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कभी भी हो सकता है हादसा, रेलपथ इंजीनियर बने हुए हैं अनजान
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Fri, 31 Mar 2017 12:09 AM IST
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मथुरा-दिल्ली रेल मार्ग पर टूटे स्लीपरों और बिना क्लिप लगे रेल मार्ग पर हाईस्पीड ट्रेन दौड़ रही हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। रेलवे अधिकारी और रेल पथ इंजीनियर इन टूटे हुए स्लीपर से अनजान बने हुए हैं।
मथुरा-दिल्ली रेल मार्ग पर आगरा, भोपाल, मुंबई, कोटा, रतलाम, सूरत मुंबई रूट की रोजाना 125 से अधिक ट्रेन और 50 से अधिक मालगाड़ी गुजरती हैं। नए बस अड्डा के निकट बनी पुलिया के ऊपर मोड़ पर छह स्लीपर लंबे समय से टूटे हुए हैं। स्लीपरों में रेल लाइन को फिक्स करने को लगाई गई क्लिप भी गायब हैं।
तेज गति से दौड़ने वाली ट्रेन इससे कभी भी दुर्घटना ग्रस्त हो सकती हैं, लेकिन समय-समय पर रेल अधिकारियों के होने वाले निरीक्षण के बावजूद यह स्थिति बनी हुई है। यह हालात तो तब हैं जब 27 मार्च को एनसीआर के जीएम एमसी चौहान ने चौथी रेल लाइन का निरीक्षण किया। जीएम की स्पेशल ट्रेन भी इसी मार्ग से गुजरी थी।
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मथुरा-दिल्ली रेल मार्ग पर आगरा, भोपाल, मुंबई, कोटा, रतलाम, सूरत मुंबई रूट की रोजाना 125 से अधिक ट्रेन और 50 से अधिक मालगाड़ी गुजरती हैं। नए बस अड्डा के निकट बनी पुलिया के ऊपर मोड़ पर छह स्लीपर लंबे समय से टूटे हुए हैं। स्लीपरों में रेल लाइन को फिक्स करने को लगाई गई क्लिप भी गायब हैं।
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तेज गति से दौड़ने वाली ट्रेन इससे कभी भी दुर्घटना ग्रस्त हो सकती हैं, लेकिन समय-समय पर रेल अधिकारियों के होने वाले निरीक्षण के बावजूद यह स्थिति बनी हुई है। यह हालात तो तब हैं जब 27 मार्च को एनसीआर के जीएम एमसी चौहान ने चौथी रेल लाइन का निरीक्षण किया। जीएम की स्पेशल ट्रेन भी इसी मार्ग से गुजरी थी।
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