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कश्मीर में ३१७ मंदिर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं : महेश पाठक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Jul 2022 11:48 PM IST
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317 temples in dilapidated condition in Kashmir: Mahesh Pathak
मथुरा। कश्मीर मेें आज की तारीख में भी हालात अच्छे नहीं हैं। वहां पर करीब ३१७ मंदिर जीर्ण-शीर्ण हालत में हैं। उनको ठीक करने की आवश्यकता है। इनमें से कई मंदिरों पर दूसरे लोगों का कब्जा है। यदि जल्द ही इन मंदिरों की स्थिति को नहीं सुधारा गया तो यह खत्म हो जाएंगे। यह जानकारी कश्मीर की यात्रा करके लौटे अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पाठक ने दी।
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उन्होंने शनिवार को भैंस बहोरा में समाजवाडी में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि धारा ३७० हटने के बाद मंदिरों के हालात नहीं सुधरे हैं। उन्होंने बताया कि इन मंदिरों में कोई तीर्थ पुरोहित तक नहीं हैं। वहां का युवा बेरोजगार है। उसके पास कोई रोजगार तक नहीं हैं। कश्मीर के कई मंदिरों के बारे में इन सबकी जानकारी उप राज्यपाल मनोज सिन्हा को दी।
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मंदिरों में तीर्थ पुरोहितों को प्रशिक्षित करने संबंधी सुझाव उन्होंने दिया है। यदि सरकार की सहमति होगी तो वह इन मंदिरों के लिए तीर्थ पुरोहितों को प्रशिक्षित करेंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग यहां पर मंदिरों के लिए कोर्ट कचहरी के चक्कर लगा रहे हैं वह कश्मीर जाएं वहां पर ३१७ मंदिर उनका इंतजार कर रहे हैं।
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बोले कि वह और कुछ कहेंगे तो उसे राजनीतिक नजरिये से देखा जाएगा। परंतु सच्चाई यह है कि सरकार के बड़े-बडे पैकेज वहां धरातल पर नहीं हैं। पत्रकार वार्ता में एडवोकेट राकेश तिवारी, संजय एल्पाइन, गिरधारी लाल पाठक आदि मौजूद थे।
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