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Mainpuri News: धूम्रपान करने पर फेफडों की बीमारी का खतरा 15 गुना अधिक

Wed, 11 Mar 2026 02:34 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 11 Mar 2026 02:34 AM IST
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mainpuri news anti smoking day
फोटो 15 जिला अस्पताल में भर्ती मरीज। संवाद
मैनपुरी। जिले में फेफड़ों से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है जिसका मुख्य कारण धूम्रपान है। महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में पिछले तीन महीने में 4732 मरीज फेफड़ों में संक्रमण की समस्या के साथ पहुंचे हैं। पहले उम्र बढ़ने के साथ होने वाली ये बीमारियां अब कम उम्र के लोगों को भी अपनी चपेट में ले रही हैं। अस्पताल में प्रतिदिन 50 से 60 मरीज फेफड़ों की समस्या लेकर आते हैं, जिनमें धूम्रपान करने वालों की संख्या अधिक है। वरिष्ठ चेस्ट फिजीशियन डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि लंबे समय तक और अधिक मात्रा में धूम्रपान करने वाले लोगों में सेकेंडरी स्पॉन्टेनियस न्यूमोथोरैक्स (एसएसपी) नामक गंभीर बीमारी का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में पंद्रह गुना अधिक होता है। डॉ. कुमार के अनुसार, एसएसपी एक ऐसी स्थिति है जिसमें पानी भरने से फेफड़ों की झिल्ली अचानक फट जाती है और उनमें हवा भरने लगती है। उन्होंने चेतावनी दी कि रोजाना सिगरेट और बीड़ी पीने वालों में यह खतरा तेजी से बढ़ता है। धूम्रपान का असर केवल फेफड़ों में संक्रमण और कैंसर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अचानक आने वाली और जानलेवा बीमारियों की वजह भी बन सकता है। डॉ. कुमार ने ऐसे लोगों को तुरंत जांच करवाने और धूम्रपान छोड़ देने की सलाह दी है। युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में हर साल मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
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एसएसपी: एक गंभीर खतरा
डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने सेकेंडरी स्पॉन्टेनियस न्यूमोथोरैक्स (एसएसपी) को एक गंभीर बीमारी बताया है। यह फेफड़ों की झिल्ली के अचानक फटने और हवा भरने से होती है। धूम्रपान करने वालों में इसका खतरा सामान्य लोगों की तुलना में 15 गुना अधिक होता है। नियमित धूम्रपान करने वालों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और तुरंत चिकित्सा सलाह लेनी चाहिए।विशेषज्ञ बताते हैं कि मध्यम स्तर का धूम्रपान करने वालों में एसएसपी होने का खतरा 5.6 गुना ज्यादा होता है। जिन व्यक्तियों का स्मोकिंग इंडेक्स 300 से ऊपर चला जाता है उनमें यह खतरा 14.8 गुना बढ़ जाता है। स्मोकिंग इंडेक्स का स्तर 220 से ऊपर जाना एक गंभीर चेतावनी है।
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क्या है एसएसपी

डॉ. जेजे राम बताते हैं कि एसएसपी फेफड़ों की एक गंभीर बीमारी है। लंबे समय तक धूम्रपान करने से फेफड़ों की झिल्लियां कमजोर हो जाती हैं और उनमें छोटे-छोटे फफोले बन जाते हैं जिन्हें ब्लेब्स कहा जाता है। जब ये ब्लेब्स फटते हैं तो फेफड़ों में अचानक हवा भर जाती है। मरीज को सांस लेने में तकलीफ होती है, सीने में दर्द होता है और कभी-कभी स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि तुरंत इलाज न मिलने पर यह जानलेवा साबित होती है। एसएसपी खासकर उन लोगों को अधिक प्रभावित करती है जिनके फेफड़े पहले से कमजोर होते हैं या जिन्हें टीबी, ब्रॉन्काइटिस और फेफड़ों की फाइब्रोसिस जैसी बीमारियां रही हों।
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पिछले तीन महीने में जिला अस्पताल पहुंचने वाले फेंफड़ों के संक्रमण के मरीज
दिसंबर 2025- 1619
जनवरी 2026- 1566
फरवरी 2026 - 1547
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