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नहीं बदले थाने चौकियों के हालात
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी।
Updated Wed, 29 Mar 2017 11:32 PM IST
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नहीं बदले थाने चौकियों के हालात
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी जनपद के थाने-चौकियों के हालात नहीं बदले हैं। आदेश जारी होने के बाद महकमे में महज औपचारिकता पूर्ण कर दी गई। इसके बाद हालात दोबारा से पहले जैसे हो गए हैं। थानों में गंदगी, पेयजल समस्या आदि कई कमियां अभी भी राज जमाए हुए हैं।
भाजपा की सरकार बनने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कडे़ निर्देश जारी करते हुए प्रदेश के थानों की सूरत और कार्यशैली को बदले जाने की बात कही थी। उक्त आदेश जारी होने के साथ ही जनपद में भी कुछ असर दिखा था। एकाध दिन तो साफ सफाई व अन्य निर्देशों पर अमल जरूर दिखा। मगर कुछ दिन बाद ही हालात जस के तस हो गए। थानों में न तो गंदगी की समस्या दूर हो सकी न हीं फरियादियों के इंतजाम ही दुरुस्त हो सके। बिछंवा थाने की बात करें तो जर्जर भवन के साथ ही परिसर में कबाड़ वाहन दुर्दशा की कहानी बयां करते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा औंछा थाना और थाना कोतवाली का है। अभी भी दीवारों पर वांछित, इनामियों की न तो लिस्ट लगी है। न हीं फोटो ही लगे नजर आ रहे हैं। बात करें चौकियों की तो शहर में गणेश बुर्ज, कैलाश गेट, औंछा रोड चौकी, करहल गेट भी बदहाली का शिकार हैं। थाना कोतवाली में तो परिसर के बाहर और अंदर अव्यवस्थाएं साफ नजर आती हैं। प्रवेश द्वार पर ही जानवर अभी भी डेरा जमाए हुए हैं।
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भाजपा की सरकार बनने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कडे़ निर्देश जारी करते हुए प्रदेश के थानों की सूरत और कार्यशैली को बदले जाने की बात कही थी। उक्त आदेश जारी होने के साथ ही जनपद में भी कुछ असर दिखा था। एकाध दिन तो साफ सफाई व अन्य निर्देशों पर अमल जरूर दिखा। मगर कुछ दिन बाद ही हालात जस के तस हो गए। थानों में न तो गंदगी की समस्या दूर हो सकी न हीं फरियादियों के इंतजाम ही दुरुस्त हो सके। बिछंवा थाने की बात करें तो जर्जर भवन के साथ ही परिसर में कबाड़ वाहन दुर्दशा की कहानी बयां करते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा औंछा थाना और थाना कोतवाली का है। अभी भी दीवारों पर वांछित, इनामियों की न तो लिस्ट लगी है। न हीं फोटो ही लगे नजर आ रहे हैं। बात करें चौकियों की तो शहर में गणेश बुर्ज, कैलाश गेट, औंछा रोड चौकी, करहल गेट भी बदहाली का शिकार हैं। थाना कोतवाली में तो परिसर के बाहर और अंदर अव्यवस्थाएं साफ नजर आती हैं। प्रवेश द्वार पर ही जानवर अभी भी डेरा जमाए हुए हैं।
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