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सर्वधर्म समभाव रथयात्रा का नगर में हुआ स्वागत
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Sun, 12 Feb 2017 11:45 PM IST
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झांकी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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भारत में शांति एवं अमन लाने के उद्देश्य से पंचमुखी परमात्मा चैरिटेबल ट्रस्ट सोरेगांव के तत्वावधान में सर्वधर्म समभाव रथयात्रा का नगर में प्रवेश हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं ने स्वागत किया और दान देकर पुण्य कमाया।
रविवार को आए सर्वधर्म समभाव रथयात्रा में विराजमान विशाल शेषनाग पर भगवान शिव की शिवलिंग के विमान को देखकर लोगों का हुजूम दौड़ पड़ा। जहां श्रद्धालुओं ने बड़े ही श्रद्धाभाव से पूजा अर्चना कर अपनी अपनी मनौतियां मांगी। विमान के संचालक पुजारी मारदेड़ ने बताया कि उनके परम पूज्य गुरु पंचमुखी परमात्मा के आदेश पर 31 अगस्त 2015 को सोरेगांव से यात्रा शुरू हुई थी। यात्रा का मुख्य उद्देश्य मानवता एवं शांति सद्भाव को लोगों में जाग्रत करना है। क्योंकि लोगों में मानवता दिनोंदिन खत्म होती जा रही है। जिसके दूरगामी घातक परिणाम सामने आ सकते हैं। जिसको मद्देनजर रखते हुए उनके गुरु ने यह यात्रा निकालने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने बताया कि भगवान शिव की मूर्ति की स्थापना कर्नाटक के गुलवर्ग ब्रिज के निकट की जाएगी। रथयात्रा कर्नाटक, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, जम्मू आदि प्रांतों में भ्रमण कर चुकी है।
स्वागत करने वालों में बरुण गिहार, मयंक शुक्ला, विनय गिहार, सच्चिदानंद तिवारी, रामौतार यादव, आशीष तिवारी, नागेंद्र भारती, सुरेंद्र सिंह चौहान, राजेंद्र सोनी, डीपी यादव, श्याम सिंह कठेरिया, राकेश मिश्रा आदि मौजूद थे।
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रविवार को आए सर्वधर्म समभाव रथयात्रा में विराजमान विशाल शेषनाग पर भगवान शिव की शिवलिंग के विमान को देखकर लोगों का हुजूम दौड़ पड़ा। जहां श्रद्धालुओं ने बड़े ही श्रद्धाभाव से पूजा अर्चना कर अपनी अपनी मनौतियां मांगी। विमान के संचालक पुजारी मारदेड़ ने बताया कि उनके परम पूज्य गुरु पंचमुखी परमात्मा के आदेश पर 31 अगस्त 2015 को सोरेगांव से यात्रा शुरू हुई थी। यात्रा का मुख्य उद्देश्य मानवता एवं शांति सद्भाव को लोगों में जाग्रत करना है। क्योंकि लोगों में मानवता दिनोंदिन खत्म होती जा रही है। जिसके दूरगामी घातक परिणाम सामने आ सकते हैं। जिसको मद्देनजर रखते हुए उनके गुरु ने यह यात्रा निकालने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने बताया कि भगवान शिव की मूर्ति की स्थापना कर्नाटक के गुलवर्ग ब्रिज के निकट की जाएगी। रथयात्रा कर्नाटक, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, जम्मू आदि प्रांतों में भ्रमण कर चुकी है।
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स्वागत करने वालों में बरुण गिहार, मयंक शुक्ला, विनय गिहार, सच्चिदानंद तिवारी, रामौतार यादव, आशीष तिवारी, नागेंद्र भारती, सुरेंद्र सिंह चौहान, राजेंद्र सोनी, डीपी यादव, श्याम सिंह कठेरिया, राकेश मिश्रा आदि मौजूद थे।
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