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अस्पतालों में कतार, ओपीडी हाउसफुल
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
Updated Wed, 23 Sep 2015 12:11 AM IST
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जिले में बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। हालात कुछ ऐसे हैं कि महर्षि दयानंद अस्पताल में जहां रोगियों की कतार लगी है तो निजी चिकित्सकों के यहां ओपीडी हाउसफुल। ऐसे में मरीज अगले दिन के नंबर के लिए भी भटक रहे हैं। इधर, जिले के अधिकारियों द्वारा इन परिस्थितियों में भी अस्पताल का हाल जानने की कोशिश नहीं की जा रही है।
बुखार ने शहर, देहात में पैर पसारने शुरूकर दिए हैं। बेहतर इलाज के लिए लोग आगरा और दिल्ली तक दौड़ लगाने से भी गुरेज नहीं कर रहे। इसकी सबसे बड़ी वजह जिले में चिकित्सकों के यहां मरीजों की मारामारी है। आलम ये है कि शहर के कई चिकित्सकों की ओपीडी सेम डे के लिए हाउसफुल है।
ऐसे में मरीजों के नंबर अगले दिन के लिए लगाए जा रहे हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या देहात से आने वाले मरीजों की है। पहले तो रोगियों के बुखार का नाम सुनकर होश उड़ जाते हैं। उसके बाद इलाज के लिए भी इधर-उधर भटकना पड़ता है। महर्षि दयानंद अस्पताल में भी रोगियों की संख्या में इजाफा दर्ज किया गया है। यहां प्रतिदिन 1200 रोगियों का परीक्षण कर उपचार किया जा रहा है। जो पहले से 20 फीसदी अधिक है।
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चाइन किट पर निर्भर डेंगू की जांच
निजी अस्पतालों और पैथलॉजी लैब में डेंगू जांच के लिए चाइन किट इस्तेमाल की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग इन जांच रिपोर्ट के आधार पर डेंगू की पुष्टि नहीं करता लेकिन सरकारी तंत्र इस कदर लचर है कि निजी अस्पताल से डेंगू रोगियों के लिए नमूनों की जांच एसएन मेडिकल कालेज से लगभग एक माह बाद भी नहीं आ सकी है। महर्षि दयानंद अस्पताल के कार्यवाहक पैथोलॉजिस्ट डा. अमिताभ पांडेय बताते हैं कि बाजार में जो किट इस्तेमाल की जा रही है उससे बेहतर जांच महर्षि दयानंद अस्पताल में है।
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बुखार ने शहर, देहात में पैर पसारने शुरूकर दिए हैं। बेहतर इलाज के लिए लोग आगरा और दिल्ली तक दौड़ लगाने से भी गुरेज नहीं कर रहे। इसकी सबसे बड़ी वजह जिले में चिकित्सकों के यहां मरीजों की मारामारी है। आलम ये है कि शहर के कई चिकित्सकों की ओपीडी सेम डे के लिए हाउसफुल है।
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ऐसे में मरीजों के नंबर अगले दिन के लिए लगाए जा रहे हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या देहात से आने वाले मरीजों की है। पहले तो रोगियों के बुखार का नाम सुनकर होश उड़ जाते हैं। उसके बाद इलाज के लिए भी इधर-उधर भटकना पड़ता है। महर्षि दयानंद अस्पताल में भी रोगियों की संख्या में इजाफा दर्ज किया गया है। यहां प्रतिदिन 1200 रोगियों का परीक्षण कर उपचार किया जा रहा है। जो पहले से 20 फीसदी अधिक है।
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चाइन किट पर निर्भर डेंगू की जांच
निजी अस्पतालों और पैथलॉजी लैब में डेंगू जांच के लिए चाइन किट इस्तेमाल की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग इन जांच रिपोर्ट के आधार पर डेंगू की पुष्टि नहीं करता लेकिन सरकारी तंत्र इस कदर लचर है कि निजी अस्पताल से डेंगू रोगियों के लिए नमूनों की जांच एसएन मेडिकल कालेज से लगभग एक माह बाद भी नहीं आ सकी है। महर्षि दयानंद अस्पताल के कार्यवाहक पैथोलॉजिस्ट डा. अमिताभ पांडेय बताते हैं कि बाजार में जो किट इस्तेमाल की जा रही है उससे बेहतर जांच महर्षि दयानंद अस्पताल में है।