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लाइसेंस एक, चल रहे 12 से ज्यादा वाटर प्लांट
सोनम वारसी
Updated Thu, 27 Apr 2017 11:03 PM IST
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गर्मी में पानी पीकर प्यास बुझाता एक युवक।
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जिले में सफेद पानी का काला कारोबार हो रहा है। अधिकांश बीमारियों का कारण पानी होता है। ऐसे में स्वस्थ रहने के लिए लोग शुद्ध पानी की तलाश करते हैं। जिले में मिनरल वाटर के नाम पर पानी की बोतलों और पाउच की जमकर बिक्री हो रही है। शुद्ध पानी के चक्कर में लोग एक से दो पानी के जार (जिनकी क्षमता 15 से 20 लीटर) प्रतिदिन पीने के लिए घरों और दुकानों पर मंगा रहे हैं। इस पानी को भले ही शुद्ध मानकर लोग पी रहे हों लेकिन इसकी शुद्धता की भी कोई गारंटी नहीं है। लंबे समय से विभाग द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने के चलते इन पर अंकुश नहीं लग रहा है।
गर्मी में पानी की बिक्री बढ़ गई है। पानी की किल्लत और अशुद्ध पानी की समस्या से निजात पाने के लिए लोग बाजार में बिक रहे पानी को खरीद रहे हैं। पानी की बढ़ती मांग को देखकर पानी के प्लांटों की संख्या भी बढ़ी है। जिले में 12 से अधिक पानी प्लांट संचालित हैं। ग्राहकों को मिनरल वाटर देने का दावा करने वाले इन प्लांटों से आने वाले पानी में मिनरल की कोई गारंटी नहीं है। टीडीएस भी कई गुना अधिक है।
सूत्रों की मानें तो कारोबार बढ़ाने के चक्कर में कई प्लांटों पर तो सबमर्सिबल का सीधा पानी चिलर में डालकर पानी के जारों में भरकर बेचा जा रहा है। लोग पानी को मिनरल वाटर मान कर खरीद रहे हैं। लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले इन प्लांटों पर न तो नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने ही चेकिंग की और न ही प्रशासनिक अधिकारियों या खाद्य विभाग के अधिकारियों ने।
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सिर्फ एक के पास है वीआईएस प्रमाण पत्र
पानी का प्लांट खोलकर उससे पानी की बिक्री करने के लिए नियमानुसार वीआईएस (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड) प्रमाण पत्र लेना होता है। इसके लिए संबंधित विभाग पूरी जांच करने के बाद पानी शुद्ध पाए जाने पर ही प्रमाण पत्र जारी करता है। बिना प्रमाण पत्र के कारोबार करना गलत है लेकिन जिले में सिर्फ एक के पास ही वीआईएस है। अन्य किसी भी प्लांट पर वीआईएस प्रमाण पत्र नहीं है।
कई पाउच पर नहीं हैं पैकिंग और एक्सपायरी डेट
नियमानुसार पैक्ड पानी की बोतल और पाउच पर पानी की पैकिंग डेट तथा एक्सपायरी समय का उल्लेख किया जाना चाहिए, लेकिन कई पाउचों पर ऐसा नहीं किया जा रहा है। जिससे कई माह पुराने पाउचों की बिक्री भी की जा रही है।
इतनी मात्रा में होने चाहिए तत्व
तत्व का नाम कितनी मात्रा तक नार्मल
आयरन 0.5- एक मिग्रा तक
फ्लोराइड 0.4-एक मिग्रा तक
टीडीएस (टोटल डिजॉल्व सॉलिड) 500-1000 मिग्रा तक
दो को दिया नोटिस
बिना लाइसेंस के मिनरल वाटर के नाम पर पानी की बोतल और पाउच बेच रहे दो वाटर प्लांट के खिलाफ कार्रवाई की गई है। नगरपालिका के पीछे और किला बजरिया के पीछे चल रहे वाटर प्लांट के संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। इन पर मुकदमा चल रहा है।
