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दर्शन का समय बढ़ाने के मामले की सुनवाई १६ को
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दर्शन का समय बढ़ाने के मामले की सुनवाई १६ को
ठा. श्रीबांकेबिहारी के दर्शन के बढ़े समय का आदेश रुकेगा या जारी रहेगा अभी स्पष्ट नहीं
मथुरा। ठाकुर श्रीबांके बिहारी जी के दर्शनों का समय बढ़ाने के विरोध में सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में दाखिल प्रार्थना पत्र दर्ज कर लिया गया है। प्रार्थना पत्र अधिवक्तागण गिरधारी लाल शर्मा और दीपक शर्मा ने बुधवार को सिविल जज जूनियर डिवीजन की न्यायाधीश कोमल शुक्ला के समक्ष पेश किया था। अदालत ने प्रार्थना पत्र की आपत्तियों के निस्तारण के लिए १६ दिसंबर की तारीख तय की है। फिलहाल अदालत ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि उनके प्रार्थना पत्र के निस्तारण तक दर्शन के बढ़े समय संबंधी आदेश रुकेगा या फिर जारी रहेगा।
ठाकुरीजी के दर्शनों के लिए बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर की प्रशासन सिविल जज जूनियर डिवीजन ने ठाकुर बांके बिहारी के दर्शनों के समय में वृद्धि कर दी। दर्शनों का कुल समय ११ घंटे कर दिया गया। इसके विरोध में अधिवक्तागण ने एक प्रार्थना पत्र अदालत को दिया। जिसमें बताया कि ब्रज मेें भगवान श्री कृष्ण केवल १४ वर्ष तक ही रहे हैं। इस कारण ब्रजवासी उनकी सेवा पूजा में बाल्यावस्था का ही भाव रखते हैं। इसी भाव से ठाकुरजी की सेवा भी की जाती है। बालक को पर्याप्त आराम का समय दिया जाता है, इसलिए ठाकुर यदि न्यायालय के आदेश के अनुरूप समय में परिवर्तन हुआ तो ठाकुर बांके बिहारी के आराम करने के समय में व्यवधान पैदा होगा। अधिवक्तागण ने अदालत द्वारा दर्शनों के बढ़ाए हुए समय पर आपत्ति दर्ज कराई है। संवाद
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ठा. श्रीबांकेबिहारी के दर्शन के बढ़े समय का आदेश रुकेगा या जारी रहेगा अभी स्पष्ट नहीं
मथुरा। ठाकुर श्रीबांके बिहारी जी के दर्शनों का समय बढ़ाने के विरोध में सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में दाखिल प्रार्थना पत्र दर्ज कर लिया गया है। प्रार्थना पत्र अधिवक्तागण गिरधारी लाल शर्मा और दीपक शर्मा ने बुधवार को सिविल जज जूनियर डिवीजन की न्यायाधीश कोमल शुक्ला के समक्ष पेश किया था। अदालत ने प्रार्थना पत्र की आपत्तियों के निस्तारण के लिए १६ दिसंबर की तारीख तय की है। फिलहाल अदालत ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि उनके प्रार्थना पत्र के निस्तारण तक दर्शन के बढ़े समय संबंधी आदेश रुकेगा या फिर जारी रहेगा।
ठाकुरीजी के दर्शनों के लिए बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर की प्रशासन सिविल जज जूनियर डिवीजन ने ठाकुर बांके बिहारी के दर्शनों के समय में वृद्धि कर दी। दर्शनों का कुल समय ११ घंटे कर दिया गया। इसके विरोध में अधिवक्तागण ने एक प्रार्थना पत्र अदालत को दिया। जिसमें बताया कि ब्रज मेें भगवान श्री कृष्ण केवल १४ वर्ष तक ही रहे हैं। इस कारण ब्रजवासी उनकी सेवा पूजा में बाल्यावस्था का ही भाव रखते हैं। इसी भाव से ठाकुरजी की सेवा भी की जाती है। बालक को पर्याप्त आराम का समय दिया जाता है, इसलिए ठाकुर यदि न्यायालय के आदेश के अनुरूप समय में परिवर्तन हुआ तो ठाकुर बांके बिहारी के आराम करने के समय में व्यवधान पैदा होगा। अधिवक्तागण ने अदालत द्वारा दर्शनों के बढ़ाए हुए समय पर आपत्ति दर्ज कराई है। संवाद
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