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UP: बड़े भाई की बीमारी से माैत...शव देख छोटे ने भी तोड़ दिया दम, एक साथ जली दो चिताएं; हर आंख हुई नम
Sat, 17 May 2025 07:17 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sat, 17 May 2025 07:17 PM IST
सार
मैनपुरी में दर्दनाक दृश्य सामने आया। बड़े भाई की बीमारी से माैत हो गई। शव घर पहुंचा तो देखते ही छोटे भाई ने भी दम तोड़ दिया। दोनों भाइयों के बीच गहरा लगाव था। दो भाइयों की एकसाथ चिता जलते देख लोगों की आंख नम हो गई।
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दो भाइयों की माैत।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मैनपुरी के दन्नाहार थाना क्षेत्र के गांव नगला अखई में दो सगे भाइयों की एक ही रात में मौत हो गई। पहले बड़े भाई की बीमारी के चलते मौत हो गई। छोटे भाई को बड़े भाई की मौत का गहरा सदमा लगा। पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो छोटे भाई ने भी प्राण त्याग दिए। दोनों भाइयों की एक साथ चिताएं जलीं। परिवार और गांव में शोक का माहौल है।
63 वर्षीय उमेश सिंह चौहान निवासी नगला अखई, दन्नाहारा स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त थे। 13 मई को उमेश सिंह की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें आगरा ले गए थे। वहां से फिरोजाबाद में भर्ती कराया था। 15 मई की रात उन्होंने अंतिम सांस ली। तीसरे नंबर के भाई गणेश का उमेश के प्रति गहरा स्नेह था।
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63 वर्षीय उमेश सिंह चौहान निवासी नगला अखई, दन्नाहारा स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त थे। 13 मई को उमेश सिंह की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें आगरा ले गए थे। वहां से फिरोजाबाद में भर्ती कराया था। 15 मई की रात उन्होंने अंतिम सांस ली। तीसरे नंबर के भाई गणेश का उमेश के प्रति गहरा स्नेह था।
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परिजन ने इस खबर को उनसे छिपाने की कोशिश की। 15 मई की रात करीब 1.30 बजे उमेश का शव घर पहुंचा, तो चीत्कार और विलाप से माहौल गमगीन हो गया। रात 2.30 बजे परिजन के रोने की आवाज सुनकर गणेश की नींद खुली। उन्हें पता लगा कि बड़े भाई अब नहीं रहे, तो उनका हृदय टूट गया। भाई की मौत की खबर सुन गणेश सिंह चौहान ने भी मौके पर ही प्राण त्याग दिए।
एक ही घर में, कुछ ही घंटों के अंतराल पर दो भाइयों की मौत से पूरे परिवार में मातम पसरा गया। शुक्रवार शाम गांव में ही दोनों भाइयों का एक साथ गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार हुआ। उमेश अपने पीछे तीन बेटे और दो बेटियों को छोड़ गए हैं, जबकि गणेश के बेटा-बेटी अब अकेले रह गए हैं।
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एक ही घर में, कुछ ही घंटों के अंतराल पर दो भाइयों की मौत से पूरे परिवार में मातम पसरा गया। शुक्रवार शाम गांव में ही दोनों भाइयों का एक साथ गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार हुआ। उमेश अपने पीछे तीन बेटे और दो बेटियों को छोड़ गए हैं, जबकि गणेश के बेटा-बेटी अब अकेले रह गए हैं।
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परिवार में दो और भाई भी हैं
परिवार में उमेश और गणेश के अलावा दो अन्य भाई बृजेश सिंह, जो गुजरात में नौकरी करते हैं, और मुनेश सिंह जो मैनपुरी के सीएचसी कुचेला में डॉक्टर हैं। इस हृदयविदारक घटना ने उनके घरों में भी मातम पसर गया। बृजेश भाइयों की एक साथ मौत की खबर सुनकर गुजरात से गांव पहुंचे।
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परिवार में उमेश और गणेश के अलावा दो अन्य भाई बृजेश सिंह, जो गुजरात में नौकरी करते हैं, और मुनेश सिंह जो मैनपुरी के सीएचसी कुचेला में डॉक्टर हैं। इस हृदयविदारक घटना ने उनके घरों में भी मातम पसर गया। बृजेश भाइयों की एक साथ मौत की खबर सुनकर गुजरात से गांव पहुंचे।
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परिवार और गांव वाले याद कर रोने लगे
उमेश और गणेश का अटूट बंधन, उनका साथ-साथ रहना, एक-दूसरे के प्रति उनका गहरा प्रेम गांव में भी प्रेरणादायक था। शुक्रवार को जब दोनों भाइयों की एक साथ चिता जली तो उनको याद कर लोग रोने लगे। नगला अखई गांव में हर आंख नम है। गांव वालों का कहना है कि यह सिर्फ दो व्यक्तियों की मौत नहीं, बल्कि एक अटूट बंधन और गहरे प्रेम की करुण कहानी है, जो हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।
उमेश और गणेश का अटूट बंधन, उनका साथ-साथ रहना, एक-दूसरे के प्रति उनका गहरा प्रेम गांव में भी प्रेरणादायक था। शुक्रवार को जब दोनों भाइयों की एक साथ चिता जली तो उनको याद कर लोग रोने लगे। नगला अखई गांव में हर आंख नम है। गांव वालों का कहना है कि यह सिर्फ दो व्यक्तियों की मौत नहीं, बल्कि एक अटूट बंधन और गहरे प्रेम की करुण कहानी है, जो हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।