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जेल में सोबरन पर कड़ी निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Thu, 02 Mar 2017 11:39 PM IST
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मृतका ममता व सोबरन सिंह का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद सोबरन सिंह को जिला जेल में कड़ी निगरानी में रखा गया है। उसके बच्चे और ससुरालीजन खुश हैं। जैसी करनी वैसी भरनी की बात कहकर वह कोर्ट के निर्णय पर खुशी जता रहे हैं।
थाना करहल के रूपपुर निवासी सोबरन प्रजापति को पत्नी ममता तथा बेटी सपना की हत्या करने के आरोप में बुधवार को अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) गुरुप्रीत सिंह बाबा ने फांसी की सजा सुनाई है। बुधवार की शाम वह कोर्ट से जब जेल पहुंचा तो बेहद शांत नजर आया। सीधे बैरक में जाकर वह लेट गया। फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद जेल नियमों के मुताबिक उसको कड़ी निगरानी में रखा गया है।
करवटें बदलकर गुजारी पहली रात
मैनपुरी (ब्यूरो)। सोबरन की जेल में पहली रात बेचैनी के साथ गुजरी। कोर्ट से गुमसुम हालत में जेल पहुंचे सोबरन ने अनमने मन से खाना खाया। वह रात भर करवटें ही बदलता रहा। बैरक में बंद अन्य कैदियों से कोई बात नहीं की। गुरुवार की सुबह भी वह शांत ही नजर आया। उसको जेल की बैरक नंबर दो में रखा गया है। इस बैरक में फांसी की सजा पाए दो हत्यारोपी पहले से बंद हैं।
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मुझे नहीं देखना पापा का चेहरा
मैनपुरी (ब्यूरो)। मां और बहन की हत्या की चश्मदीद गवाह मासूम पूनम अपने पिता सोबरन का चेहरा तक नहीं देखना चाहती है। रिश्ते की दादी के घर नगला पजाबा में रह रही पूनम कक्षा तीन की छात्रा है। उसका कहना है पापा शराब पीकै जानवर हुइ जात हैं। हमाए पापा तो जानवर सै ऊ खराब हैं। जानवर तक अपने बच्चा पालत है। पापा को जल्दी ई फांसी पै लटकाए दओ जाए। तबई मम्मी की आत्मा को शांती मिलयै।
बच्चों से मिलने आए नाना-नानी
मैनपुरी (ब्यूरो)। पुत्री ममता की हत्या में दामाद को फांसी की सजा होने की बात सुनकर गुरुवार की सुबह ममता के पिता सतीशचंद्र बहन सुदामादेवी के घर आए। सुदामा के पास ममता के बच्चे रुके हुए हैं। सतीश के साथ उनकी पत्नी तारावती भी थीं। दामाद को फांसी की सजा मिलने के बाद दोनों खुश हैं। उनका कहना है जैसो करो वैसोई भरो है। फांसी की सजा सुनाने वाले जज को दोनों भगवान जैसा मान रहे हैं।
भाई से नहीं है कोई वास्ता
मैनपुरी (ब्यूरो)। सोबरन के भाई पन्नालाल कई सालों से अलग मकान बनाकर रहते हैं। उनका अपने भाई सोबरन से कोई वास्ता नहीं है। सोबरन को फांसी की सजा होने की जानकारी उनको गुरुवार की सुबह गांव वालों ने अखबार में छपी खबर के बाद दी। उनका कहना था सोबरन ने शराब पीने की आदत के चलते सब कुछ बर्बाद कर दिया। पत्नी और एक पुत्री की हत्या कर दी। छोटे चार बच्चों को भटका दिया है। घटना के बाद से बच्चे अपनी ननिहाल में ही रह रहे हैं।
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थाना करहल के रूपपुर निवासी सोबरन प्रजापति को पत्नी ममता तथा बेटी सपना की हत्या करने के आरोप में बुधवार को अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) गुरुप्रीत सिंह बाबा ने फांसी की सजा सुनाई है। बुधवार की शाम वह कोर्ट से जब जेल पहुंचा तो बेहद शांत नजर आया। सीधे बैरक में जाकर वह लेट गया। फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद जेल नियमों के मुताबिक उसको कड़ी निगरानी में रखा गया है।
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करवटें बदलकर गुजारी पहली रात
मैनपुरी (ब्यूरो)। सोबरन की जेल में पहली रात बेचैनी के साथ गुजरी। कोर्ट से गुमसुम हालत में जेल पहुंचे सोबरन ने अनमने मन से खाना खाया। वह रात भर करवटें ही बदलता रहा। बैरक में बंद अन्य कैदियों से कोई बात नहीं की। गुरुवार की सुबह भी वह शांत ही नजर आया। उसको जेल की बैरक नंबर दो में रखा गया है। इस बैरक में फांसी की सजा पाए दो हत्यारोपी पहले से बंद हैं।
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मुझे नहीं देखना पापा का चेहरा
मैनपुरी (ब्यूरो)। मां और बहन की हत्या की चश्मदीद गवाह मासूम पूनम अपने पिता सोबरन का चेहरा तक नहीं देखना चाहती है। रिश्ते की दादी के घर नगला पजाबा में रह रही पूनम कक्षा तीन की छात्रा है। उसका कहना है पापा शराब पीकै जानवर हुइ जात हैं। हमाए पापा तो जानवर सै ऊ खराब हैं। जानवर तक अपने बच्चा पालत है। पापा को जल्दी ई फांसी पै लटकाए दओ जाए। तबई मम्मी की आत्मा को शांती मिलयै।
बच्चों से मिलने आए नाना-नानी
मैनपुरी (ब्यूरो)। पुत्री ममता की हत्या में दामाद को फांसी की सजा होने की बात सुनकर गुरुवार की सुबह ममता के पिता सतीशचंद्र बहन सुदामादेवी के घर आए। सुदामा के पास ममता के बच्चे रुके हुए हैं। सतीश के साथ उनकी पत्नी तारावती भी थीं। दामाद को फांसी की सजा मिलने के बाद दोनों खुश हैं। उनका कहना है जैसो करो वैसोई भरो है। फांसी की सजा सुनाने वाले जज को दोनों भगवान जैसा मान रहे हैं।
भाई से नहीं है कोई वास्ता
मैनपुरी (ब्यूरो)। सोबरन के भाई पन्नालाल कई सालों से अलग मकान बनाकर रहते हैं। उनका अपने भाई सोबरन से कोई वास्ता नहीं है। सोबरन को फांसी की सजा होने की जानकारी उनको गुरुवार की सुबह गांव वालों ने अखबार में छपी खबर के बाद दी। उनका कहना था सोबरन ने शराब पीने की आदत के चलते सब कुछ बर्बाद कर दिया। पत्नी और एक पुत्री की हत्या कर दी। छोटे चार बच्चों को भटका दिया है। घटना के बाद से बच्चे अपनी ननिहाल में ही रह रहे हैं।