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स्कूल में आग लगी, छह बच्चे झुलसे
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Wed, 11 Jan 2017 11:22 PM IST
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स्कूल में आग लगी, छह बच्चे झुलसे
- फोटो : अमर उजाला
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घनी आबादी में स्थित सरकारी प्राइमरी विद्यालय में बुधवार दोपहर मिड-डे मील पकाते समय अचानक घरेलू गैस सिलेंडर में आग लग गई। आग की चपेट में आकर छह बच्चे झुलस गए। एकत्रित हुए लोगों ने मिट्टी आदि डालकर आग पर काबू पाया। यदि सिलेंडर फट जाता तो हादसा और भी भयंकर होता।
नगर की चूना वाली गली में सरकारी उर्दू माध्यम प्राइमरी स्कूल खुला हुआ है। इसमें बच्चे पढ़ने आते हैं। रोज की तरह विद्यालय में बुधवार को भी बच्चों के लिए भोजन बन रहा था। वहीं पास में धूप में बच्चे पढ़ रहे थे। अचानक गैस सिलेंडर लीक होने से उसमें आग लग गई। आग लगते ही भगदड़ मच गई। यह देख आसपास के लोेग मौके पर पहुंचे और उनमें से कुछ ने मिट्टी आदि डालकर सिलेंडर में लगी आग को बुझाया। घटना के दौरान आसपास बैठे छह बच्चे भी झुलस गए।
अभिभावकों को जैसे ही जानकारी मिली, वे भी स्कूल की तरफ दौड़ पड़े। बताते हैं कि उक्त हादसे की जानकारी प्रधानाध्यापिका ने बेसिक शिक्षा अधिकारी और पुलिस या फायर ब्रिगेड तक को नहीं दी। झुलसे बच्चों को सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाय मलहम लगाकर घर भेज दिया। इससे अभिभावकों में आक्रोश है।
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बताया जाता है कि रसोइया ने सिलेंडर के लीक होने की जानकारी पहले ही प्रधानाध्यापिका को दे दी थी। फिर भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। अभिभावकों का कहना है कि घनी बस्ती में होने के बाद भी स्कूल में अग्निशमन उपकरण तक नहीं है।
एबीएसए को नहीं जानकारी
प्राइमरी स्कूल में हुए इस हादसे के बारे में जब खंड शिक्षा अधिकारी अजीत कुमार निगम से पूछा गया तो उन्होंने इस संबंध में पूर्ण अनभिज्ञता जाहिर की। उनका कहना था कि उस स्कूल की प्रधानाध्यापिका रमा भदौरिया मुझसे मिलकर गई हैं, अगर कुछ खास हुआ होता तो मुझे जरूर बता देतीं।
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नगर की चूना वाली गली में सरकारी उर्दू माध्यम प्राइमरी स्कूल खुला हुआ है। इसमें बच्चे पढ़ने आते हैं। रोज की तरह विद्यालय में बुधवार को भी बच्चों के लिए भोजन बन रहा था। वहीं पास में धूप में बच्चे पढ़ रहे थे। अचानक गैस सिलेंडर लीक होने से उसमें आग लग गई। आग लगते ही भगदड़ मच गई। यह देख आसपास के लोेग मौके पर पहुंचे और उनमें से कुछ ने मिट्टी आदि डालकर सिलेंडर में लगी आग को बुझाया। घटना के दौरान आसपास बैठे छह बच्चे भी झुलस गए।
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अभिभावकों को जैसे ही जानकारी मिली, वे भी स्कूल की तरफ दौड़ पड़े। बताते हैं कि उक्त हादसे की जानकारी प्रधानाध्यापिका ने बेसिक शिक्षा अधिकारी और पुलिस या फायर ब्रिगेड तक को नहीं दी। झुलसे बच्चों को सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाय मलहम लगाकर घर भेज दिया। इससे अभिभावकों में आक्रोश है।
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बताया जाता है कि रसोइया ने सिलेंडर के लीक होने की जानकारी पहले ही प्रधानाध्यापिका को दे दी थी। फिर भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। अभिभावकों का कहना है कि घनी बस्ती में होने के बाद भी स्कूल में अग्निशमन उपकरण तक नहीं है।
एबीएसए को नहीं जानकारी
प्राइमरी स्कूल में हुए इस हादसे के बारे में जब खंड शिक्षा अधिकारी अजीत कुमार निगम से पूछा गया तो उन्होंने इस संबंध में पूर्ण अनभिज्ञता जाहिर की। उनका कहना था कि उस स्कूल की प्रधानाध्यापिका रमा भदौरिया मुझसे मिलकर गई हैं, अगर कुछ खास हुआ होता तो मुझे जरूर बता देतीं।