिहा किया गया था, तब कांग्रेस के नेता उन्हें यूपी की सीमा से बाहर निकालते हुए राजस्थान तक छोड़ने गए थे।
मथुरा जेल से हुआ था कफील का पत्र वायरल
मथुरा कारागार में बंद रहे डॉ. कफील खान का एक पत्र जेल से वायरल हुआ था। इसमें उन्होंने मथुरा कारागार की नारकीय स्थिति के बारे में बताया था। डॉ. कफील का दावा था कि जेल में 150 से अधिक कैदी एक ही शौचालय साझा कर रहे हैं। वहीं उन्होंने जेल के खाने आदि की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े किए थे।
सीएए से ज्यादा जरूरी, स्वास्थ्य, शिक्षा व युवाओं को रोजगार पर ध्यान देना, महंगाई व भ्रष्टाचार, महिला अपराधों पर लगाम लगाना। मगर, भाजपा इस दिशा में काम नहीं कर रही है। लोकसभा चुनाव में इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा।
- चौ. भगवान सिंह वर्मा, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
सीएए लागू होने की मथुरा सहित देश की जनता को बधाई। इसको लेकर कुछ लोग भ्रमित प्रचार करते थे और करते हैं। जनता उनकी बातों में न आए।
- निर्भय पांडेय, जिलाध्यक्ष भाजपा
सीएए को चुनावी माहौल में भुनाने के लिए लागू किया गया है। अपनी असफलताओं को छिपाने को भाजपा ने हिंदू-मुस्लिम कार्ड खेला है। इस कानून का कोई लाभ नहीं।
- ठा. अजीत सिंह, जिलाध्यक्ष सपा
सीएए गैर मुस्लिमों की नागरिकता का रास्ता प्रशस्त करेगा। रालोद, भाजपा गठबंधन अब देश की तरक्की के लिए मिलकर अन्य काम करेगा।
- राजपाल भारंगर, जिलाध्यक्ष रालोद
गैर मुस्लिम प्रवासियों को कानून लागू होने की बहुत बधाई। जब सदन में बिल पास हुआ तो बहुत लोगों ने विरोध किया। मगर, ये सब विपक्ष के इशारों पर था। समुदाय विशेष इस कानून को बारीकी से पढ़ें।
- सविता सिंह सौरोत, समाजसेवी
सीएए लागू होने की खुशी में बांटी मिठाई
केंद्र सरकार द्वारा देश भर में नागरिक संशोधन कानून (सीएए) लागू करने की खुशी में श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास समिति के पदाधिकारियों ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि के सामने मिठाई वितरित की। अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि यह खुशी की बात है कि केंद्र सरकार ने सीएए लागू कर दिया है। इससे बाहरी देशों से भारत में आने वाले गैर मुस्लिमों को भारत की नागरिकता मिल सकेगी।