{"_id":"2d9139127c5e66cc36f73893d528f0fa","slug":"moon-age-were-you-drunk-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिया तुझे लगे चांद की उमर...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिया तुझे लगे चांद की उमर...
Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User
ब्यूरो,अमर उजाला मैनपुरी
ब्यूरो,अमर उजाला मैनपुरी
Published by: Anonymous User
Updated Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। जिले भर में करवाचौथ का त्योहार श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। दिन भर खरीदारी और सजने-संवरने के बाद विवाहिताएं चांद का दीदार का इंतजार करती रहीं। रात करीब 8:20 बजे चांद निकला तो दिन भर निर्जला व्रत की थकान दूर हो गई और विवाहिताओं ने पहले चंद्रमा और फिर पति की पूजा-अर्चना कर उनके दीर्घायु होने की कामना की। पूजा के बाद पानी और भोजन कर व्रत तोड़ा।
शुक्रवार को करवाचौथ की तैयारियों में विवाहिताएं सुबह से ही तैयारी में जुट गईं थीं। महिलाओं ने नई चूड़ियां पहनी, शृंगार की वस्तुएं और करवाचौथ के कैलेंडर, करवा, सीकें आदि खरीदीं। सुहागिनों ने हाथों में मेहंदी रचवाई। बन संवरकर चांद निकलते ही चांद को अर्घ्य देकर और पूजा-अर्चना कर पति की लंबी आयु की कामना की। इसके बाद ही अन्न जल ग्रहण किया। चांद निकलते ही बच्चों ने आतिशबाजी की। देर रात तक आतिशबाजी की गूंज सुनाई देती रही। पंजाबी कालोनी में महिलाओं ने सामूहिक रूप से महिला सत्संग भवन में करवाचौथ का पर्व मनाया। इस दौरान सुहागिनों ने करवाचौथ की कहानी सुनकर और थाली बदलने की रस्म पूरी कर पूजा की। वहां सामूहिक रूप से पूजा अर्चना करने के बाद चंद्रमा का अर्घ्य दिया। करहल, भोगांव, घिरोर, बेवर, कुरावली, किशनी, अजीतगंज आदि कस्बों में भी करवाचौथ का त्योहार परंपरागत रूप से मनाया गया। सुहागिनों ने व्रत रखकर पति के दीर्घायु की कामना की।
बाजारों में पूरे दिन रही रौनक
मैनपुरी। अखंड सुहाग के प्रतीक त्योहार करवाचौथ पर बाजारों में सुबह से ही रौनक रही। महिलाओं ने शाम तक बाजारों में जमकर खरीदारी की, वहीं तमाम महिलाएं सजने-संवरने के लिए ब्यूटी पार्लरों में सुबह से लेकर शाम तक बैठी रहीं। सराफा बाजार में गहने खरीदने के लिए महिलाओं का तांता लगा रहा। सराफा कारोबारी मनोज सोलंकी के अनुसार सबसे अधिक मंगलसूत्र और आधुनिक अंगूठियों की मांग रही। हमीद ज्वैलर्स के मालिक हमीद ने बताया कि इस बार सोने का भाव काफी कम रहने के कारण पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बिक्री अच्छी हुई है। वहीं साड़ियों की दुकानों पर भी महिलाओं की अच्छी खासी भीड़ नजर आई। लेनगंज, बजरिया, सदर बाजार, बजाजा बाजार में महिलाएं खरीदारी के लिए उमड़ी तो जाम जैसे हालात बन गए। महिलाओं का बाजार कहा जाने वाली बजरिया में तो तिल रखने तक को जगह नहीं थी। पुलिस को यातायात सुचारु रखने में पसीने छूट गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार को करवाचौथ की तैयारियों में विवाहिताएं सुबह से ही तैयारी में जुट गईं थीं। महिलाओं ने नई चूड़ियां पहनी, शृंगार की वस्तुएं और करवाचौथ के कैलेंडर, करवा, सीकें आदि खरीदीं। सुहागिनों ने हाथों में मेहंदी रचवाई। बन संवरकर चांद निकलते ही चांद को अर्घ्य देकर और पूजा-अर्चना कर पति की लंबी आयु की कामना की। इसके बाद ही अन्न जल ग्रहण किया। चांद निकलते ही बच्चों ने आतिशबाजी की। देर रात तक आतिशबाजी की गूंज सुनाई देती रही। पंजाबी कालोनी में महिलाओं ने सामूहिक रूप से महिला सत्संग भवन में करवाचौथ का पर्व मनाया। इस दौरान सुहागिनों ने करवाचौथ की कहानी सुनकर और थाली बदलने की रस्म पूरी कर पूजा की। वहां सामूहिक रूप से पूजा अर्चना करने के बाद चंद्रमा का अर्घ्य दिया। करहल, भोगांव, घिरोर, बेवर, कुरावली, किशनी, अजीतगंज आदि कस्बों में भी करवाचौथ का त्योहार परंपरागत रूप से मनाया गया। सुहागिनों ने व्रत रखकर पति के दीर्घायु की कामना की।
विज्ञापन
बाजारों में पूरे दिन रही रौनक
मैनपुरी। अखंड सुहाग के प्रतीक त्योहार करवाचौथ पर बाजारों में सुबह से ही रौनक रही। महिलाओं ने शाम तक बाजारों में जमकर खरीदारी की, वहीं तमाम महिलाएं सजने-संवरने के लिए ब्यूटी पार्लरों में सुबह से लेकर शाम तक बैठी रहीं। सराफा बाजार में गहने खरीदने के लिए महिलाओं का तांता लगा रहा। सराफा कारोबारी मनोज सोलंकी के अनुसार सबसे अधिक मंगलसूत्र और आधुनिक अंगूठियों की मांग रही। हमीद ज्वैलर्स के मालिक हमीद ने बताया कि इस बार सोने का भाव काफी कम रहने के कारण पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बिक्री अच्छी हुई है। वहीं साड़ियों की दुकानों पर भी महिलाओं की अच्छी खासी भीड़ नजर आई। लेनगंज, बजरिया, सदर बाजार, बजाजा बाजार में महिलाएं खरीदारी के लिए उमड़ी तो जाम जैसे हालात बन गए। महिलाओं का बाजार कहा जाने वाली बजरिया में तो तिल रखने तक को जगह नहीं थी। पुलिस को यातायात सुचारु रखने में पसीने छूट गए।
विज्ञापन