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नौरमई में दो दर्जन बच्चे चिकनपाक्स की चपेट में
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Mon, 30 May 2016 11:07 PM IST
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चिकनपाक्स
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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ग्राम नौरमई में दो दर्जन बच्चे और बड़े चिकनपॉक्स की चपेट में हैं। तो कई को तेज बुखार है। सूचना देने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम टीकाकरण करने नहीं पहुंची है। इसके चलते ग्रामीण झाड़फूंक या झोलाछाप का सहारा ले रहे हैं।
बरनाहल विकास खंड के ग्राम नौरमई में पिछले दिनों से संक्रामक रोगों का प्रकोप फैला हुआ है। चिकनपॉक्स के चलते गांव के दो दर्जन से अधिक बच्चे और बड़े बीमार पड़े हैं। कई घरों में तो एक से अधिक बड़े और बच्चे बीमारी की चपेट में हैं। नौरमई निवासी जयदेवी (35), अनामिका (11), आशू (13), नीतू (30), भानू (छह), अन्वी (चार), अरसी (सात), मोहन (15) का बुरा हाल है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में खोले गए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ,खेंडामहान, महालरपुर, मीठेपुर आदि महीनों से बंद पडे़ हैं तैनात डाक्टरों के न आने से झोलाछाप से उपचार कराने को मजबूर हैं। या फिर 15 किमी दूर जसवंतनगर, 20 किमी दूर सैफई अस्पताल में जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सूचना के बाद भी चिकित्सकों की टीम अभी तक गांव में नहीं पहुंची है। इससेे ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने डीएम से टीम भेजकर उपचार कराने की मांग उठाई।
ग्रामीण राजीव कुशवाह का कहना था कि सफाई कर्मचारी सफाई करने ही नहीं आते। घरों में दुर्गंध के चलते बैठना मुश्किल होता है। ग्रामीण केशव सिंह का कहना था कि गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ा है। कप्तान कुशवाह का कहना था कि लोग झाड़फूंक करा रहे हैं। ग्रामीण बदन सिंह, अंशुल, संदीप, विनोद कुमार, केपी सिंह आदि ने डीएम से मांग की है कि गांव में चिकित्सकों की टीम भेज जाए।
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अभी चिकनपाक्स की जानकारी नहीं मिली है। गांव में चिकित्सकों की टीम भेजकर परीक्षण कराकर उपचार कराया जाएगा। यदि कोई बच्चा गंभीर होगा तो उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।
- डाक्टर केके शर्मा, सीएमओ
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बरनाहल विकास खंड के ग्राम नौरमई में पिछले दिनों से संक्रामक रोगों का प्रकोप फैला हुआ है। चिकनपॉक्स के चलते गांव के दो दर्जन से अधिक बच्चे और बड़े बीमार पड़े हैं। कई घरों में तो एक से अधिक बड़े और बच्चे बीमारी की चपेट में हैं। नौरमई निवासी जयदेवी (35), अनामिका (11), आशू (13), नीतू (30), भानू (छह), अन्वी (चार), अरसी (सात), मोहन (15) का बुरा हाल है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में खोले गए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ,खेंडामहान, महालरपुर, मीठेपुर आदि महीनों से बंद पडे़ हैं तैनात डाक्टरों के न आने से झोलाछाप से उपचार कराने को मजबूर हैं। या फिर 15 किमी दूर जसवंतनगर, 20 किमी दूर सैफई अस्पताल में जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सूचना के बाद भी चिकित्सकों की टीम अभी तक गांव में नहीं पहुंची है। इससेे ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने डीएम से टीम भेजकर उपचार कराने की मांग उठाई।
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ग्रामीण राजीव कुशवाह का कहना था कि सफाई कर्मचारी सफाई करने ही नहीं आते। घरों में दुर्गंध के चलते बैठना मुश्किल होता है। ग्रामीण केशव सिंह का कहना था कि गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ा है। कप्तान कुशवाह का कहना था कि लोग झाड़फूंक करा रहे हैं। ग्रामीण बदन सिंह, अंशुल, संदीप, विनोद कुमार, केपी सिंह आदि ने डीएम से मांग की है कि गांव में चिकित्सकों की टीम भेज जाए।
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अभी चिकनपाक्स की जानकारी नहीं मिली है। गांव में चिकित्सकों की टीम भेजकर परीक्षण कराकर उपचार कराया जाएगा। यदि कोई बच्चा गंभीर होगा तो उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।
- डाक्टर केके शर्मा, सीएमओ