{"_id":"0970bdaa190698cb76ac866fe0bd0c53","slug":"if-the-power-of-heat-tormented-cry-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्मी ने सताया तो बिजली ने रुलाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्मी ने सताया तो बिजली ने रुलाया
Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
Published by: Anonymous User
Updated Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
विज्ञापन
मैनपुरी। आग उगलते सूरज और लू की तपन ने सभी को बेहाल कर रखा है। भीषण गर्मी और लू के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। सुबह नौ बजे से ही तेज धूप और लू के झोके शुरू हो जाते हैं।
पिछले एक सप्ताह से गर्मी लोगों पर कहर बनकर टूट रही है। सुबह से लेकर देर शाम तक लोग गर्मी से परेशान नजर आ रहे हैं। बढ़ा तापमान आम आदमी की दिनचर्या प्रभावित कर रहा है। सबसे अधिक परेशान बाजारों के दुकानदार नजर आ रहे हैं। पूर्वाह्न 11 बजे से शाम चार बजे तक बाजारों में सन्नाटा सा पसरा रहता है। दोपहर में अक्सर बिजली गुल हो जाने से दुकानदारों को और भी परेशानी उठानी पड़ती है। आवश्यक कार्यों से घर से निकलने वाले लोग धूप और लू से बचाव के तरीके तो अपना रहे हैं लेकिन उनसे भी राहत नहीं मिल पा रही है। धूप और लू ने किसानों की भी परेशानी बढ़ाई है। बढ़े तापमान से जायद की फसलें सूख रहीं हैं और धान की नर्सरी के लिए बुवाई का काम शुरू नहीं हो सका है। गर्मी और लू के कारण किसान खेतों में काम भी नहीं कर पा रहे हैं।
बिजली कटौती ने और बढ़ाई मुश्किल
मैनपुरी। भीषण गर्मी के बीच बिजली की अघोषित कटौती ने मुश्किल और बढ़ा दी है। शहर में जहां चार-पांच घंटे बिजली की कटौती झेलनी पड़ रही है वहीं कस्बों और देहातों में तो 10 घंटे से अधिक बिजली गुल रहती है। चरमराई विद्युत व्यवस्था का सीधा असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा है।
विज्ञापन
जर्जर विद्युत तार और उपकरण के साथ ही कम सामर्थ्य के ट्रांसफार्मर होने के चलते लोगों को अघोषित विद्युत कटौती का सामना करना पड़ रहा है। तकनीकी कमी का खमियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। शहर में बिजली कब आएगी और कब जाएगी यह विभागीय अधिकारी भी नहीं बता पा रहे हैं। शहर के अधिकांश ट्रांसफार्मर ओवरलोड है। ओवर लोडिंग के चलते कई मोहल्लों में कटौती और कम वोल्टेज की समस्या भी बनी हुई है। कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर तारों में आए दिन फाल्ट होते रहते हैं। ग्रामीण इलाकों में तो कई बार तो फाल्ट होने या फिर ट्रांसफार्मर खराब होने की स्थिति में कई-कई दिनों तक बिजली ही नहीं मिलती। अधिशासी अभियंता वीपी कठेरिया का कहना है कि तकनीकी कमियों को दूर कराया जा रहा है।
पेयजल संकट भी गहराया
भीषण गर्मी और बिजली की बढ़ी कटौती के चलते पीने के पानी की किल्लत बढ़ती ही जा रही है। सोतियाना, चौथियाना, बागवान, पुरोहिताना, कटरा, भरतवाल, गुलाब बाग इलाके के लोगों की मानें तो उन्हें पूरे दिन में एक घंटे भी पानी नहीं मिल रहा है। इन ऊंचाई वाले इलाकों में पानी का प्रेशर इतना कम होता है कि मकानों तक पानी नहीं पहुंच पाता। न्यू अग्रवाल, गाड़ीवान, महमूद नगर में भी पानी की किल्लत बनी हुई है। सार्वजनिक हैंडपंपों पर लाइनें लगाना लोगों की मजबूरी बन गई है। पानी नहीं मिलने से परेशान लोगों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। लोगों का गुस्सा कब सड़कों पर आकर फूट पड़े कहा नहीं जा सकता।