अभी तक इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलती है तो शीघ्र ही कार्रवाई की जाती है। शीघ्र ही बड़े पैमाने पर वाटर प्लांटों पर छापामार कार्रवाई की जाएगी। यहां पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भी भेजा जाएगा। सैंपल में पानी शुद्ध न पाए जाने पर तथा पैकिंग डेट आदि न होने पर प्लांट संचालक के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
- जतिन कुमार, अभिहित अधिकारी, मैनपुरी
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गर्मी में पानी की बिक्री बढ़ गई है। पानी की किल्लत और अशुद्ध पानी की समस्या से निजात पाने के लिए लोग बाजार में बिक रहे पानी को खरीद रहे हैं। पानी की बढ़ती मांग को देखकर पानी के प्लांटों की संख्या भी बढ़ी है। जिले में 12 से अधिक पानी प्लांट संचालित हैं। ग्राहकों को मिनरल वाटर देने का दावा करने वाले इन प्लांटों से आने वाले पानी में मिनरल की कोई गारंटी नहीं है। टीडीएस भी कई गुना अधिक है।
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सूत्रों की मानें तो कारोबार बढ़ाने के चक्कर में कई प्लांटों पर तो सबमर्सिबल का सीधा पानी चिलर में डालकर पानी के जारों में भरकर बेचा जा रहा है। लोग पानी को मिनरल वाटर मान कर खरीद रहे हैं। लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले इन प्लांटों पर न तो नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने ही चेकिंग की और न ही प्रशासनिक अधिकारियों या खाद्य विभाग के अधिकारियों ने।
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सिर्फ एक के पास है वीआईएस प्रमाण पत्र
पानी का प्लांट खोलकर उससे पानी की बिक्री करने के लिए नियमानुसार वीआईएस (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड) प्रमाण पत्र लेना होता है। इसके लिए संबंधित विभाग पूरी जांच करने के बाद पानी शुद्ध पाए जाने पर ही प्रमाण पत्र जारी करता है। बिना प्रमाण पत्र के कारोबार करना गलत है लेकिन जिले में सिर्फ एक के पास ही वीआईएस है। अन्य किसी भी प्लांट पर वीआईएस प्रमाण पत्र नहीं है।
कई पाउच पर नहीं हैं पैकिंग और एक्सपायरी डेट
नियमानुसार पैक्ड पानी की बोतल और पाउच पर पानी की पैकिंग डेट तथा एक्सपायरी समय का उल्लेख किया जाना चाहिए, लेकिन कई पाउचों पर ऐसा नहीं किया जा रहा है। जिससे कई माह पुराने पाउचों की बिक्री भी की जा रही है।
इतनी मात्रा में होने चाहिए तत्व
तत्व का नाम कितनी मात्रा तक नार्मल
आयरन 0.5- एक मिग्रा तक
फ्लोराइड 0.4-एक मिग्रा तक
टीडीएस (टोटल डिजॉल्व सॉलिड) 500-1000 मिग्रा तक
दो को दिया नोटिस
बिना लाइसेंस के मिनरल वाटर के नाम पर पानी की बोतल और पाउच बेच रहे दो वाटर प्लांट के खिलाफ कार्रवाई की गई है। नगरपालिका के पीछे और किला बजरिया के पीछे चल रहे वाटर प्लांट के संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। इन पर मुकदमा चल रहा है।
अभी तक इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलती है तो शीघ्र ही कार्रवाई की जाती है। शीघ्र ही बड़े पैमाने पर वाटर प्लांटों पर छापामार कार्रवाई की जाएगी। यहां पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भी भेजा जाएगा। सैंपल में पानी शुद्ध न पाए जाने पर तथा पैकिंग डेट आदि न होने पर प्लांट संचालक के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
- जतिन कुमार, अभिहित अधिकारी, मैनपुरी