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वाह रे सिस्टम: मैनपुरी में पैसा वापस न करना पड़े इसलिए घोषित करा दिया मृत, पीड़ित बोला- जज साहब अभी जिंदा हूं

Mon, 06 Nov 2023 04:48 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Mon, 06 Nov 2023 04:48 PM IST
सार

मैनपुरी में पैसा वापस न करना पड़े इसलिए जीवित व्यक्ति को मृत घोषित करा दिया। पीड़ित बोला- जज साहब अभी मैं जिंदा हूं। 

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living person was declared dead so as not to have to return money In Mainpuri
Mainpuri News: श्यामवीर सिंह यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में जिला उपभोक्ता विवाद एवं प्रतितोष आयोग में सोमवार को पहुंचे एक आदमी ने आयोग के चेयरमैन से कहा कि जज साहब मैं अभी तक जिंदा हूं। शिकोहाबाद में बिजली विभाग में नौकरी करता हूं। तत्कालीन पीठासीन अधिकारी ने मुझे मृत बताकर मेरी फाइल बंद कर दी है। मेरी फाइल पर दोबारा सुनवाई करके मुझे न्याय दिलाया जाए। आयोग के चेयरमैन ने पुरानी पत्रावली तलब करके सुनवाई के लिए 18 नंवबर की तारीख तय कर दी है। 

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थाना दन्नाहार के जसवंतपुर सगौनी निवासी श्यामवीर सिंह यादव बिजली विभाग में शिकोहाबाद में नौकरी करते हैं। मैनपुरी में तैनाती के दौरान उन्होंने रामनरेश यादव से ईंट लेने के लिए एक लाख रुपया दिया था। इसके बाद रामनरेश ने न तो ईंट दी और न ही रुपया वापस किया। 
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इस पर श्यामवीर ने रामनरेश के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में 13 फरवरी 2015 को दावा दायर किया। आयोग के तत्कालीन चेयरमैन एससी कुलश्रेष्ठ ने 23 जून 2015 को श्यामवीर को एक लाख छह प्रतिशत ब्याज सहित और पांच हजार रुपये मानसिक कष्ट पहुंचाने के लिए क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए।

रामनरेश द्वारा रुपया नहीं देने पर आरसी के माध्यम से वसूली करने का आदेश डीएम को दिया। लेखपाल तथा तहसीलदार ने रिपोर्ट दी कि रामनरेश की मृत्यु हो चुकी है। ऐसे में वसूली कर पाना संभव नहीं है। तहसील की रिपोर्ट के बाद तत्कालीन चेयरमैन ने श्यमवीर को मृत बताकर पत्रावली बंद कर दी। इसी बीच श्यामवीर का तबादला मैनपुरी से शिकोहाबाद कार्यालय में कर दिया गया।


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सोमवार को श्यामवीर जिला उपभोक्ता विवाद एवं प्रतितोष आयोग में सोमवार को पहुंचे। अपने वकील के माध्यम से प्रार्थनापत्र दिया और बताया कि जज साहब वह अभी तक जिंदा हूं। मुझे गलत तरीके से मृत घोषित करके मेरी पत्रावली बंद कर दी गई है। जबकि रामनरेश की मृत्यु हुई है। उसने रामनरेश के पुत्रों से रुपये दिलाने की मांग की। 

जिला उपभोक्ता विवाद एवं प्रतितोष आयोग के चेयरमैन शशिभूषण पांडेय, सदस्य नीतिका दास ने श्यामवीर के तथ्यों के आधार पर उसको जिंदा तो मान लिया। लेकिन मामले की सुनवाई करने के लिए पुरानी पत्रावली तलब करके 18 नवंबर की तारीख सुनवाई करने के लिए तय कर दी है।

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