{"_id":"1009c9b2f2be2d7c7e8d75a8b464a390","slug":"rain-and-winds-dropped-mercury-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश और हवाओं से गिरा पारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश और हवाओं से गिरा पारा
Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
Published by: Anonymous User
Updated Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। भीषण गर्मी और उमस से बेचैन लोगों के साथ बारिश की बूंदों ने तपती धरती को भी राहत दी। प्री-मानसून में गर्मी से बेहाल लोग आसमान पर टकटकी लगाए हुए थे। उनका इंतजार बुधवार रात को खत्म हुआ। कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश और काली घटाओं के बीच चली ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया। आसमान पर छाई काली घटाओं को देख अच्छी बारिश होने की उम्मीद जताई जा रही है। घिरोर, करहल, बरनाहल क्षेत्र में अच्छी बारिश होने से खेतों में जल्द ही हल चलने लगेंगे।
बुधवार की शाम से ही आसमान पर काली घटाएं छानी शुरू हो गईं थीं। रात में कई बार रुक-रुककर हल्की-फुल्की बारिश भी हुई। तेज हवाओं के साथ रुक-रुककर हुई बारिश ने भीषण गर्मी से काफी राहत दी है। गुरुवार को सुबह से ही आसमान पर बादल उमड़ने लगे। देर शाम तक शहर में तेज बारिश तो नहीं हुई लेकिन कई बार रिमझिम बारिश और ठंडी हवाओं ने गर्मी से काफी राहत दी है। पूरे दिन आसमान पर काली घटाएं छाए रहने और रुक-रुककर रिमझिम बारिश होने से लोग खुश नजर आए। सुहावने मौसम में बाजारों में भी अच्छी खासी रौनक रही। पार्कों में बच्चे भी सुहावने मौसम का लुत्फ खेलकर उठाते नजर आए। घिरोर, बरनाहल और करहल क्षेत्र में अच्छी बारिश होने से किसानों के खेतों के पलेवट हो गई। इन क्षेत्रों के ग्रामों में जल्द ही हल चलने की उम्मीद बढ़ी है। अन्य इलाकों में हल्की-फुल्की बारिश से भले ही खेतों की पलेवट न हो सकी हो लेकिन खेतों में सूख रही अगैती मक्का, धान की नर्सरी और सब्जियों की फसलों के लिए हल्की बारिश संजीवनी साबित हुई है। मौसम का रुख देख किसानों की उम्मीद बढ़ी है कि अब फसल ठीक-ठाक हो जाएगी। किसानों के अनुसार खरीफ की बुवाई के लिए अभी और बारिश की जरूरत है। किसान अहिबरन सिंह का कहना था कि झमाझम बारिश हो जाए तो खरीफ की फसलों की बुवाई शुरू हो सके।
विज्ञापन
बुधवार की शाम से ही आसमान पर काली घटाएं छानी शुरू हो गईं थीं। रात में कई बार रुक-रुककर हल्की-फुल्की बारिश भी हुई। तेज हवाओं के साथ रुक-रुककर हुई बारिश ने भीषण गर्मी से काफी राहत दी है। गुरुवार को सुबह से ही आसमान पर बादल उमड़ने लगे। देर शाम तक शहर में तेज बारिश तो नहीं हुई लेकिन कई बार रिमझिम बारिश और ठंडी हवाओं ने गर्मी से काफी राहत दी है। पूरे दिन आसमान पर काली घटाएं छाए रहने और रुक-रुककर रिमझिम बारिश होने से लोग खुश नजर आए। सुहावने मौसम में बाजारों में भी अच्छी खासी रौनक रही। पार्कों में बच्चे भी सुहावने मौसम का लुत्फ खेलकर उठाते नजर आए। घिरोर, बरनाहल और करहल क्षेत्र में अच्छी बारिश होने से किसानों के खेतों के पलेवट हो गई। इन क्षेत्रों के ग्रामों में जल्द ही हल चलने की उम्मीद बढ़ी है। अन्य इलाकों में हल्की-फुल्की बारिश से भले ही खेतों की पलेवट न हो सकी हो लेकिन खेतों में सूख रही अगैती मक्का, धान की नर्सरी और सब्जियों की फसलों के लिए हल्की बारिश संजीवनी साबित हुई है। मौसम का रुख देख किसानों की उम्मीद बढ़ी है कि अब फसल ठीक-ठाक हो जाएगी। किसानों के अनुसार खरीफ की बुवाई के लिए अभी और बारिश की जरूरत है। किसान अहिबरन सिंह का कहना था कि झमाझम बारिश हो जाए तो खरीफ की फसलों की बुवाई शुरू हो सके।
विज्ञापन