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पांच हत्या फिर खुदकुशी: जिसने किया कुल का नाश...अब उसके अंश से आस; बाप की करनी और परिवार को दिए घाव भरेगा बेटा
Mon, 26 Jun 2023 10:19 AM IST
शाहरुख खान
आशीष दीक्षित, अमर उजाला, मैनपुरी
आशीष दीक्षित, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 26 Jun 2023 10:19 AM IST
सार
मैनपुरी में शनिवार की सुबह बड़े भाई ने दो छोटे भाइयों, नवविवाहित बहू, भाई के दोस्त सहित पांच लोगों की फरसा से काट कर हत्या कर दी। इसके बाद पत्नी और मामी पर भी हमला किया। लेकिन दोनों किसी तरह बच गईं। हत्याओं को अंजाम देने के बाद खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली।
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Mainpuri Murder Case
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मैनपुरी के गोकुलपुर अरसारा में परिवार का नाश करने वाले शिववीर का अंश ही अब घर का इकलौता चिराग बचा है। मासूम नहीं जानता कि पिता की करनी की वजह से परिवार को क्या जख्म मिले हैं। वृद्ध दादा का सहारा बनने के लिए अब बचे हुए लोगों की आस उसी पर टिकी है।
सामूहिक हत्याकांड के बाद परिवार के मुखिया वृद्ध सुभाष के मन पर क्या बीत रही है, यह शायद हर कोई समझ सकता है। तीन जवान बेटे कुछ ही पलों में काल के गाल में समा गए। घर की नई बहू और दामाद भी अब इस दुनिया में नहीं रहे।
मेहमान बन कर आए बेटे के दोस्त को भी शिववीर ने नहीं बख्शा। नरसंहार में पांच लोगों की हत्या और आरोपी द्वारा खुदकुशी के बाद वंश को आगे बढ़ाने वाला सिर्फ आरोपी शिववीर का मासूम बेटा किट्टू ही बचा है।
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मासूम को क्या पता कि उसके पिता ने परिवार को जो घाव दिया है, उसकी भरपाई नहीं की जा सकती। लेकिन हकीकत ये भी है कि अब पिता के दिए जख्मों की मरहम, वृद्ध दादा-दादी और मां डॉली का सहारा और कुल का आखिरी चिराग वही है।
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सामूहिक हत्याकांड के बाद परिवार के मुखिया वृद्ध सुभाष के मन पर क्या बीत रही है, यह शायद हर कोई समझ सकता है। तीन जवान बेटे कुछ ही पलों में काल के गाल में समा गए। घर की नई बहू और दामाद भी अब इस दुनिया में नहीं रहे।
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मेहमान बन कर आए बेटे के दोस्त को भी शिववीर ने नहीं बख्शा। नरसंहार में पांच लोगों की हत्या और आरोपी द्वारा खुदकुशी के बाद वंश को आगे बढ़ाने वाला सिर्फ आरोपी शिववीर का मासूम बेटा किट्टू ही बचा है।
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मासूम को क्या पता कि उसके पिता ने परिवार को जो घाव दिया है, उसकी भरपाई नहीं की जा सकती। लेकिन हकीकत ये भी है कि अब पिता के दिए जख्मों की मरहम, वृद्ध दादा-दादी और मां डॉली का सहारा और कुल का आखिरी चिराग वही है।
डॉली के घर लौटने की आस
गोकुलपुर अरसारा में हुए हत्याकांड के बाद रविवार को पीड़ित परिवार के चंद लोग ही नजर आए। सभी डबडबाई आंखों से एक दूसरे को निहारते रहे। याद आने पर रोकर मन हल्का करते रहे। वहीं मासूम किट्टू को गोद में लिए परिजन आस लगाए हैं। सभी को इलाज करा रही डॉली के सकुशल घर लौटने की आस है।
गोकुलपुर अरसारा में हुए हत्याकांड के बाद रविवार को पीड़ित परिवार के चंद लोग ही नजर आए। सभी डबडबाई आंखों से एक दूसरे को निहारते रहे। याद आने पर रोकर मन हल्का करते रहे। वहीं मासूम किट्टू को गोद में लिए परिजन आस लगाए हैं। सभी को इलाज करा रही डॉली के सकुशल घर लौटने की आस है।
मां की याद कर रोता है मासूम किट्टू
गोकुलपुर में हुए सामूहिक हत्याकांड में किसी ने बेटा, किसी ने भाई व अन्य रिश्ते खोए हैं। तीन माह के मासूम किट्टू ने पिता तो खो ही दिया। मां भी जिंदगी और मौत से जूझ रही है।
गोकुलपुर में हुए सामूहिक हत्याकांड में किसी ने बेटा, किसी ने भाई व अन्य रिश्ते खोए हैं। तीन माह के मासूम किट्टू ने पिता तो खो ही दिया। मां भी जिंदगी और मौत से जूझ रही है।
परिवार के लोग उसे संभाल तो रहे हैं। मां की गोद न मिलने के चलते किट्टू का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार की महिलाओं ने रविवार को बमुश्किल उसे बोतल से दूध पिलाकर चुप कराया। बच्चे की हालत देख महिलाएं भी परेशान हैं।
इस बार बदला हुआ था शिववीर का व्यवहार
वहीं, छोटे भाई की शादी से शिववीर नाखुश था या हत्याकांड की वजह कुछ और थी। समय के साथ इन सवालों के जवाब मिल सकेंगे। लेकिन यह तो तय है कि बीते कुछ दिनों से उसके व्यवहार में बदलाव आ गया था। पास ही गांव में रहने वाली बुआ जब बरात जाने से दो दिन पहले घर आईं थी, तब आरोपी ने उनके महिलाओं की तरह पैर छुए थे।
वहीं, छोटे भाई की शादी से शिववीर नाखुश था या हत्याकांड की वजह कुछ और थी। समय के साथ इन सवालों के जवाब मिल सकेंगे। लेकिन यह तो तय है कि बीते कुछ दिनों से उसके व्यवहार में बदलाव आ गया था। पास ही गांव में रहने वाली बुआ जब बरात जाने से दो दिन पहले घर आईं थी, तब आरोपी ने उनके महिलाओं की तरह पैर छुए थे।
गांव गोकुलपुर अरसारा में शिववीर के बदले हुए व्यवहार को लेकर भी चर्चा हो रही है। पास के गांव में रहने वाली बुआ गोपश्री बरात से दो दिन पहले घर आईं थीं। तब शिववीर ने उनकी आवभगत की और शादी में जरूर आने की जिद की। इस बार पैर छूने का अंदाज बदल गया था। उसने महिलाओं की तरह बुआ के पैर दबा-दबा कर छुए थे।
इस पर बुआ और परिजन भी बदले व्यवहार पर आश्चर्यचकित थे। दरअसल पहले कभी शिववीर बुआ से इतना अपनापन नहीं जताता था। लेकिन तब शायद किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि शिववीर अपने ही परिवार के लोगों की जान का दुश्मन बन जाएगा। घटना के बाद परिवार के सभी लोग स्तब्ध हैं।
मैनपुरी में छोटे दो भाइयों, नवविवाहिता और बहनोई समेत पांच की गला काटकर हत्या
मैनपुरी के किशनी गांव के गोकुलपुर अरसारा में शनिवार की सुबह बड़े भाई ने दो छोटे भाइयों, नवविवाहित बहू, भाई के दोस्त सहित पांच लोगों की फरसा से काट कर हत्या कर दी। इसके बाद पत्नी और मामी पर भी हमला किया। लेकिन दोनों किसी तरह बच गईं। पिता ने रोका तो उनके हाथ में भी फरसा मार दिया। वह भी घायल हुए हैं।
मैनपुरी के किशनी गांव के गोकुलपुर अरसारा में शनिवार की सुबह बड़े भाई ने दो छोटे भाइयों, नवविवाहित बहू, भाई के दोस्त सहित पांच लोगों की फरसा से काट कर हत्या कर दी। इसके बाद पत्नी और मामी पर भी हमला किया। लेकिन दोनों किसी तरह बच गईं। पिता ने रोका तो उनके हाथ में भी फरसा मार दिया। वह भी घायल हुए हैं।
हत्याओं को अंजाम देने के बाद खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। पिता ने कहा कि कर्ज न चुका पाने पर मानसिक रूप से परेशान था, इसीलिए हत्याकांड को अंजाम दिया है। हत्याकांड से गोकुलपुर गांव दहल गया। एडीजी और आईजी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति की जानकारी ली। एडीजी राजीव कृष्ण का कहना है कि जब तक घायलों को होश नहीं आ जाता तब तक हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सकता। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
पुलिस बल रहा तैनात
रविवार को थाना प्रभारी किशनी अनिल सिंह गांव पहुंचे और परिजन से बातचीत की। इसके साथ ही घटनास्थल का भी दोबारा निरीक्षण किया। थानाध्यक्ष कुर्रा अमित सिंह ने जैसे ही एक कमरे में नवविवाहिता जेवर बिखरे हुए देखे तो उन्हें एकत्र कर एक कमरे में रखने के बाद ताला डाल दिया। चाबी राशन विक्रेता हरेंद्र यादव को दे दी। सतर्कता को लेकर गांव में पुलिसकर्मी तैनात रहे।
रविवार को थाना प्रभारी किशनी अनिल सिंह गांव पहुंचे और परिजन से बातचीत की। इसके साथ ही घटनास्थल का भी दोबारा निरीक्षण किया। थानाध्यक्ष कुर्रा अमित सिंह ने जैसे ही एक कमरे में नवविवाहिता जेवर बिखरे हुए देखे तो उन्हें एकत्र कर एक कमरे में रखने के बाद ताला डाल दिया। चाबी राशन विक्रेता हरेंद्र यादव को दे दी। सतर्कता को लेकर गांव में पुलिसकर्मी तैनात रहे।