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Mainpuri News: हादसे में बुझ गया परिवार का इकलौता चिराग

Mon, 11 May 2026 01:44 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2026 01:44 AM IST
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mainpuri news accident boy death
फोटो 7 हादसे के बाद मृतक के घर के बाहर लगी भीड़। संवाद
मैनपुरी। खरगजीत नगर में रहने वाला पांच साल का आरव माता-पिता का इकलौता पुत्र था, इस हादसे में उसकी असमय मौत घर का चिराग बुझ गया। आरव की मौत के बाद मां के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पिता हादसे को याद करते हुए खुद को कोसते नजर आ रहे हैं। घर के बाहर लोगों की भीड हैं, मगर मातम छाया है।
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मोहल्ला खरगजीत नगर के रहने वाले शिव कुमार अपने पांच साल के बेटे और दो साल की बेटी के साथ खुशहाल जीवन जी रहे थे। शाम तक सब कुछ ठीक था, पिता ड्यूटी से घर आए थे। बच्चों के साथ खेले और फिर आरव को साथ लेकर आश्रम में टहलने के लिए चले गए। पूजा पाठ किया और आरव भी उनके साथ था, मगर, शिव कुमार को क्या पता था कि इकलौते बेटे के साथ हंसते मुस्कुराते ये उनका आखिरी साथ था। पिलर सहित लोहे का गेट गिरने की आवाज हुई, शिव कुमार ने जब देता तो लहूलुहान बेटा तड़प रहा था। बच्चे को बचाने के लिए पिता ने सारे प्रयत्न किए। गोद में उठाया और अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते भर पुकारते रहे। मगर, आरव ने कोई जबाव नहीं दिया। आरव की असमय मौत के बाद मां के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं, वहीं पिता भी हादसे को याद करते हुए खुद को कोसते नजर आ रहे हैं। घटना के बाद घर में मातम पसर गया है, मां के रोने की आवाज सुनाई दे रही है।
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पिता के साथ रोज दर्शन करने जाता था बेटा
ऋषि आश्रम में आरव अपने पिता के साथ रोजाना दर्शन करने और टहलने के लिए जाता था। लेकिन उसके पिता को क्या पता था कि जिस भगवान से वह अपने परिवार की खुशहाली और सलामति के लिए आर्शीवाद लेने जा रहे हैं, वहीं पर उनकी खुशियां मातम में बदल जाएंगी।
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गेट बनाने में बरती गई लापरवाही का आरोप
स्थानीय लोगों ने बताया कि आश्रम में जब कोई आयोजन होता था, तब उस अहाते में खाना आदि बनता था। उसमें चढ़ा लोहे का गेट जिस पिलर से जुड़ा था, उसमें सरिया का प्रयोग नहीं किया गया था। सिर्फ ईंटों की दीवार बनाकर गेट लगा दिया गया था। इसी कारण से गेट दीवार सहित गिर गया और उसके नीचे आरव दब गया। पिता और क्षेत्रीय लोगों ने गेट बनाने वाले ठेकेदार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर गेट बनाने में लापरवाही न बरती गई होती तो ये हादसा नहीं होता।
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