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अब तो बीमार करने लगी गर्मी, पारा 44 पर ठहरा
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी।
Updated Sat, 27 May 2017 11:32 PM IST
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अब तो बीमार करने लगी गर्मी, पारा 44 पर ठहरा
- फोटो : अमर उजाला
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अब तो गर्मी बीमार करने लगी है। तेज गर्मी के चलते लोगों को जरा-जरा सी बात पर गुस्सा आ रहा है। गर्मी का ही असर है कि तीन दिन में सात लोगों ने जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की। शनिवार को जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया गर्मी के तेवर भी बढ़ते गए। इसके चलते चली हवाएं भी गर्मी से राहत नहीं दिला सकीं। आसमान से दिन भर आग बरसती रही। हाल यह रहा कि गर्मी से राहत पाने के लिए लोग छांव और पानी ही तलाशते रहे। हवा थमने से उमस बढ़ी तो अस्पताल की इमरजेंसी भी फुल होने लगी।
दो दिनों से 44 डिग्री सेल्सियस पर ही पारा ठहर गया है। सुबह दस बजे से ही पारा बढ़ने से लोगों का सुकून छिनने लगा। दोपहर तक स्थिति खराब हो गई। हवा थमने से उमस बढ़ गई। स्थिति यह रही कि दोपहर के समय में ईशन नदी तिराहा से जेल रोड, कुरावली रोड, राधा रमन रोड पर सन्नाटा सा पसरा रहा। जो भी राहगीर घरों से बाहर निकले, वे गर्मी से राहत पाने के जतन तलाशते रहे। हर कोई गमछा, स्कार्फ और हेलमेट से राहत पाने की कोशिश करता रहा। उमस और गर्मी का असर सेहत पर भी दिखा। दोपहर तक इमरजेंसी में डायरिया और उल्टी से पीड़ित मरीजों की संख्या भी बढ़ गई।
आंखों में बढ़ रही जलन
जिला अस्पताल में तैनात नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. पीके झा का कहना है कि पारा बढ़ने के साथ ही गर्मी बढ़ जाती है। इससे आंखों में जलन आदि भी बढ़ जाती है। जिसे फोटो एलर्जी कहते हैं। इसके चलते प्रतिदिन 200-300 रोगी पहुंचे रहे हैं। ऐसे में लोगों को प्रतिदिन आंखें साफ पानी से धोना चाहिए। गुलाब जल डालना चाहिए। साथ ही धूप में काला चश्मा लगाकर निकलना चाहिए। ज्यादा तकलीफ हो तो कुशल चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।
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तीन दिन में सात ने की जान देने की कोशिश
जिला अस्पताल के फिजिशीयन डा. जेजे राम का कहना है गर्मी के चलते लोग परेशान हैं। इसके चलते जरा सी बात पर भी गुस्सा आ जाता है। यह गर्मी का ही असर है कि तीन दिन में सात ने जहर और एक फांसी लगाकर आत्महत्या की कोशिश की।
गर्मी के चलते लोगों में चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है। वीपी भी लो हो रहा है। साथ ही त्वचा भी खराब हो रही है। शरीर पर घमोरियां निकल रही हैं। इतना ही नहीं हाथ भी जल रहे हैं। इसके चलते रोगियों की संख्या बढ़ रही है।
-डा. धर्मेंद्र, फिजीशियन, जिला अस्पताल
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दो दिनों से 44 डिग्री सेल्सियस पर ही पारा ठहर गया है। सुबह दस बजे से ही पारा बढ़ने से लोगों का सुकून छिनने लगा। दोपहर तक स्थिति खराब हो गई। हवा थमने से उमस बढ़ गई। स्थिति यह रही कि दोपहर के समय में ईशन नदी तिराहा से जेल रोड, कुरावली रोड, राधा रमन रोड पर सन्नाटा सा पसरा रहा। जो भी राहगीर घरों से बाहर निकले, वे गर्मी से राहत पाने के जतन तलाशते रहे। हर कोई गमछा, स्कार्फ और हेलमेट से राहत पाने की कोशिश करता रहा। उमस और गर्मी का असर सेहत पर भी दिखा। दोपहर तक इमरजेंसी में डायरिया और उल्टी से पीड़ित मरीजों की संख्या भी बढ़ गई।
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आंखों में बढ़ रही जलन
जिला अस्पताल में तैनात नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. पीके झा का कहना है कि पारा बढ़ने के साथ ही गर्मी बढ़ जाती है। इससे आंखों में जलन आदि भी बढ़ जाती है। जिसे फोटो एलर्जी कहते हैं। इसके चलते प्रतिदिन 200-300 रोगी पहुंचे रहे हैं। ऐसे में लोगों को प्रतिदिन आंखें साफ पानी से धोना चाहिए। गुलाब जल डालना चाहिए। साथ ही धूप में काला चश्मा लगाकर निकलना चाहिए। ज्यादा तकलीफ हो तो कुशल चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।
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तीन दिन में सात ने की जान देने की कोशिश
जिला अस्पताल के फिजिशीयन डा. जेजे राम का कहना है गर्मी के चलते लोग परेशान हैं। इसके चलते जरा सी बात पर भी गुस्सा आ जाता है। यह गर्मी का ही असर है कि तीन दिन में सात ने जहर और एक फांसी लगाकर आत्महत्या की कोशिश की।
गर्मी के चलते लोगों में चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है। वीपी भी लो हो रहा है। साथ ही त्वचा भी खराब हो रही है। शरीर पर घमोरियां निकल रही हैं। इतना ही नहीं हाथ भी जल रहे हैं। इसके चलते रोगियों की संख्या बढ़ रही है।
-डा. धर्मेंद्र, फिजीशियन, जिला अस्पताल