{"_id":"6a55228b4a44026d8d02d437","slug":"judicial-officers-found-deficiencies-at-the-state-run-childrens-home-mainpuri-news-c-174-1-sagr1036-162834-2026-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mainpuri News: न्यायिक अधिकारियों को राजकीय बालगृह में मिलीं कमियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mainpuri News: न्यायिक अधिकारियों को राजकीय बालगृह में मिलीं कमियां
Mon, 13 Jul 2026 11:08 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Updated Mon, 13 Jul 2026 11:08 PM IST
विज्ञापन
मैनपुरी। जिला जज व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष रूपेश रंजन द्वारा गठित न्यायिक अधिकारियों की टीम ने सोमवार को राजकीय बालगृह आगरा का निरीक्षण किया। निरीक्षण में समिति के अध्यक्ष अपर जनपद न्यायाधीश विष्णु कुमार मिश्रा, अपर जनपद न्यायाधीश एफटीसी प्रथम कुलदीप सिंह तृतीय, समिति सचिव नूतन चौहान मौजूद रहीं।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी अधीक्षक ने बताया कि राजकीय बालगृह में 0 से 10 साल तक के बच्चों को आश्रित किया जाता है। बालगृह में मैनपुरी के दो बच्चे रह रहे हैं। स्टाफ ने बताया कि एक बच्चा है, जिसे दिखाई नहीं देता और शरीर भी पूरी तरह से कार्य नहीं कर रहा है। उसको मिर्गी के दौरे आते हैं। एक बच्ची का वजन कराया गया तो वह पूर्व में किए गए निरीक्षण से कम पाया गया। बच्ची को खाने में क्या क्या दिया गया, इसका विवरण नहीं मिला। न ही मैन्यू मिल सका।
निरीक्षण में पाया कि मच्छर काफी पनप रहे हैं, बचाव के लिए कोई साधन उपलब्ध नहीं है। न हीं मच्छरों को भगाने के लिये किसी रासायनिक कीटनाशक का छिड़काव कराया गया। स्थिति को सुधारने के निर्देश दिए गए। शिशु गृह में 4-5 कैमरे कार्य नहीं कर रहे थे, जो दो कार्य कर रहे थे। उनकी वीडियो धुंधली आ रही थी। पूर्व में सुधार के निर्देश दिए गए थे। मगर उस पर कोई अमल नहीं किया गया।
विज्ञापन
प्रभारी अधीक्षक को दोबारा सुधार के निर्देश दिए गए। पाकशाला में सफाई का अभाव मिला, दोपहर का भोजन भी मैन्यू के अनुसार नहीं था। भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण में पाया कि वर्ष 2023 से शिशु गृह में पूर्णकालिक अध्यक्ष नहीं हैं। कनिष्क लिपिक बेटा सिंह ही प्रभारी अधीक्षक का कार्य देख रहे हैं।
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान प्रभारी अधीक्षक ने बताया कि राजकीय बालगृह में 0 से 10 साल तक के बच्चों को आश्रित किया जाता है। बालगृह में मैनपुरी के दो बच्चे रह रहे हैं। स्टाफ ने बताया कि एक बच्चा है, जिसे दिखाई नहीं देता और शरीर भी पूरी तरह से कार्य नहीं कर रहा है। उसको मिर्गी के दौरे आते हैं। एक बच्ची का वजन कराया गया तो वह पूर्व में किए गए निरीक्षण से कम पाया गया। बच्ची को खाने में क्या क्या दिया गया, इसका विवरण नहीं मिला। न ही मैन्यू मिल सका।
विज्ञापन
निरीक्षण में पाया कि मच्छर काफी पनप रहे हैं, बचाव के लिए कोई साधन उपलब्ध नहीं है। न हीं मच्छरों को भगाने के लिये किसी रासायनिक कीटनाशक का छिड़काव कराया गया। स्थिति को सुधारने के निर्देश दिए गए। शिशु गृह में 4-5 कैमरे कार्य नहीं कर रहे थे, जो दो कार्य कर रहे थे। उनकी वीडियो धुंधली आ रही थी। पूर्व में सुधार के निर्देश दिए गए थे। मगर उस पर कोई अमल नहीं किया गया।
विज्ञापन
प्रभारी अधीक्षक को दोबारा सुधार के निर्देश दिए गए। पाकशाला में सफाई का अभाव मिला, दोपहर का भोजन भी मैन्यू के अनुसार नहीं था। भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण में पाया कि वर्ष 2023 से शिशु गृह में पूर्णकालिक अध्यक्ष नहीं हैं। कनिष्क लिपिक बेटा सिंह ही प्रभारी अधीक्षक का कार्य देख रहे हैं।