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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mainpuri News ›   newly elected pradhan of five gram panchayats have not been sworn in even after 40 days In Mainpuri

एक्सक्लूसिव: ग्राम पंचायतों ने चुनी अपनी सरकार... शपथ के बिना सब बेकार, नवनिर्वाचित प्रधान कर रहे इंतजार

Wed, 18 Sep 2024 12:23 PM IST
भूपेन्द्र सिंह ज्योतयवेंद्र दुबे, मैनपुरी
ज्योतयवेंद्र दुबे, मैनपुरी Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Wed, 18 Sep 2024 12:23 PM IST
सार

मैनपुरी में पांच ग्राम पंचायतों ने अपनी सरकार चुन ली। लेकिन, शपथ के बिना सब बेकार है। नवनिर्वाचित प्रधान शपथ ग्रहण का इंतजार कर रहे हैं। 

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newly elected pradhan of five gram panchayats have not been sworn in even after 40 days In Mainpuri
विकास भवन, मैनपुरी - फोटो : संवाद

विस्तार

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में पांच ग्राम पंचायतों ने आठ अगस्त को अपनी सरकार चुन ली थी। मतगणना के बाद जीते प्रत्याशी को प्रमाण पत्र भी दे दिया गया, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी से 40 दिन बाद भी इन ग्राम प्रधानों को शपथ नहीं दिलाई जा सकी। इसके चलते ग्राम पंचायतों में विकास कार्य भी ठप पड़े हुए हैं।

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जिले की कुल 549 ग्राम पंचायतों में से पांच ग्राम पंचायतों में प्रधान के पद रिक्त हो गए थे। इनमें मैनपुरी विकास खंड की ग्राम पंचायत बड़ागांव, जागीर की गोशलपुर गहियर, कुरावली की बेलाहार, बेवर की बझेरा और किशनी की सोनासी ग्राम पंचायत शामिल थी। जुलाई में उप चुनाव की अधिसूचना जारी की गई थी। पूरी प्रक्रिया के साथ उप चुनाव संपन्न हुआ।

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आठ अगस्त को मतगणना हुई तो मैनपुरी के बड़ागांव में सुदीप कुमार, जागीर के गोशलपुर गहियर में गंगा देवी, कुरावली के बेलाहार में वरुण प्रताप सिंह, बेवर के बझेरा में वंदना और किशनी के सोनासी में पूनम कुमार ने जीत दर्ज की। सभी को तत्काल जीत का प्रमाणपत्र भी दे दिया गया। 

मतगणना परिणाम के बाद 40 दिन का समय बीत चुका है। लेकिन, फिर भी किसी को कोई चिंता नहीं है। नवनिर्वाचित प्रधान भी विभागीय अधिकारियों के चक्कर लगाकर थक चुके हैं, लेकिन कोई उचित जवाब उन्हें नहीं मिल पा रहा है।
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मानदेय के लिए भटक रहे पंचायत सहायक और केयर टेकर

ग्राम पंचायतों में तैनात पंचायत सचिवालय के पंचायत सहायक और सामुदायिक शौचालय के केयर टेकर को ग्राम पंचायत द्वारा ही भुगतान किया जाता है। लेकिन, प्रधान पद रिक्त होने के चलते इन पांच ग्राम पंचायतों में ये दोनों ही मानदेय भुगतान नहीं हो रहे थे। महीनों से पंचायत सहायक और केयर टेकर भटक रहे थे, लेकिन उनकी सुनने वाला भी कोई नहीं है।
 

समितियां भी हो चुकी हैं भंग

ग्राम प्रधानों के पद रिक्त होने के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर विकास कार्यों के संचालन के लिए समितियों का गठन किया गया था। इसमें ग्राम पंचायत सदस्यों को जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन उप चुनाव की घोषणा के बाद ये समितियां स्वत: ही भंग हो गईं। ऐसे में यहां दो माह से भी अधिक समय से कोई काम नहीं हो रहा है।
 

जल्द ही नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों की शपथ कराई जाएगी। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। ग्राम पंचायतों में विकास कार्य बाधित नहीं होने दिए जाएंगे। -यतेंद्र सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी
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