प्यार में लांघ दीं सीमाएं: दो सहेलियों को हुआ प्यार, एक को घरवालों ने किया कैद; दूसरी लड़ रही मोहब्बत की जंग
दोनों के बीच का प्यार सारी सीमाएं लांघ गया। जब इसकी जानकारी एक युवती के परिजन को हुई तो मिलने पर बंदिश लगा दी। इस बीच मौका पाकर दोनों ने 26 अगस्त को कोर्ट मैरिज कर ली। एक शपथ पत्र दिया, इसमें कहा कि वह छह साल से साथ पढ़ते हैं और साथ रहते आ रहे हैं। हम दोनों एक दूसरे के बिना नहीं रह सकते।
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यूपी के मैनपुरी स्थित करहल में छह साल से साथ पढ़ने और साथ रहने के दौरान कस्बा की रहने वाली दो युवतियों को प्यार हो गया। परिवार वाले विरोध में उतरते, इससे पहले ही दोनों ने 26 अगस्त को नौटेरी शपथ पत्र के जरिए कोर्ट मैरिज कर ली। अब एक युवती के परिजन उसे घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। उस पर साथ छोड़ने का दवाब बना रहे हैं। अलग होने से दोनों युवतियां बेहद परेशान हैं, एक युवती का कहना है कि वह दूर नहीं रह सकते, वह अब सहेली का साथ पाने के लिए पुलिस की मदद लेगी।
दोनों हमेशा रहती थीं साथ
थाना करहल क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 21 वर्षीय युवती छह साल से पास के गांव की रहने वाली युवती के साथ स्कूल में पढ़ती थी, दोनों का अधिकतर समय साथ ही गुजरता। दोनों के परिजन उनके साथ को पहले दो सहेलियों का स्नेह समझते रहे, मगर उन्हें नहीं पता था कि दोनों एक दूसरे के साथ जीने मरने की कसम खा चुकी हैं।
प्यार में लांघ दी सारी सीमाएं
उधर, दोनों के बीच का प्यार सारी सीमाएं लांघ गया। जब इसकी जानकारी एक युवती के परिजन को हुई तो मिलने पर बंदिश लगा दी। इस बीच मौका पाकर दोनों ने 26 अगस्त को कोर्ट मैरिज कर ली। एक शपथ पत्र दिया, इसमें कहा कि वह छह साल से साथ पढ़ते हैं और साथ रहते आ रहे हैं। हम दोनों एक दूसरे के बिना नहीं रह सकते। हमने फैसला कर लिया है कि हमेशा साथ रहेंगे। यदि परिजन हमें अलग करने की कोशिश करते हैं तो यह गलत होगा। इसके बाद से ही एक युवती के परिजन घर से बाहर जाने व युवती से मिलने पर पाबंदी लगा दी है। जिसके चलते दोनों परेशान हैं और अब किसी तरह एक दूसरे का साथ चाहती हैं। एक युवती का कहना है कि अगर घरवाले नहीं माने तो वह अब पुलिस की मदद लेगी।
पुरुषों से नफरत नहीं, मगर सहेली से बेइंतहा प्यार
एक युवती से जब पूछा गया कि वह अपनी सहेली को हम सफर चुन चुकी है। क्या वह पुरुषों से नफरत करती है। जिस वजह से उनसे शादी नहीं करना चाहती। इस पर युवती ने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है। वह पुरुषों से नफरत तो नहीं करती, मगर इतना जरूर कह सकती है कि वह अपनी सहेली से बेइंतहा प्यार करती है। उसके बिना रह नहीं सकती। वह शादी कर चुके हैं और अब चाहें जो हो जाएगा। वह लोग जिंदगी भर साथ रहेंगे। दोनों ने साथ मिल कर फैसला लिया है और उसे निभाने के लिए कुछ भी कर जाएंगे।
घरवालों के दवाब में है सहेली
युवती ने बताया कि परिजन को जब उनके प्रेम के बारे में जानकारी मिली तो सहेली के घरवालों ने मिलने जुलने पर रोक लगा दी। वह बालिग हैं और अपनी सहमति से कोर्ट मैरिज कर ली है। इसके बाद से युवती के घरवाले उसे घर में कैद रखे हुए हैं। सोशल मीडिया पर हुई बातचीत में सहेली ने अपनी परेशानी बताई और हमेशा साथ निभाने का वादा भी किया है। मगर, सहेली काफी परेशान है। घरवाले उसे परेशान कर रहे हैं।
कानूनी मान्यता नहीं मगर, अपराध भी नहीं
बात करें समलैगिंकता को लेकर भारत के कानून की तो समलैंगिक विवाह को सुप्रीम कोर्ट ने अभी तक कानूनी मान्यता नहीं दी है। हालांकि कोर्ट ने वर्ष 2018 में समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से हटा दिया था। वहीं एक फैसले में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने का काम संसद का बताया था।