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स्मृति दिवस पर ही याद आते हैं शहीद

Thu, 20 Oct 2016 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी Updated Thu, 20 Oct 2016 11:47 PM IST
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Martyrs are remembered on Memorial Day
Uri Attack: Last salute to the martyrs in tears, Family & People burst into tears - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शुक्रवार को शहीद पुलिस स्मृति दिवस है। इस दिवस पर ही सिर्फ शहीद पुलिस कर्मियों के परिवार याद आते हैं। बाद में इनकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। अधिकांश परिवार शासन और अधिकारियों की उपेक्षा का शिकार हैं। परिवारों को न तो कोई आर्थिक सहायता मिली और न ही मृतक आश्रितों को नौकरी
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केस नंबर एक  
- थाना एलाऊ क्षेत्र के नखतपुर निवासी राजबहादुर सिंह यादव आगरा के थाना सैंया में पुलिस कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। 29 मई 1993 को ड्यूटी के दौरान ट्रक एक्सीडेंट में उनकी मौत हो गई। पत्नी मीरा कुमारी का कहना था कि उन्हें पता ही नहीं कि आज शहीद पुलिस स्मृति दिवस है। उनके यहां कोई सूचना ही नहीं भेजी गई।
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केस नंबर दो
- थाना कुरावली क्षेत्र के ग्राम खिरना खुर्द निवासी रवींद्र सिंह राठौर अलीगढ़ में मुख्य आरक्षी के रूप में तैनात थे। दो सितंबर 2014 को ड्यूटी के दौरान उनकी मार्ग दुर्घटना में मौत हो गई। काफी भागदौड़ के बाद मई 2015 से पेंशन मिलनी शुरू हो सकी। उनके तीन पुत्र अनुपम, अनुज और सौरभ हैं। तीनों ही बालिग हैं। पुत्रों के लिए नौकरी की मृतक आश्रित में मांग की। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई
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केस नंबर तीन
बिछवां थाना क्षेत्र के ग्राम नगला सेमर निवासी जवर सिंह पुलिस विभाग में आरक्षी के पद पर तैनात थे। उनकी तैनाती कानपुर देहात के थाना अकबरपुर क्षेत्र के ग्राम लालपुर में थी। 25 फरवरी 2015 को ड्यूटी के दौरान ट्रक ने टक्कर मार दी। इससे जवर सिंह की मौत हो गई। पत्नी सीमा बेवर में रहकर अपने सात वर्षीय पुत्र आकाश और चार वर्षीय पुत्र आयुष को पढ़ाती हैं। पति की मौत के बाद अब तक कोई आर्थिक सहाता नहीं मिली। अभी तक पेंशन या नौकरी भी नहीं मिली।

केस नंबर चार
थाना किशनी क्षेत्र के ग्राम समदपुर निवासी नरेंद्र सिंह पुलिस विभाग में आरक्षी के पद पर औरैया जिले में तैनात थे। गश्त के दौरान उनके टेंपो 10 मार्च 2015 को ट्रक ने टक्कर मार दी थी। पति की मौत के बाद पत्नी रीना देवी दो पुत्रियां और एक पुत्र के साथ कलेपुरा थाना चौबिया जनपद इटावा में रहने लगीं। अब तक पेंशन मिलनी शुरू नहीं हुई।


केस पांच
लगभग पांच माह पूर्व जिला अस्पताल के सामने हुए हादसे में रेडियो विभाग में तैनात गांव जाफरपुर निवासी ब्रजेद्र सिंह की मौत हो गई थी। उनकी पत्नी राधा देवी ने बताया कि अभी तक सरकारी सहायता उन्हें नहीं मिली है। पेंशन पाने तक के लिए भटक रहे हैं ।उनके पुत्र पंकज ने बताया कि अभी तक उनके पास पुलिस दिवस पर होने वाले सम्मान के संबंध में भी कोई सूचना नहीं आई है।
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