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छठी है लली की रीज़ भी बरसाने की कुंवरि हैं राधारानी
Mathura
Updated Mon, 08 Sep 2014 05:30 AM IST
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नंदगांव/बरसाना। वृषभानु नंदिनी के जन्मोत्सव के छह दिन बाद उनकी छठी महोत्सव में ब्रज के गोप-गोपियों ने वृषभानु जी के महल में पहुंच कर लाली के छठी पूजन में मंगल गीत गाकर उसे आशीर्वाद दिया। इसी प्राचीन परंपरा का निर्वहन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण की आह्लादिनी शक्ति राधारानी के निज महल और वृषभानु मंदिर में रविवार को सेवायताें और श्रद्धालुओं ने उनकी छठी महोत्सव मनाया।
ब्रज में बालक और बालिका के जन्म लेने के छह दिन बाद उसकी छठी पूजी जाती है और आसपास की महिलाओं को बुला कर मंगल गीत गाए जाते हैं। उसके जन्म के दौरान सातियां रखा जाता है। वृषभानु नंदिनी चाहे दुनिया के लिए देवी हों, लेकिन बरसानावासियों को लिए सिर्फ एक छोटी सी किशोरी के रूप में हैं। इसी प्रेम और भाव को रखते हुए रविवार को राधारानी की छठी महोत्सव का आयोजन, कस्बे के लाड़ली जी मंदिर और वृषभान मंदिर में किया गया। भाद्रसुदी की अष्टमी को जन्मीं नंदिनी के छह दिन बाद उनकी छठी बड़ी ही धूमधाम से पूजी गई।
इस दौरान छठी है लली की री हैली आज पुजावति आरज गोपी री, मंगल गावहि गांव गांव से रि हैली फुलसी आवहिं। आजु बधाई है बरसाने सब लोक बगे सहदाने, कहत नंद वृषभानु रायसौं और बात को जानें। आजु भाईया ब्रजवासी हम सब तेरे ही हाथ बिकाने। या कन्या के आगे कोटिक बेटों को अगमानें, तेरे भले भलौ सब इन कौ आनंद कौन बखाने। रंग महल रहयौ पालना रानी कीरत कुवंरि झुलावें आदि के पदों की प्रस्तुती की गई।
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करीब बारह बजे लाडली जी मंदिर और वृषभानु मंदिर में वृषभानु नंदिनी की रीति रिवाजों के साथ छठी पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान अष्टमी के दिन रखे गए सातिए को भी प्रियाकुंड में प्रवाहित किया गया। इस अवसर पर लाडली जी मंदिर और वृषभानु मंदिर में ब्रह्मणों को भोजन कराया गया और श्रद्धालुओं को हलुआ प्रसाद वितरण किया गया। छठी महोत्सव के साथ ही लाड़ली जी मंदिर में चल रहे बीस दिवसीय बधाई समाज गायन का भी समापन हो गया।
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ब्रज में बालक और बालिका के जन्म लेने के छह दिन बाद उसकी छठी पूजी जाती है और आसपास की महिलाओं को बुला कर मंगल गीत गाए जाते हैं। उसके जन्म के दौरान सातियां रखा जाता है। वृषभानु नंदिनी चाहे दुनिया के लिए देवी हों, लेकिन बरसानावासियों को लिए सिर्फ एक छोटी सी किशोरी के रूप में हैं। इसी प्रेम और भाव को रखते हुए रविवार को राधारानी की छठी महोत्सव का आयोजन, कस्बे के लाड़ली जी मंदिर और वृषभान मंदिर में किया गया। भाद्रसुदी की अष्टमी को जन्मीं नंदिनी के छह दिन बाद उनकी छठी बड़ी ही धूमधाम से पूजी गई।
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इस दौरान छठी है लली की री हैली आज पुजावति आरज गोपी री, मंगल गावहि गांव गांव से रि हैली फुलसी आवहिं। आजु बधाई है बरसाने सब लोक बगे सहदाने, कहत नंद वृषभानु रायसौं और बात को जानें। आजु भाईया ब्रजवासी हम सब तेरे ही हाथ बिकाने। या कन्या के आगे कोटिक बेटों को अगमानें, तेरे भले भलौ सब इन कौ आनंद कौन बखाने। रंग महल रहयौ पालना रानी कीरत कुवंरि झुलावें आदि के पदों की प्रस्तुती की गई।
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करीब बारह बजे लाडली जी मंदिर और वृषभानु मंदिर में वृषभानु नंदिनी की रीति रिवाजों के साथ छठी पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान अष्टमी के दिन रखे गए सातिए को भी प्रियाकुंड में प्रवाहित किया गया। इस अवसर पर लाडली जी मंदिर और वृषभानु मंदिर में ब्रह्मणों को भोजन कराया गया और श्रद्धालुओं को हलुआ प्रसाद वितरण किया गया। छठी महोत्सव के साथ ही लाड़ली जी मंदिर में चल रहे बीस दिवसीय बधाई समाज गायन का भी समापन हो गया।