विज्ञापन
पिछले एक सप्ताह से गर्मी लोगों पर कहर बनकर टूट रही है। सुबह से लेकर देर शाम तक लोग गर्मी से परेशान नजर आ रहे हैं। बढ़ा तापमान आम आदमी की दिनचर्या प्रभावित कर रहा है। सबसे अधिक परेशान बाजारों के दुकानदार नजर आ रहे हैं। पूर्वाह्न 11 बजे से शाम चार बजे तक बाजारों में सन्नाटा सा पसरा रहता है। दोपहर में अक्सर बिजली गुल हो जाने से दुकानदारों को और भी परेशानी उठानी पड़ती है। आवश्यक कार्यों से घर से निकलने वाले लोग धूप और लू से बचाव के तरीके तो अपना रहे हैं लेकिन उनसे भी राहत नहीं मिल पा रही है। धूप और लू ने किसानों की भी परेशानी बढ़ाई है। बढ़े तापमान से जायद की फसलें सूख रहीं हैं और धान की नर्सरी के लिए बुवाई का काम शुरू नहीं हो सका है। गर्मी और लू के कारण किसान खेतों में काम भी नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन
बिजली कटौती ने और बढ़ाई मुश्किल
मैनपुरी। भीषण गर्मी के बीच बिजली की अघोषित कटौती ने मुश्किल और बढ़ा दी है। शहर में जहां चार-पांच घंटे बिजली की कटौती झेलनी पड़ रही है वहीं कस्बों और देहातों में तो 10 घंटे से अधिक बिजली गुल रहती है। चरमराई विद्युत व्यवस्था का सीधा असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा है।
विज्ञापन
जर्जर विद्युत तार और उपकरण के साथ ही कम सामर्थ्य के ट्रांसफार्मर होने के चलते लोगों को अघोषित विद्युत कटौती का सामना करना पड़ रहा है। तकनीकी कमी का खमियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। शहर में बिजली कब आएगी और कब जाएगी यह विभागीय अधिकारी भी नहीं बता पा रहे हैं। शहर के अधिकांश ट्रांसफार्मर ओवरलोड है। ओवर लोडिंग के चलते कई मोहल्लों में कटौती और कम वोल्टेज की समस्या भी बनी हुई है। कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर तारों में आए दिन फाल्ट होते रहते हैं। ग्रामीण इलाकों में तो कई बार तो फाल्ट होने या फिर ट्रांसफार्मर खराब होने की स्थिति में कई-कई दिनों तक बिजली ही नहीं मिलती। अधिशासी अभियंता वीपी कठेरिया का कहना है कि तकनीकी कमियों को दूर कराया जा रहा है।
पेयजल संकट भी गहराया
भीषण गर्मी और बिजली की बढ़ी कटौती के चलते पीने के पानी की किल्लत बढ़ती ही जा रही है। सोतियाना, चौथियाना, बागवान, पुरोहिताना, कटरा, भरतवाल, गुलाब बाग इलाके के लोगों की मानें तो उन्हें पूरे दिन में एक घंटे भी पानी नहीं मिल रहा है। इन ऊंचाई वाले इलाकों में पानी का प्रेशर इतना कम होता है कि मकानों तक पानी नहीं पहुंच पाता। न्यू अग्रवाल, गाड़ीवान, महमूद नगर में भी पानी की किल्लत बनी हुई है। सार्वजनिक हैंडपंपों पर लाइनें लगाना लोगों की मजबूरी बन गई है। पानी नहीं मिलने से परेशान लोगों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। लोगों का गुस्सा कब सड़कों पर आकर फूट पड़े कहा नहीं जा सकता।