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लाइन में लगी बीमार महिला बेहोश होकर गिरी
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी।
Updated Tue, 20 Dec 2016 11:29 PM IST
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लाइन में लगी बीमार महिला बेहोश होकर गिरी
- फोटो : अमर उजाला
नोटबंदी के 42वें दिन भी जिले भर में बैंकों और एटीएम के बाहर लाइनें लगी रहीं। प्रधान संघ कुरावली ब्लाक अध्यक्ष ने बैंकों के डाटा तथा सीसीटीवी कैमरों की जांच कराने की मांग की है। वहीं भोगांव में लाइन में लगी एक बीमार महिला बेहोश होकर गिर पड़ी।
नोटबंदी से परेशान लोग बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं। नगला डाल निवासी कांति देवी बीमार चल रही हैं। वह भारतीय स्टेट बैंक में इलाज के लिए रुपये निकालने आई थीं। वह लाइन में काफी देर से लगी होने के कारण करीब दोपहर एक बजे बेहोश होकर गिर गईं। उसको बैंक में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया।
उधर, प्रधान संघ कुरावली के ब्लाक अध्यक्ष केशव सिंह यादव ने आरोप लगाया कि नोटबंदी के 42 दिन बीतने के बाद भी भारतीय स्टेट बैंक, बैंक आफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, ग्रामीण आर्यावर्त बैंक सहित उप डाकघरों की शाखाओं से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण बिना कैश के लौट रहे हैं। बैंक कर्मी कमीशन लेकर लोगों के काले धन को सफेद करने का काम कर रहे हैं। रिजर्व बैंक द्वारा भेजे गए रुपये ग्रामीणों को न देकर काले धन वालों को दिये जा रहे है ग्रामीणों से बैंक में कैश न होने का बहाना कर लौटा दिया जाता है। प्रधान केशव सिंह ने शासन से बैंकों के डाटा तथा सीसीटीवी कैमरों की जांच कराये जाने की मांग शासन से की है।
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नोटबंदी से परेशान लोग बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं। नगला डाल निवासी कांति देवी बीमार चल रही हैं। वह भारतीय स्टेट बैंक में इलाज के लिए रुपये निकालने आई थीं। वह लाइन में काफी देर से लगी होने के कारण करीब दोपहर एक बजे बेहोश होकर गिर गईं। उसको बैंक में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया।
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उधर, प्रधान संघ कुरावली के ब्लाक अध्यक्ष केशव सिंह यादव ने आरोप लगाया कि नोटबंदी के 42 दिन बीतने के बाद भी भारतीय स्टेट बैंक, बैंक आफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, ग्रामीण आर्यावर्त बैंक सहित उप डाकघरों की शाखाओं से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण बिना कैश के लौट रहे हैं। बैंक कर्मी कमीशन लेकर लोगों के काले धन को सफेद करने का काम कर रहे हैं। रिजर्व बैंक द्वारा भेजे गए रुपये ग्रामीणों को न देकर काले धन वालों को दिये जा रहे है ग्रामीणों से बैंक में कैश न होने का बहाना कर लौटा दिया जाता है। प्रधान केशव सिंह ने शासन से बैंकों के डाटा तथा सीसीटीवी कैमरों की जांच कराये जाने की मांग शासन से की है।
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