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तीन दिन बाद फिर वही हाल, नहीं मिला कैश
ब्यूरो अमर उजाला, मैनपुरी
Updated Tue, 13 Dec 2016 11:29 PM IST
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तीन दिन बाद फिर वही हाल, नहीं मिला कैश
- फोटो : अमर उजालाा
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देहात में भी लोग नोटबंदी से जूझ रहे हैं। कुरावली के उप डाकघर मेेें 15 दिन से कैश नहीं है। कुसमरा के डाकघर में 29 नवंबर से कैश नहीं होने से खाताधारक परेशानी से जूझ रहे हैं। डाकघर के बाहर ग्राहकों ने प्रर्दशन किया।
कुरावली के गल्ला मंडी स्थित उपडाकघर में लोगों को कैश नहीं मिल पा रहा है। खाताधारकों का कहना है कि वह 15 दिनों से उपडाकघर के चक्कर लगाकर परेशान हैं। छोटे खाताधारकों को नोट बंदी के बाद से डाकघर से रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। जो पुराने नोट थे वह डाकघर में जमा कर दिये हैं। अब उनके पास घर का खर्चा चलाने के लिये भी रुपये नहीं हैं। खाताधारक रमाशंकर सैनी, सलीमखां, देवेंद्र वर्मा, राजू पाटिल, विनोद कुमार, राजीव कुमार, अभय सिंह, मनोज कुमार, सुबोध सिंह, युगल कुमार, पप्पू, रामप्रकाश सिंह आदि ने कैश की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
कुसमरा में नोटबंदी के बाद बैंकें मुसीबत बनी हुई हैं। किसी भी बैंक में पूरे समयतक कैश उपलब्ध नहीं रहता है। डाकघर का तो और ही बुरा हाल है यहां 29 नवंबर से एक भी बार कैश नहीं आया है।
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मंगलवार को तीन दिन बाद बैंकें खुलने पर कैश के इंतजार में लंबी-लंबी लाइने देखी गयीं। बैंक आफ इंडिया में शुक्रवार को मात्र दो घंटे में ही कैश खत्म होने से मंगलवार को बैंकों में भीड़ रही। डाकघर में 29 नवंबर से लगातार कैश न आने के बाद मंगलवार को उपभोक्ताओं ने डाककर्मियों के खिलाफ प्रदर्शन कर कैश नहीं देने का आरोप लगाया। डाक अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव का कहना है उपभेाक्ताओं के आरोप निराधार हैं।
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कुरावली के गल्ला मंडी स्थित उपडाकघर में लोगों को कैश नहीं मिल पा रहा है। खाताधारकों का कहना है कि वह 15 दिनों से उपडाकघर के चक्कर लगाकर परेशान हैं। छोटे खाताधारकों को नोट बंदी के बाद से डाकघर से रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। जो पुराने नोट थे वह डाकघर में जमा कर दिये हैं। अब उनके पास घर का खर्चा चलाने के लिये भी रुपये नहीं हैं। खाताधारक रमाशंकर सैनी, सलीमखां, देवेंद्र वर्मा, राजू पाटिल, विनोद कुमार, राजीव कुमार, अभय सिंह, मनोज कुमार, सुबोध सिंह, युगल कुमार, पप्पू, रामप्रकाश सिंह आदि ने कैश की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
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कुसमरा में नोटबंदी के बाद बैंकें मुसीबत बनी हुई हैं। किसी भी बैंक में पूरे समयतक कैश उपलब्ध नहीं रहता है। डाकघर का तो और ही बुरा हाल है यहां 29 नवंबर से एक भी बार कैश नहीं आया है।
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मंगलवार को तीन दिन बाद बैंकें खुलने पर कैश के इंतजार में लंबी-लंबी लाइने देखी गयीं। बैंक आफ इंडिया में शुक्रवार को मात्र दो घंटे में ही कैश खत्म होने से मंगलवार को बैंकों में भीड़ रही। डाकघर में 29 नवंबर से लगातार कैश न आने के बाद मंगलवार को उपभोक्ताओं ने डाककर्मियों के खिलाफ प्रदर्शन कर कैश नहीं देने का आरोप लगाया। डाक अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव का कहना है उपभेाक्ताओं के आरोप निराधार हैं।