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Manoj Kumar: मथुरा के रहने वाले थे अभिनेता मनोज कुमार, इसलिए जाना पड़ा था पाकिस्तान...खुद बताई थी वजह
Sat, 05 Apr 2025 12:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 05 Apr 2025 12:16 PM IST
सार
भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और भारत कुमार के नाम से मशहूर मनोज कुमार का 87 वर्ष की आयु में शुक्रवार को मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन से न केवल बॉलीवुड में बल्कि मथुरा और ब्रज क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई है।
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मनोज कुमार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार का मथुरा से गहरा ऐतिहासिक और भावनात्मक संबंध था जो हमेशा उनके जीवन और कॅरिअर का अहम हिस्सा रहा। श्रीबांके बिहारी मंदिर के सेवायत गोपी गोस्वामी ने अभिनेता से जुड़ी यादों को साझा करते हुए बताया कि वृंदावन में आने के बाद मनोज कुमार ने खुद बताया था कि उनके पूर्वज मथुरा के सारस्वत ब्राह्मण थे। 2005 में स्वामी हरिदास संगीत एवं नृत्य महोत्सव में वह बतौर मुख्य अतिथि थे। गोपी गोस्वामी उसके आयोजक थे।
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गांव का नाम नहीं बता सके थे
कार्यक्रम के दौरान अभिनेता मनोज कुमार ने खुद ही कहा था कि उनके पूर्वज मथुरा जिले की तहसील मांट के पास एक गांव से थे। उन्हें हालांकि गांव का नाम ध्यान नहीं है। रोजी-रोटी के लिए उनके पूर्वज पाकिस्तान के एबटाबाद और मुल्तान में बस गए थे। विभाजन के बाद उनका परिवार दिल्ली में आकर बस गया। मनोज कुमार ने यह भी बताया था कि उनका असली नाम हरि किशन गिरि गोस्वामी था और उनका परिवार सारस्वत ब्राह्मण समुदाय से था।
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कार्यक्रम के दौरान अभिनेता मनोज कुमार ने खुद ही कहा था कि उनके पूर्वज मथुरा जिले की तहसील मांट के पास एक गांव से थे। उन्हें हालांकि गांव का नाम ध्यान नहीं है। रोजी-रोटी के लिए उनके पूर्वज पाकिस्तान के एबटाबाद और मुल्तान में बस गए थे। विभाजन के बाद उनका परिवार दिल्ली में आकर बस गया। मनोज कुमार ने यह भी बताया था कि उनका असली नाम हरि किशन गिरि गोस्वामी था और उनका परिवार सारस्वत ब्राह्मण समुदाय से था।
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वृंदावन में था परिवार का आश्रम
मनोज कुमार ने वृंदावन में एक और अहम बात साझा की थी कि उनके परिजनों का गुरुस्थान घासी संत मंडल आश्रम था, जो अखंडानंद जी मोतीझील आश्रम के पास स्थित है। यहां उनका आना-जाना रहा और यह स्थान उनके दिल के करीब था।
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मनोज कुमार ने वृंदावन में एक और अहम बात साझा की थी कि उनके परिजनों का गुरुस्थान घासी संत मंडल आश्रम था, जो अखंडानंद जी मोतीझील आश्रम के पास स्थित है। यहां उनका आना-जाना रहा और यह स्थान उनके दिल के करीब था।
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श्रद्धांजलि सभा का हुआ आयोजन
मनोज कुमार के निधन के बाद संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास समिति ने मथुरा में श्रद्धांजलि सभा का भी आयोजन किया। समिति के अध्यक्ष मुरलीधर गोस्वामी, सचिव गोपी गोस्वामी, संयोजक अनूप शर्मा, समन्वयक अभय वशिष्ठ और अन्य प्रमुख व्यक्तियों ने उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
मनोज कुमार के निधन के बाद संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास समिति ने मथुरा में श्रद्धांजलि सभा का भी आयोजन किया। समिति के अध्यक्ष मुरलीधर गोस्वामी, सचिव गोपी गोस्वामी, संयोजक अनूप शर्मा, समन्वयक अभय वशिष्ठ और अन्य प्रमुख व्यक्तियों ने उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।