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छप्पर में लगी आग में जिंदा जला अधेड़
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Thu, 23 Feb 2017 11:29 PM IST
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छप्पर में लगी आग में जिंदा जला अधेड़
- फोटो : अमर उजाला
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गांव नगला भंत में गुरुवार दोपहर छप्पर में लगी आग की चपेट में आए अधेड़ की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। परिवारीजनों के मुताबिक आग चूल्हे पर खाना बनाते समय लगी थी। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला भंत निवासी अभिलाख सिंह यादव (45) गुरुवार दोपहर करीब दो बजे घर के बरामदे में रखे छप्पर के नीचे बैठकर खाना खा रहा था। पत्नी चूल्हे पर रोटियां बना रही थी तभी चूल्हे से निकली एक चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। तेज हवा के चलते कुछ ही देर में आग ने भयानक रूप ले लिया। आग भड़कता देख छप्पर के नीचे मौजूद अभिलाख ने वहां से हटने का प्रयास किया मगर तब तक जलता हुआ छप्पर उस पर गिर गया। हादसे में बुरी तरह से झुलसने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शोर शराबा सुनकर एकत्रित हुए ग्रामीणों ने छप्पर में लगी आग पर पानी डालकर बुझाया मगर तब तक वहां रखा करीब तीन लाख रुपये कीमत का सामान भी जलकर राख हो गया था। घटना की जानकारी होने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई। सूचना मिलने के बाद छप्पर में लगी मामूली सी चिंगारी को भी तेज हवा ने भड़काने का काम किया। आग को बुझाने का प्रयास कर रहे लोग एक ओर आग बुझाने के लिए पानी डाल रहे थे वहीं तेज हवा आग को विकराल रूप दे रही थी।
हालांकि अधेड़ की मौत के बाद कई चचाएं भी चल रही थीं। कुछ ग्रामीणों के मुताबिक घटना के समय वो घर में अकेला था अन्य परिवारीजन भी घटना के समय खेत पर थे। मृतक काफी समय से वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। वहीं कुछ लोग इसे आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या भी बता रहे हैं।
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परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे के बाद मृतक अभिलाख की पत्नी, भाई, पुत्र और पुत्री का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं छप्पर में आग लगने के समय पत्नी भी वहां मौजूद थी। अगर वह समय से वहां से न हटतीं तो हादसा बड़ा भी हो सकता था।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला भंत निवासी अभिलाख सिंह यादव (45) गुरुवार दोपहर करीब दो बजे घर के बरामदे में रखे छप्पर के नीचे बैठकर खाना खा रहा था। पत्नी चूल्हे पर रोटियां बना रही थी तभी चूल्हे से निकली एक चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। तेज हवा के चलते कुछ ही देर में आग ने भयानक रूप ले लिया। आग भड़कता देख छप्पर के नीचे मौजूद अभिलाख ने वहां से हटने का प्रयास किया मगर तब तक जलता हुआ छप्पर उस पर गिर गया। हादसे में बुरी तरह से झुलसने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शोर शराबा सुनकर एकत्रित हुए ग्रामीणों ने छप्पर में लगी आग पर पानी डालकर बुझाया मगर तब तक वहां रखा करीब तीन लाख रुपये कीमत का सामान भी जलकर राख हो गया था। घटना की जानकारी होने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई। सूचना मिलने के बाद छप्पर में लगी मामूली सी चिंगारी को भी तेज हवा ने भड़काने का काम किया। आग को बुझाने का प्रयास कर रहे लोग एक ओर आग बुझाने के लिए पानी डाल रहे थे वहीं तेज हवा आग को विकराल रूप दे रही थी।
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हालांकि अधेड़ की मौत के बाद कई चचाएं भी चल रही थीं। कुछ ग्रामीणों के मुताबिक घटना के समय वो घर में अकेला था अन्य परिवारीजन भी घटना के समय खेत पर थे। मृतक काफी समय से वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। वहीं कुछ लोग इसे आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या भी बता रहे हैं।
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परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे के बाद मृतक अभिलाख की पत्नी, भाई, पुत्र और पुत्री का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं छप्पर में आग लगने के समय पत्नी भी वहां मौजूद थी। अगर वह समय से वहां से न हटतीं तो हादसा बड़ा भी हो सकता था।