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होली पर खरीदारी करें पर संभल कर
Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
Published by: Anonymous User
Updated Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
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होली पर खरीदारी के लिए बाजार सज गए
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मैनपुरी। होली पर खरीदारी के लिए बाजार सज गए हैं। ग्राहक बाजार पहुंचते हैं लेकिन वह जो खाद्य पदार्थ खरीद रहे हैं वह शुद्ध है या नहीं यह असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अधिक पैसा खर्च करने के बाद भी ग्राहकों को शुद्ध खाद्य पदार्थ मिले इसकी कोई गारंटी नहीं है। जिले में दूध, सरसों तेल, खोआ बर्फी में भी मिलावट जांच रिपोर्ट में पाई गई है। सरसों तेल के आठ, दूध के तीन और खोआ मिठाइयों के तीन सैंपल फेल हुए हैं।
जिले में यदि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में बड़े पैमाने पर मिलावट का कारोबार हो रहा है। एक अप्रैल 2015 से अब तक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने 125 सैंपल जांच को भेजे। जिनमें 31 सरसों तेल के हैं। इनमें से अब तक 30 की रिपोर्ट आई। जिनमें छह अधोमानक और दो असुरक्षित पाए गए हैं। दूध के 21 सैंपल लिए गए। जिनमें से 16 की रिपोर्ट आई। इसमें तीन अद्योमानक पाए गए। खोआ मिठाई के 23 सैंपल लेकर जांच को भेजे गए। इनमें से चार अद्योमानक और एक असुरक्षित पाया गया है। इनमें से अब तक 24 मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। 23 मुकदमे एडीएम कोर्ट में तथा एक सीजेएम कोर्ट में दर्ज कराया गया है। वहीं सरसों के तेल के दो असुरक्षित रिपोर्ट में केस दर्ज कराने के लिए अनुमति को लखनऊ लिखा गया है।
नियमों का नहीं हो रहा पालन
नियमानुसार सभी दुग्ध डेरी पर प्रोटीन, यूरिया, एसिडिटी, फार्मोलिन, रोजेलिक आदि टेस्ट की व्यवस्था होनी चाहिए। डेरियों पर इन सभी प्रक्रियाओं को न अपनाए जाने से मिलावटी दूध की आपूर्ति पर अंकुश लगना मुश्किल नजर आ रहा है। डेरियों पर प्राय: फैट (बसा) देखकर ही दूध की खरीद की जाती है।
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होली पर जल्द ही बड़े पैमाने पर मिलावटी खाद्य पदार्थों पर अंकुश के लिए अभियान चलाया जाएगा। सैंपल भरकर भेजे जाएंगे। सैंपल रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। अद्योमानक मामलों में एडीएम कोर्ट में तथा असुरक्षित मामलों में सीजेएम कोर्ट में केस दर्ज कराया जाता है। मानव स्वास्थ्य के लिए खाद्य पदार्थ कितना घातक है इस आधार पर कोर्ट से सजा और जुर्माना किया जाता है।
- चितरंजन कुमार, सीएफआई मैनपुरी
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जिले में यदि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में बड़े पैमाने पर मिलावट का कारोबार हो रहा है। एक अप्रैल 2015 से अब तक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने 125 सैंपल जांच को भेजे। जिनमें 31 सरसों तेल के हैं। इनमें से अब तक 30 की रिपोर्ट आई। जिनमें छह अधोमानक और दो असुरक्षित पाए गए हैं। दूध के 21 सैंपल लिए गए। जिनमें से 16 की रिपोर्ट आई। इसमें तीन अद्योमानक पाए गए। खोआ मिठाई के 23 सैंपल लेकर जांच को भेजे गए। इनमें से चार अद्योमानक और एक असुरक्षित पाया गया है। इनमें से अब तक 24 मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। 23 मुकदमे एडीएम कोर्ट में तथा एक सीजेएम कोर्ट में दर्ज कराया गया है। वहीं सरसों के तेल के दो असुरक्षित रिपोर्ट में केस दर्ज कराने के लिए अनुमति को लखनऊ लिखा गया है।
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नियमों का नहीं हो रहा पालन
नियमानुसार सभी दुग्ध डेरी पर प्रोटीन, यूरिया, एसिडिटी, फार्मोलिन, रोजेलिक आदि टेस्ट की व्यवस्था होनी चाहिए। डेरियों पर इन सभी प्रक्रियाओं को न अपनाए जाने से मिलावटी दूध की आपूर्ति पर अंकुश लगना मुश्किल नजर आ रहा है। डेरियों पर प्राय: फैट (बसा) देखकर ही दूध की खरीद की जाती है।
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होली पर जल्द ही बड़े पैमाने पर मिलावटी खाद्य पदार्थों पर अंकुश के लिए अभियान चलाया जाएगा। सैंपल भरकर भेजे जाएंगे। सैंपल रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। अद्योमानक मामलों में एडीएम कोर्ट में तथा असुरक्षित मामलों में सीजेएम कोर्ट में केस दर्ज कराया जाता है। मानव स्वास्थ्य के लिए खाद्य पदार्थ कितना घातक है इस आधार पर कोर्ट से सजा और जुर्माना किया जाता है।
- चितरंजन कुमार, सीएफआई मैनपुरी