{"_id":"57069a684f1c1b3820c812d7","slug":"jile-kee-koee-baink-surakshit-nahin","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले की कोई बैंक सुरक्षित नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले की कोई बैंक सुरक्षित नहीं
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Thu, 07 Apr 2016 11:18 PM IST
विज्ञापन
बातचीत
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केनरा बैंक डकैती के बाद हरकत में आए पुलिस विभाग के अधिकारियों की जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। वह यह है कि जिले की किसी भी शाखा में मानक के अनुसार सुरक्षा के प्रबंध नहीं हैं। इस पर एएसपी ने सभी बैंक मैनेजर को नोटिस थमाने के साथ ही एलडीएम को भी पत्र लिखा है। इसमें सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने की बात कही है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को दिनदहाड़े बदमाशों ने केनरा बैंक में डकैती डाली थी। बदमाश लगभग 20 लाख रुपये कैश ले गए थे। वारदात के बाद अधिकारियों ने आनन-फानन में शहर से लेकर देहात क्षत्रों तक स्थित बैंक शाखाओं का निरीक्षण कर डाला। इसकी जिम्मेदारी सभी थानाध्यक्षों को दी गई। इसके बाद बुधवार को जो रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी वह काफी चौंकाने वाली थी। रिपोर्ट में यह पता चला कि जिले में स्थित लगभग 121 शाखाओं में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। बैंक अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि शाखाओं में आरबीआई के सुरक्षा मानकों तक का पालन नहीं किया गया है।
रिपोर्ट मिलने के बाद हरकत में आए एएसपी दिगंबर कुशवाह ने सभी बैंक मैनेजरों को पुलिस विभाग का नोटिस थमा दिया है। इसमें कहा गया है कि वे अपनी शाखाओं में आरबीआई के सुरक्षा मानकों का ध्यान रखें। साथ ही बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को भी सूचित किया गया है। इस संबंध में एलडीएम वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि एएसपी दिगंबर कुशवाह का पत्र मिला है। उसके बाद सभी बैंक शाखाओं के मैनेजर को पत्र लिखकर सुरक्षा मानकों का पालन करने की बात कही गई है।
विज्ञापन
संदिग्ध युवक निकला गणेशपुरा का ठेकेदार
स्वयं मिलने पहुंचा एएसपी से, पुलिस कर रही जांच
मैनपुरी। डकैती की वारदात के खोलने की जल्दी में पुलिस द्वारा संदिग्ध बताया जा रहा युवक वास्तव में गणेशपुरा का ठेकेदार सर्वेश यादव निकला। सुबह समाचार पत्रों में खबर और फोटो देखकर वह घबरा गया। आनन-फानन में सीधे एएसपी कार्यालय पहुंचा। वहां उसने बताया कि वह राजकीय ठेकेदार है। उस दिन वह पैसे लेने के लिए बैंक गया था। वहां वारदात की उसे जानकारी तक नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने पूछताछ के बाद उसे जाने दिया। वहीं सूत्र बताते हैं कि अब उसका पिछला रिकार्ड भी दिखवाया जा रहा है। ताकि वास्तविकता का पता लगाया जा सके।
बेवर में बैंकों में हुई चेकिंग
बेवर। मैनपुरी में हुई बैंक डकैती के बाद एएसपी के निर्देश पर थाना बेवर क्षेत्र में स्थित बैंकों की चेकिंग हुई। इस दौरान थानाध्यक्ष ने बैंकों की व्यवस्थाएं परखीं। उन्होंने बेवर के भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक, समेत समस्त बैंकों की शाखाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हाेंने शाखा पर लगे सीसीटीवी कैमरों, सायरन, हूटर की जांच की। बैंक की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों को पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्हाेंने शाखा प्रबंधकों को बताया कि संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखें।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि सोमवार को दिनदहाड़े बदमाशों ने केनरा बैंक में डकैती डाली थी। बदमाश लगभग 20 लाख रुपये कैश ले गए थे। वारदात के बाद अधिकारियों ने आनन-फानन में शहर से लेकर देहात क्षत्रों तक स्थित बैंक शाखाओं का निरीक्षण कर डाला। इसकी जिम्मेदारी सभी थानाध्यक्षों को दी गई। इसके बाद बुधवार को जो रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी वह काफी चौंकाने वाली थी। रिपोर्ट में यह पता चला कि जिले में स्थित लगभग 121 शाखाओं में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। बैंक अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि शाखाओं में आरबीआई के सुरक्षा मानकों तक का पालन नहीं किया गया है।
विज्ञापन
रिपोर्ट मिलने के बाद हरकत में आए एएसपी दिगंबर कुशवाह ने सभी बैंक मैनेजरों को पुलिस विभाग का नोटिस थमा दिया है। इसमें कहा गया है कि वे अपनी शाखाओं में आरबीआई के सुरक्षा मानकों का ध्यान रखें। साथ ही बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को भी सूचित किया गया है। इस संबंध में एलडीएम वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि एएसपी दिगंबर कुशवाह का पत्र मिला है। उसके बाद सभी बैंक शाखाओं के मैनेजर को पत्र लिखकर सुरक्षा मानकों का पालन करने की बात कही गई है।
विज्ञापन
संदिग्ध युवक निकला गणेशपुरा का ठेकेदार
स्वयं मिलने पहुंचा एएसपी से, पुलिस कर रही जांच
मैनपुरी। डकैती की वारदात के खोलने की जल्दी में पुलिस द्वारा संदिग्ध बताया जा रहा युवक वास्तव में गणेशपुरा का ठेकेदार सर्वेश यादव निकला। सुबह समाचार पत्रों में खबर और फोटो देखकर वह घबरा गया। आनन-फानन में सीधे एएसपी कार्यालय पहुंचा। वहां उसने बताया कि वह राजकीय ठेकेदार है। उस दिन वह पैसे लेने के लिए बैंक गया था। वहां वारदात की उसे जानकारी तक नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने पूछताछ के बाद उसे जाने दिया। वहीं सूत्र बताते हैं कि अब उसका पिछला रिकार्ड भी दिखवाया जा रहा है। ताकि वास्तविकता का पता लगाया जा सके।
बेवर में बैंकों में हुई चेकिंग
बेवर। मैनपुरी में हुई बैंक डकैती के बाद एएसपी के निर्देश पर थाना बेवर क्षेत्र में स्थित बैंकों की चेकिंग हुई। इस दौरान थानाध्यक्ष ने बैंकों की व्यवस्थाएं परखीं। उन्होंने बेवर के भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक, समेत समस्त बैंकों की शाखाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हाेंने शाखा पर लगे सीसीटीवी कैमरों, सायरन, हूटर की जांच की। बैंक की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों को पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्हाेंने शाखा प्रबंधकों को बताया कि संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखें।