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Mathura News: चार साल से ओवरलोड चल रहा औरंगाबाद बिजली घर
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फोटो
- 33 केवी बिजलीघर से जुड़े हैं 13 हजार उपभोक्ताओं
- बिजली घर से पोषित होते हैं गोशाला, रेलवे बाद और आनंदवन फीडर
- लोड कम करने को लगातार की जा रही चेकिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा। आगरा-मथुरा मार्ग स्थित औरंगाबाद 33 केवी सब स्टेशन पिछले चार साल से ओवरलोड चल रहा है। इस कारण बिजली घर से जुड़े हजारों उपभोक्ताओं को तो परेशानी का सामना करना पड़ता ही है अधिकारियों को भी निर्बाध आपूर्ति के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। लोड कम करने के लिए विद्युत निगम के अधिकारी अवैध रूप से बिजली उपभोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में जुटे हैं।
औरंगाबाद स्थित 33 केवी सब स्टेशन से जुड़े गोशाला, रेलवे बाद और आनंदवन फीडर के उपभोक्ताओं को लंबे समय से निर्बाध आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। इसके पीछे सब स्टेशन का ओवरलोड होना प्रमुख कारण माना जा रहा है। विद्युत निगम अधिकारियों के अनुसार सब स्टेशन की क्षमता 10 एमवीए की है, लेकिन लोड इससे अधिक होने के कारण सब स्टेशन से पोषित फीडरों के 13 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विद्युत वितरण खंड (प्रथम) के इस बिजली घर से तीन फीडर संचालित होते हैं। इनमें गोशाला, रेलवे बाद और आनंदवन फीडर प्रमुख है। निगम के अधिकारियों के अनुसार तीनों फीडरों से औरंगाबाद, दामोदरपुरा, कदंब विहार, गोशाला, रेलवे बाद, आनंदवन आदि क्षेत्र को बिजली आपूर्ति दी जाती है। लोड कम करने के लिए अधिकारी रात में भी चेकिंग करने में लगे हैं। रविवार रात को एसडीओ ने औरंगाबाद क्षेत्र में सात लोगों को अवैध रूप से बिजली उपभोग करते हुए पकड़ा। इन सभी के खिलाफ बिजलीघर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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चार साल पहले गया था क्षमता वृद्धि का प्रस्ताव
33केवी सब स्टेशन की क्षमता वृद्धि के लिए योगी आदित्यनाथ के पिछले कार्यकाल में प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन अभी तक क्षमता वृद्धि नहीं हो पाई है। जिस समय क्षमता वृद्धि का प्रस्ताव भेजा गया था मथुरा-वृंदावन के विधायक श्रीकांत शर्मा ऊर्जा मंत्री थे। इसके बाद भी अधिकारियों ने कई बार क्षमता वृद्धि के लिए प्रस्ताव भेजा है, लेकिन अभी तक शासन ने इसे हरी झंडी नहीं दी है।
तीनों फीडरों को बार-बार बंद करके दी जा रही आपूर्ति
- सब स्टेशन से जुड़े 13 हजार उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। ओवरलोड होने के कारण अधिकारी कभी गोशाला फीडर को बंद करके रेलवे बाद को चलाते हैं तो कभी रेलवे बाद को बंद करके आनंदवन फीडर को संचालित करते हैं। क्षमता कम होने के कारण एक साथ तीनों फीडरों को संचालित नहीं किया जा रहा है।
बयान
मुझे अभी एक साल ही हुआ है। इससे पहले भी बिजलीघर ओवरलोड बताया जा रहा था। ओवरलोड के कारण फीडरों को इधर-उधर के बिजलीघरों से जोड़कर सप्लाई की जाती है। लोड कम करने के लिए चेकिंग भी की जाती है। ताकि बिजली चोरी करने वालों पर रोक लग सके।
सौरभ मिश्रा, उपखंड अधिकारी औरंगाबाद
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- 33 केवी बिजलीघर से जुड़े हैं 13 हजार उपभोक्ताओं
- बिजली घर से पोषित होते हैं गोशाला, रेलवे बाद और आनंदवन फीडर
- लोड कम करने को लगातार की जा रही चेकिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा। आगरा-मथुरा मार्ग स्थित औरंगाबाद 33 केवी सब स्टेशन पिछले चार साल से ओवरलोड चल रहा है। इस कारण बिजली घर से जुड़े हजारों उपभोक्ताओं को तो परेशानी का सामना करना पड़ता ही है अधिकारियों को भी निर्बाध आपूर्ति के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। लोड कम करने के लिए विद्युत निगम के अधिकारी अवैध रूप से बिजली उपभोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में जुटे हैं।
औरंगाबाद स्थित 33 केवी सब स्टेशन से जुड़े गोशाला, रेलवे बाद और आनंदवन फीडर के उपभोक्ताओं को लंबे समय से निर्बाध आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। इसके पीछे सब स्टेशन का ओवरलोड होना प्रमुख कारण माना जा रहा है। विद्युत निगम अधिकारियों के अनुसार सब स्टेशन की क्षमता 10 एमवीए की है, लेकिन लोड इससे अधिक होने के कारण सब स्टेशन से पोषित फीडरों के 13 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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विद्युत वितरण खंड (प्रथम) के इस बिजली घर से तीन फीडर संचालित होते हैं। इनमें गोशाला, रेलवे बाद और आनंदवन फीडर प्रमुख है। निगम के अधिकारियों के अनुसार तीनों फीडरों से औरंगाबाद, दामोदरपुरा, कदंब विहार, गोशाला, रेलवे बाद, आनंदवन आदि क्षेत्र को बिजली आपूर्ति दी जाती है। लोड कम करने के लिए अधिकारी रात में भी चेकिंग करने में लगे हैं। रविवार रात को एसडीओ ने औरंगाबाद क्षेत्र में सात लोगों को अवैध रूप से बिजली उपभोग करते हुए पकड़ा। इन सभी के खिलाफ बिजलीघर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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चार साल पहले गया था क्षमता वृद्धि का प्रस्ताव
33केवी सब स्टेशन की क्षमता वृद्धि के लिए योगी आदित्यनाथ के पिछले कार्यकाल में प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन अभी तक क्षमता वृद्धि नहीं हो पाई है। जिस समय क्षमता वृद्धि का प्रस्ताव भेजा गया था मथुरा-वृंदावन के विधायक श्रीकांत शर्मा ऊर्जा मंत्री थे। इसके बाद भी अधिकारियों ने कई बार क्षमता वृद्धि के लिए प्रस्ताव भेजा है, लेकिन अभी तक शासन ने इसे हरी झंडी नहीं दी है।
तीनों फीडरों को बार-बार बंद करके दी जा रही आपूर्ति
- सब स्टेशन से जुड़े 13 हजार उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। ओवरलोड होने के कारण अधिकारी कभी गोशाला फीडर को बंद करके रेलवे बाद को चलाते हैं तो कभी रेलवे बाद को बंद करके आनंदवन फीडर को संचालित करते हैं। क्षमता कम होने के कारण एक साथ तीनों फीडरों को संचालित नहीं किया जा रहा है।
बयान
मुझे अभी एक साल ही हुआ है। इससे पहले भी बिजलीघर ओवरलोड बताया जा रहा था। ओवरलोड के कारण फीडरों को इधर-उधर के बिजलीघरों से जोड़कर सप्लाई की जाती है। लोड कम करने के लिए चेकिंग भी की जाती है। ताकि बिजली चोरी करने वालों पर रोक लग सके।
सौरभ मिश्रा, उपखंड अधिकारी औरंगाबाद