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Mathura News: 38 शिकायतें, 38 मिनट चली जिंदगी की जद्दोजहद और फिर सब खत्म
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मथुरा। व्यापारी नेता हेमेंद्र गर्ग उर्फ हेमू ने प्रशासन को 38 शिकायतें भेजी थीं। ये सभी शिकायतें सरकारी जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण से संबंधित थीं। इन 38 शिकायतों पर तो कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन 38 मिनट जिंदगी की जद्दोजहद के बाद सब खत्म हो गया।
गोविंदनगर थाना क्षेत्र के गायत्री विहार निवासी हेमेंद्र कॉलोनी के पास ही स्थित एक बेशकीमती जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे के लिए लड़ रहे थे। इसके लिए उन्होंने प्रशासन को एक दो नहीं बल्कि 38 शिकायतें की थीं। इन शिकायतों में बताया था कि संबंधित जमीन सरकारी विभागों की है। इसके बाद भी गलत तरीके से उसका मानचित्र पास करा लिया गया। यहां तक इस जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण को रोकने के लिए भी उन्होंने सभी अधिकारियों के दर पर गुहार लगाई। इसके बाद भी प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
न तो निर्माण कार्य रुका और न ही शिकायतों की ठोस जांच हुई। एक सप्ताह पूर्व 17 अप्रैल को भी हेमेंद्र ने सभी अधिकारियों से मामले की शिकायत की थी, लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदारों की नींद नहीं टूटी। बुधवार को देर रात हेमेंद्र को गोली मार दी गई। 10 बजे के करीब गोली लगने के बाद पूरे 38 मिनट जिंदगी और मौत के बीच जद्दोजहद चली और आखिरकार रात 10.38 बजे सब खत्म हो गया। सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण के विरोध में आवाज उठाने वाले हेमेंद्र हमेशा के मौन हो गए।
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टाइमलाइन
-10 बजे हेमेंद्र को बदमाशों ने मारी गोली
-10.10 बजे सूचना पर पहुंचे परिजन
-10.15 बजे पास के उत्कर्ष हॉस्पिटल लेकर पहुंचे परिजन
-10.30 बजे हाईवे स्थित माहेश्वरी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे परिजन
-10.38 बजे हाईवे स्थित सिम्स हॉस्पिटल में मृत किया घोषित
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गोविंदनगर थाना क्षेत्र के गायत्री विहार निवासी हेमेंद्र कॉलोनी के पास ही स्थित एक बेशकीमती जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे के लिए लड़ रहे थे। इसके लिए उन्होंने प्रशासन को एक दो नहीं बल्कि 38 शिकायतें की थीं। इन शिकायतों में बताया था कि संबंधित जमीन सरकारी विभागों की है। इसके बाद भी गलत तरीके से उसका मानचित्र पास करा लिया गया। यहां तक इस जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण को रोकने के लिए भी उन्होंने सभी अधिकारियों के दर पर गुहार लगाई। इसके बाद भी प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
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न तो निर्माण कार्य रुका और न ही शिकायतों की ठोस जांच हुई। एक सप्ताह पूर्व 17 अप्रैल को भी हेमेंद्र ने सभी अधिकारियों से मामले की शिकायत की थी, लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदारों की नींद नहीं टूटी। बुधवार को देर रात हेमेंद्र को गोली मार दी गई। 10 बजे के करीब गोली लगने के बाद पूरे 38 मिनट जिंदगी और मौत के बीच जद्दोजहद चली और आखिरकार रात 10.38 बजे सब खत्म हो गया। सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण के विरोध में आवाज उठाने वाले हेमेंद्र हमेशा के मौन हो गए।
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टाइमलाइन
-10 बजे हेमेंद्र को बदमाशों ने मारी गोली
-10.10 बजे सूचना पर पहुंचे परिजन
-10.15 बजे पास के उत्कर्ष हॉस्पिटल लेकर पहुंचे परिजन
-10.30 बजे हाईवे स्थित माहेश्वरी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे परिजन
-10.38 बजे हाईवे स्थित सिम्स हॉस्पिटल में मृत किया घोषित