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Mainpuri News: टेक्नीशियन आठ साल से, नहीं है एक्स-रे मशीन
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मैनपुरी। सौ शैया मातृ एवं शिशु अस्पताल का संचालन पिछले आठ साल से किया जा रहा है। आठ साल से यहां एक नहीं दो-दो एक्स-रे टेक्नीशियन की तैनाती है लेकिन विडंबना है कि यहां एक्स-रे मशीन की व्यवस्था तो दूर स्वीकृति तक नहीं मिली है।
इससे यहां आने वाली महिलाएं और बच्चों को एक्स-रे जांच के लिए जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। जिला अस्पताल में सपा सरकार के दौरान वर्ष 2014 में 16.10 करोड़ की लागत से सौ शैया मातृ एवं शिशु अस्पताल की स्थापना कराई गई थी। वर्ष 2018 में इसका संचालन भी हो गया।
संचालन के समय से ही यहां दो एक्स-रे टेक्नीशियन की तैनाती कर दी गई लेकिन एक्स-रे मशीन की स्वीकृति नहीं की जा सकी। अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार यहां प्रतिदिन 500 से 700 महिलाएं और बच्चे उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें से 100 से 150 को डॉक्टर एक्स-रे जांच की सलाह देते हैं।
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सौ शैया मातृ एवं शिशु अस्पताल में एक्स-रे जांच के लिए मशीन न होने के कारण पीड़ितों को जिला अस्पताल में जांच कराने की सलाह दी जाती है। जिला अस्पताल में भीड़ के कारण अधिकतर लोग बाहर जांच कराने के लिए मजबूर होते हैं। संवाद
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इससे यहां आने वाली महिलाएं और बच्चों को एक्स-रे जांच के लिए जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। जिला अस्पताल में सपा सरकार के दौरान वर्ष 2014 में 16.10 करोड़ की लागत से सौ शैया मातृ एवं शिशु अस्पताल की स्थापना कराई गई थी। वर्ष 2018 में इसका संचालन भी हो गया।
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संचालन के समय से ही यहां दो एक्स-रे टेक्नीशियन की तैनाती कर दी गई लेकिन एक्स-रे मशीन की स्वीकृति नहीं की जा सकी। अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार यहां प्रतिदिन 500 से 700 महिलाएं और बच्चे उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें से 100 से 150 को डॉक्टर एक्स-रे जांच की सलाह देते हैं।
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सौ शैया मातृ एवं शिशु अस्पताल में एक्स-रे जांच के लिए मशीन न होने के कारण पीड़ितों को जिला अस्पताल में जांच कराने की सलाह दी जाती है। जिला अस्पताल में भीड़ के कारण अधिकतर लोग बाहर जांच कराने के लिए मजबूर होते हैं। संवाद